फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   नगर निगम ने उठाया सवाल, एक अपराध में दो राय कैसे

नगर निगम ने उठाया सवाल, एक अपराध में दो राय कैसे

Thu, 23 May 2019 01:43 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 23 May 2019 01:43 AM IST
विज्ञापन
नगर निगम ने उठाया सवाल, एक अपराध में दो राय कैसे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


नगर निगम से जुड़े बहुचर्चित गूलर रोड पोखर प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली पर नगर निगम ने अदालत में सवाल उठाया है। नगर निगम का सवाल है कि आखिर एक ही जैसे अपराध के मुकदमों में पुलिस ने दो-दो राय बनाकर कदम कैसे उठा लिया। पुलिस ने इस प्रकरण में राधेलाल शर्मा आदि पर 2017 में दर्ज मुकदमे में चार्जशीट दायर की है, फिर 2018 में उद्योगपति रमेशचंद्र सिंघल, उनके बेटे निशांत और प्रशांत सिंघल के खिलाफ दायर मुकदमों में अंतिम रिपोर्ट कैसे संभव है। पुलिस की एफआर के खिलाफ अदालत में आपत्ति दायर की गई है, जिस पर सुनवाई के लिए 25 मई की तारीख नियत की गई है।

बता दें कि गूलर रोड की पोखर की संपत्तियों को प्लॉट के रूप में खरीदने-बेचने को लेकर कुछ मुकदमे 2017 में बिल्डर राधेलाल शर्मा आदि के खिलाफ नगर निगम के संपत्ति अधिकारी की ओर से थाना बन्ना देवी में दर्ज कराए गए थे। हालांकि उस समय राधेलाल शर्मा गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे, जिसके चलते पुलिस ने उनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर कर दी।
विज्ञापन


बाद में वह चार्जशीट पर भी स्टे ले आए। इसी तरह 11 मार्च 2018 को आठ मुकदमे थाना बन्ना देवी में ही नगर निगम के अधिकारी डॉ. संजीव कुमार की ओर से दर्ज कराए गए। इनमें से एक मुकदमा अपराध संख्या 139/2018 उद्योगपति रमेश चंद्र सिंघल के खिलाफ और एक मुकदमा अपराध संख्या 143/2018 उनके बेटे निशांत और प्रशांत सिंघल के खिलाफ दर्ज हुआ। इन मुकदमों में भी पोखर की संपत्तियों को खरीदने बेचने के आरोप थे। हालांकि यह लोग भी गिरफ्तारी पर स्टे लेकर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मगर कुछ माह पूर्व इन दोनों मुकदमों में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगाकर कोर्ट भेज दी। बाकी मुकदमे अभी पुलिस में लंबित हैं। इसे लेकर जब नगर निगम को जानकारी हुई तो नगर निगम की ओर से विधिक राय लेकर मामले में सीजेएम न्यायालय में आपत्ति याचिका दायर की गई है, जिसमें यही दलील दी गई है कि एक जैसे आरोपों में पुलिस ने दो राय बनाकर एक में चार्जशीट और दूसरे में एफआर कैसे लगा दी।



इस मामले में अदालत ने याचिका स्वीकारते हुए बहस में लगाकर 25 मई तारीख नियत की है। नगर निगम के कर निर्धारण अधिकारी वीके राय ने नगर निगम में आपत्ति याचिका दायर किए जाने की पुष्टि की है। वहीं संपत्ति अधिकारी सभापति यादव कहते हैं कि इस मामले में जो भी विधिक प्रक्रिया है, वह अपनाई जा रही है।



विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed