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सपा नेता सलमान पर पहले हमला, अब खत से धमकी
Updated Sat, 28 Jul 2018 02:16 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव सलमान शाहिद इन दिनों अपराधियों के निशोन पर हैं। शाहिद पर एक माह पहले सहावर कासगंज में हमला हुआ था और अब उन्हें टाइपशुदा खत के जरिये धमकी मिली है। इसे लेकर उन्होंने एसएसपी से मुलाकात की, जिस पर सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। यह खत किसी मेरठ के व्यक्ति ने बुलंदशहर से रजिस्टर्ड डाक के जरिये भेजा है।
सरसैयद नगर निवासी सपा नेता सलमान शाहिद के अनुसार पहला वाकया 28 जून का है, जब वह सहावर से लौट रहे थे। रास्ते में बाइक सवार दो नकाबपोशों ने उनकी गाड़ी पर दो फायर किए थे। मगर उनकी गाड़ी चला रहे छोटे भाई की चालाकी से वह बच गए। उस समय अज्ञात बदमाशों के खिलाफ सहावर में मुकदमा दर्ज कराया गया।
अंदेशा जताया गया कि यह घटना संभवत: लूट के इरादे से तो नहीं हुई। मगर वाकया शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे का है, वह अपने कार्यालय पर लोगों के साथ बैठे थे। तभी उनके नौकर ने आकर बताया कि डाकिया कोई डाक लाया है। इस पर उन्होंने कहा कि वह उसे रिसीव कर लें। जब डाक रिसीव होकर सलमान के पास आई और उसे खोलकर पढ़ा तो पैरों तले जमीन खिसक गई।
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टाइपशुदा खत में असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए लिखा गया है कि 28 जून को तो तुम गाड़ी चालक की चालाकी से बच गए। मगर अब नहीं बचोगे। तुम्हारी विधायक, एमपी बनने के सपने धरे रह जाएंगे। अंत में समाज सेवा करने के शोक को छोड़कर विदेश जाकर बसने की सलाह दी गई है। वरना परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है।
बुलंदशहर से पोस्ट किए गए इस खत पर भेजने वाले का नाम फकीरा पुत्र मुंशी जिला मेरठ लिखा है, जबकि पत्र के अंत में तेरा बाप करके संबोधित किया गया है। इसे लेकर सलमान ने पूरा प्रकरण एसएसपी को बताया। एसएसपी के निर्देश पर सीओ तृतीय जांच कर रहे हैं और फिलहाल सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
इसे लेकर सलमान शाहिद का कहना है कि पार्टी में सक्रिय रहना कुछ लोगों को खलता है। पहली घटना को उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया था। मगर अब बात यही समझ में आ रही है कि जनता की सेवा करने से कुछ लोग उनसे खुन्नस मान रहे हैं। मगर वह इसी तरह सेवा करते रहेंगे।
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समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव सलमान शाहिद इन दिनों अपराधियों के निशोन पर हैं। शाहिद पर एक माह पहले सहावर कासगंज में हमला हुआ था और अब उन्हें टाइपशुदा खत के जरिये धमकी मिली है। इसे लेकर उन्होंने एसएसपी से मुलाकात की, जिस पर सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। यह खत किसी मेरठ के व्यक्ति ने बुलंदशहर से रजिस्टर्ड डाक के जरिये भेजा है।
सरसैयद नगर निवासी सपा नेता सलमान शाहिद के अनुसार पहला वाकया 28 जून का है, जब वह सहावर से लौट रहे थे। रास्ते में बाइक सवार दो नकाबपोशों ने उनकी गाड़ी पर दो फायर किए थे। मगर उनकी गाड़ी चला रहे छोटे भाई की चालाकी से वह बच गए। उस समय अज्ञात बदमाशों के खिलाफ सहावर में मुकदमा दर्ज कराया गया।
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अंदेशा जताया गया कि यह घटना संभवत: लूट के इरादे से तो नहीं हुई। मगर वाकया शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे का है, वह अपने कार्यालय पर लोगों के साथ बैठे थे। तभी उनके नौकर ने आकर बताया कि डाकिया कोई डाक लाया है। इस पर उन्होंने कहा कि वह उसे रिसीव कर लें। जब डाक रिसीव होकर सलमान के पास आई और उसे खोलकर पढ़ा तो पैरों तले जमीन खिसक गई।
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टाइपशुदा खत में असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए लिखा गया है कि 28 जून को तो तुम गाड़ी चालक की चालाकी से बच गए। मगर अब नहीं बचोगे। तुम्हारी विधायक, एमपी बनने के सपने धरे रह जाएंगे। अंत में समाज सेवा करने के शोक को छोड़कर विदेश जाकर बसने की सलाह दी गई है। वरना परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है।
बुलंदशहर से पोस्ट किए गए इस खत पर भेजने वाले का नाम फकीरा पुत्र मुंशी जिला मेरठ लिखा है, जबकि पत्र के अंत में तेरा बाप करके संबोधित किया गया है। इसे लेकर सलमान ने पूरा प्रकरण एसएसपी को बताया। एसएसपी के निर्देश पर सीओ तृतीय जांच कर रहे हैं और फिलहाल सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
इसे लेकर सलमान शाहिद का कहना है कि पार्टी में सक्रिय रहना कुछ लोगों को खलता है। पहली घटना को उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया था। मगर अब बात यही समझ में आ रही है कि जनता की सेवा करने से कुछ लोग उनसे खुन्नस मान रहे हैं। मगर वह इसी तरह सेवा करते रहेंगे।