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साहब, भूमाफिया ने मेरे प्लाट पर बना लिया पेट्रोल पंप
Updated Thu, 11 Oct 2018 01:09 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़। जिला रामपुर की एक बेवा ने एक बसपा नेता पर उसका प्लाट घेरकर पेट्रोल पंप खोलने का आरोप लगाया है। इस मामले में वह मय कागजात डीएम से मिली और जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। इधर बसपा नेता मो.सगीर ने महिला के आरोपों को बेबुनियाद ठहराते हुए कहा कि उन्होंने पंप के लिए जमीन तहसील द्वारा की गई नीलामी में खरीदी है।
फिरंगी गली मोती मस्जिद जिला रामपुर निवासी वेबा तसलीम सांमरी ने डीएम से मुलाकात कर बताया कि मेरा प्लाट ग्राम महेशपुर तहसील कोल के गाटा संख्या 128 में है। इस प्लाट को मेरे पति मो. तहकीक निवासी फिरंगी गली निकट मोती मस्जिद रामपुर ने गुलमर्ग आवास गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड के सचिव अली मोहम्मद पुत्र मुंशी खां निवासी बादामनगर जमालपुर माफी से 22 जून 1989 में खरीदा था। उस दौरान मेरे पति और मैं जद्दाह सऊदी अरब में रहते थे। खरीद के बाद पति ने प्लाट में बाउंड्रीवाल करा दी थी। दिसंबर 2006 में खबर मिली कि एक बसपा नेता मो.सगीर ने उसके प्लाट में पेट्रोल पंप का निर्माण शुरू करा दिया है। उसके पति ने दूतावास के माध्यम से तत्कालीन जिलाधिकारी से शिकायत की। डीएम ने मामला तत्कालीन एडीएम सिटी को सुपुर्द कर दिया।
लेकिन उक्त भूमाफिया ने एडीएम से सेटिंग कर प्लाट पर कब्जा कर लिया। इस दौरान उन्होंने दर्जनों शिकायतें की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच उनके पति की मृत्यु हो गई। यह दर्द है । जो उन्होंने बुधवार को डीएम के समक्ष व्यक्त किया। उन्होंने डीएम से जांच कराकर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इधर पेट्रोल पंप स्वामी व बसपा नेता मो.सगीर ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि गाटा संख्या 131, 136 व 134 की जमीन राजस्व विभाग ने नीलाम कर बेची थी और उन्हें चिन्हित कर कब्जा दिया था। मैने पूरी औपचारिकता करके ही पंप बनवाया है।
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जहां तक आरोप लगाने वाली महिला का सवाल है तो संभवत: उन्होंने जमीन किसी जमीनों का काम करने वाले फर्जी व्यक्ति से खरीदी होगी। इसका उनके पंप से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने बुधवार को डीएम से मुलाकात कर कागज दिखा दिये हैं। उन्होंने इसे उन्हें बदनाम करने की साजिश करार दिया।
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अलीगढ़। जिला रामपुर की एक बेवा ने एक बसपा नेता पर उसका प्लाट घेरकर पेट्रोल पंप खोलने का आरोप लगाया है। इस मामले में वह मय कागजात डीएम से मिली और जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। इधर बसपा नेता मो.सगीर ने महिला के आरोपों को बेबुनियाद ठहराते हुए कहा कि उन्होंने पंप के लिए जमीन तहसील द्वारा की गई नीलामी में खरीदी है।
फिरंगी गली मोती मस्जिद जिला रामपुर निवासी वेबा तसलीम सांमरी ने डीएम से मुलाकात कर बताया कि मेरा प्लाट ग्राम महेशपुर तहसील कोल के गाटा संख्या 128 में है। इस प्लाट को मेरे पति मो. तहकीक निवासी फिरंगी गली निकट मोती मस्जिद रामपुर ने गुलमर्ग आवास गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड के सचिव अली मोहम्मद पुत्र मुंशी खां निवासी बादामनगर जमालपुर माफी से 22 जून 1989 में खरीदा था। उस दौरान मेरे पति और मैं जद्दाह सऊदी अरब में रहते थे। खरीद के बाद पति ने प्लाट में बाउंड्रीवाल करा दी थी। दिसंबर 2006 में खबर मिली कि एक बसपा नेता मो.सगीर ने उसके प्लाट में पेट्रोल पंप का निर्माण शुरू करा दिया है। उसके पति ने दूतावास के माध्यम से तत्कालीन जिलाधिकारी से शिकायत की। डीएम ने मामला तत्कालीन एडीएम सिटी को सुपुर्द कर दिया।
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लेकिन उक्त भूमाफिया ने एडीएम से सेटिंग कर प्लाट पर कब्जा कर लिया। इस दौरान उन्होंने दर्जनों शिकायतें की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच उनके पति की मृत्यु हो गई। यह दर्द है । जो उन्होंने बुधवार को डीएम के समक्ष व्यक्त किया। उन्होंने डीएम से जांच कराकर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इधर पेट्रोल पंप स्वामी व बसपा नेता मो.सगीर ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि गाटा संख्या 131, 136 व 134 की जमीन राजस्व विभाग ने नीलाम कर बेची थी और उन्हें चिन्हित कर कब्जा दिया था। मैने पूरी औपचारिकता करके ही पंप बनवाया है।
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जहां तक आरोप लगाने वाली महिला का सवाल है तो संभवत: उन्होंने जमीन किसी जमीनों का काम करने वाले फर्जी व्यक्ति से खरीदी होगी। इसका उनके पंप से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने बुधवार को डीएम से मुलाकात कर कागज दिखा दिये हैं। उन्होंने इसे उन्हें बदनाम करने की साजिश करार दिया।