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महिला अपराधों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाय पैरवी
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
मंडलीय कानून व्यवस्था की बैठक में टप्पल कांड छाया रहा। कमिश्नर ने मामले की पूरी रिपोर्ट देखी और उसके बाद विवेचना में तेजी लाते हुए मामले के अन्य आरोपियों को भी जल्द से जल्द हवालात की हवा खिलाने के आदेश दिये। कमिश्नर ने महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए विवेचना कम से कम समय में करने एवं न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाने के निर्देश दिये। चेतावनी दी कि न्यायालय में पैरवी में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर उन्होंने जिले के टाप 12 अपराधों का रिकार्ड व उनकी पैरवी की स्थिति भी देखी।
कमिश्नर अजय दीप सिंह ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार का पूरा जोर महिला अपराधों की रोकथाम है। इस तरह के अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण के लिए पुराने हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाय। कठुआ मामले का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस बहुचर्चित मामले में मात्र 17 माह में ही विवेचना के साथ पीड़ित पक्ष को न्याय दिला दिया गया। यह सब प्रभावी पैरवी एवं जांच का नतीजा है। पुलिस ऐसी ही कार्य प्रणाली अपनाकर महिला अपराधों के मामले में कम से कम समय में विवेचना पूर्ण करे और न्यायालयों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाए। इस मौके पर बड़ी संख्या में मंडलीय अफसर मौजूद थे।
विवेचना के पहले दिन नहीं आया कोई
डीएम के आदेश पर टप्पल कांड की मजिस्ट्रेटी जांच मंगलवार से आरंभ हो गई। जांच अधिकारी एवं एडीएम प्रशासन पूरे दिन अपने न्यायालय में बैठकर इंतजार करते रहे, लेकिन कोई भी व्यक्ति लिखित एवं मौखिक साक्ष्य लेकर नहीं आया। बताते चलें कि जांच अधिकारी ने 19 जून तक लिखित एवं मौखिक साक्ष्य आमंत्रित किये हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले दिन मंगलवार को किसी ने भी कोई साक्ष्य नहीं दिया है।
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मंडलीय कानून व्यवस्था की बैठक में टप्पल कांड छाया रहा। कमिश्नर ने मामले की पूरी रिपोर्ट देखी और उसके बाद विवेचना में तेजी लाते हुए मामले के अन्य आरोपियों को भी जल्द से जल्द हवालात की हवा खिलाने के आदेश दिये। कमिश्नर ने महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए विवेचना कम से कम समय में करने एवं न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाने के निर्देश दिये। चेतावनी दी कि न्यायालय में पैरवी में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर उन्होंने जिले के टाप 12 अपराधों का रिकार्ड व उनकी पैरवी की स्थिति भी देखी।
कमिश्नर अजय दीप सिंह ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार का पूरा जोर महिला अपराधों की रोकथाम है। इस तरह के अपराधों पर पूर्ण नियंत्रण के लिए पुराने हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाय। कठुआ मामले का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस बहुचर्चित मामले में मात्र 17 माह में ही विवेचना के साथ पीड़ित पक्ष को न्याय दिला दिया गया। यह सब प्रभावी पैरवी एवं जांच का नतीजा है। पुलिस ऐसी ही कार्य प्रणाली अपनाकर महिला अपराधों के मामले में कम से कम समय में विवेचना पूर्ण करे और न्यायालयों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाए। इस मौके पर बड़ी संख्या में मंडलीय अफसर मौजूद थे।
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विवेचना के पहले दिन नहीं आया कोई
डीएम के आदेश पर टप्पल कांड की मजिस्ट्रेटी जांच मंगलवार से आरंभ हो गई। जांच अधिकारी एवं एडीएम प्रशासन पूरे दिन अपने न्यायालय में बैठकर इंतजार करते रहे, लेकिन कोई भी व्यक्ति लिखित एवं मौखिक साक्ष्य लेकर नहीं आया। बताते चलें कि जांच अधिकारी ने 19 जून तक लिखित एवं मौखिक साक्ष्य आमंत्रित किये हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले दिन मंगलवार को किसी ने भी कोई साक्ष्य नहीं दिया है।
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