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बदनीयती से किशोरी पर चाकुओं से प्रहार में 10 साल कैद
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
अकराबाद क्षेत्र के कौड़ियागंज पड़ाव इलाके में वर्ष 2015 में किशोरी पर चाकुओं से हुए हमले के मुकदमे में आरोपी को दस साल की सजा व बीस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। यह फैसला एडीजे-7 स्पेशल न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश अनिल कुमार सिंह की अदालत ने सुनाया है और यह भी तय किया है कि जुर्माने में से आधी राशि पीड़ित को दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रघुवंश शर्मा व रविकांत के अनुसार वाकया 24 दिसंबर 2015 का है, जब 17 वर्षीय किशोरी जंगल पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। तभी आरोपी देवेश निवासी कासिमपुर पड़ाव ने किशोरी को बदनीयती से दबोच लिया और विरोध करने पर उसके शरीर पर चाकुओं से प्रहार किए। बाद में चीख पुकार पर अन्य लोगों के आने पर आरोपी वहां से भाग गया।
किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया, जहां उसके शरीर में चाकुओं के 17 निशान पाए गए। इस मामले में पुलिस ने दुष्कर्म की कोशिश, पॉक्सो व हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। अदालत में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर मुकदमे को दुष्कर्म की कोशिश के बजाय छेड़खानी व हमले का मानते हुए आरोपी को दस साल की सजा व बीस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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फैसले के खिलाफ की जाएगी अपील
पीड़ित के अधिवक्ता वीरपाल सिंह जादौन ने कहा है कि मुकदमे में उन्होंने दुष्कर्म की कोशिश व पॉक्सो में भी सजा का अनुरोध किया था। जिस पर अदालत ने दुष्कर्म की कोशिश व पॉक्सो में सजा नहीं सुनाई है। इस फैसले के खिलाफ वह हाईकोर्ट जाएंगे और आरोपी को दुष्कर्म की कोशिश में आरोप तय कराएंगे।
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अकराबाद क्षेत्र के कौड़ियागंज पड़ाव इलाके में वर्ष 2015 में किशोरी पर चाकुओं से हुए हमले के मुकदमे में आरोपी को दस साल की सजा व बीस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। यह फैसला एडीजे-7 स्पेशल न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश अनिल कुमार सिंह की अदालत ने सुनाया है और यह भी तय किया है कि जुर्माने में से आधी राशि पीड़ित को दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रघुवंश शर्मा व रविकांत के अनुसार वाकया 24 दिसंबर 2015 का है, जब 17 वर्षीय किशोरी जंगल पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। तभी आरोपी देवेश निवासी कासिमपुर पड़ाव ने किशोरी को बदनीयती से दबोच लिया और विरोध करने पर उसके शरीर पर चाकुओं से प्रहार किए। बाद में चीख पुकार पर अन्य लोगों के आने पर आरोपी वहां से भाग गया।
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किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया, जहां उसके शरीर में चाकुओं के 17 निशान पाए गए। इस मामले में पुलिस ने दुष्कर्म की कोशिश, पॉक्सो व हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। अदालत में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर मुकदमे को दुष्कर्म की कोशिश के बजाय छेड़खानी व हमले का मानते हुए आरोपी को दस साल की सजा व बीस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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फैसले के खिलाफ की जाएगी अपील
पीड़ित के अधिवक्ता वीरपाल सिंह जादौन ने कहा है कि मुकदमे में उन्होंने दुष्कर्म की कोशिश व पॉक्सो में भी सजा का अनुरोध किया था। जिस पर अदालत ने दुष्कर्म की कोशिश व पॉक्सो में सजा नहीं सुनाई है। इस फैसले के खिलाफ वह हाईकोर्ट जाएंगे और आरोपी को दुष्कर्म की कोशिश में आरोप तय कराएंगे।