{"_id":"5a2462104f1c1b6e468b82da","slug":"201512333840-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केसरिया लहर वास्तव में भारतीयता के जागरण का उषा काल: तरुण","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
केसरिया लहर वास्तव में भारतीयता के जागरण का उषा काल: तरुण
Updated Mon, 04 Dec 2017 02:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केसरिया लहर वास्तव में भारतीयता के जागरण का उषा काल : तरुण
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पत्रिका पांचजन्य के पूर्व संपादक एवं पूर्व राज्य सभा सांसद तरुण विजय ने कहा कि आज का केसरिया लहर वास्तव में भारत की भारतीयता के जागरण का उषा काल है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या (प्रतीक) को स्पर्श करते हुए जो केसरिया बयार बही है, वह अब गुजरात में हर-हर महादेव सोमनाथ से होती हुई सीधे हिमाचल में जाएगी।
श्री विजय रविवार को आरएसएस द्वारा संचालित केशव सेवा समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने यहां आए थे। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में 16 में से 14 मेयर पद पर भाजपा की जीत का पूरा असर गुजरात में पड़ेगा।
उन्होंने सिविल सेवा का पृथक जनजातीय कैडर बनाने की वकालत की और कहा कि जब यूपी कैडर है, इंडियन इन्फारर्मेशन एवं इंडियन फाइनेंस कैडर है तो इंडियन ट्राइवल कैडर क्यों नहीं बन सकता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में ऐसे युवकों को भेजने की जरूरत है जो क्षेत्र की समस्याओं को लेकर संवेदनशील हो। कई बार जनजातीय क्षेत्र में ऐसे अधिकारी चले जाते हैं जो अपनी पोस्टिंग को सजा के रूप में देखते हैं। सिविल सर्विसेज के सर्वश्रेष्ठ अधिकारियों को इन क्षेत्रों में जाना चाहिए, क्याेंकि 8 प्रतिशत जनजाति है और 98 प्रतिशत आतंकवाद, विद्रोह एवं अलगाववाद इन्हीं क्षेत्रों में है।
इसलिए कैडर बनने पर ऐसे लोग जाएंगे जो क्षेत्र के प्रति संवेदनशील होंगे और समस्याओं के संबंध में गहरी समझ रखते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश होनी चाहिए कि पूर्वोत्तर क्षेत्र अछूता नहीं रहे। इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक भारतीयों को अपनी छुट्टी, हनीमून एवं बच्चों के तीर्थाटन के लिए जाना चाहिए।
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पत्रिका पांचजन्य के पूर्व संपादक एवं पूर्व राज्य सभा सांसद तरुण विजय ने कहा कि आज का केसरिया लहर वास्तव में भारत की भारतीयता के जागरण का उषा काल है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या (प्रतीक) को स्पर्श करते हुए जो केसरिया बयार बही है, वह अब गुजरात में हर-हर महादेव सोमनाथ से होती हुई सीधे हिमाचल में जाएगी।
श्री विजय रविवार को आरएसएस द्वारा संचालित केशव सेवा समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने यहां आए थे। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में 16 में से 14 मेयर पद पर भाजपा की जीत का पूरा असर गुजरात में पड़ेगा।
विज्ञापन
उन्होंने सिविल सेवा का पृथक जनजातीय कैडर बनाने की वकालत की और कहा कि जब यूपी कैडर है, इंडियन इन्फारर्मेशन एवं इंडियन फाइनेंस कैडर है तो इंडियन ट्राइवल कैडर क्यों नहीं बन सकता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में ऐसे युवकों को भेजने की जरूरत है जो क्षेत्र की समस्याओं को लेकर संवेदनशील हो। कई बार जनजातीय क्षेत्र में ऐसे अधिकारी चले जाते हैं जो अपनी पोस्टिंग को सजा के रूप में देखते हैं। सिविल सर्विसेज के सर्वश्रेष्ठ अधिकारियों को इन क्षेत्रों में जाना चाहिए, क्याेंकि 8 प्रतिशत जनजाति है और 98 प्रतिशत आतंकवाद, विद्रोह एवं अलगाववाद इन्हीं क्षेत्रों में है।
इसलिए कैडर बनने पर ऐसे लोग जाएंगे जो क्षेत्र के प्रति संवेदनशील होंगे और समस्याओं के संबंध में गहरी समझ रखते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश होनी चाहिए कि पूर्वोत्तर क्षेत्र अछूता नहीं रहे। इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक भारतीयों को अपनी छुट्टी, हनीमून एवं बच्चों के तीर्थाटन के लिए जाना चाहिए।