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छल कपट से कराया भूमि का बैनामा, रिपोर्ट दर्ज
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:54 PM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
सादाबाद। 20 लाख रूपये की भूमि के लिए भुगतान के रूप में दिए गए सात चैक बैक ने धनराशि न होने के कारण अनादरित कर दिए। इस तरह से क्र्रेता द्वारा विक्रेता के साथ धोखाधड़ी की गई। इस संबंध में न्यायालय के आदेश पर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
देवेश शर्मा निवासी हाथरस द्वारा दर्ज कराई गई रिर्पोट में कहा गया है कि उसकी एक सहखातेदारी की भूमि मौजा परसौरा तहसील सादाबाद में थी। उसकी कृषि भूमि का कराहरी तहसील मांट मथुरा की एक महिला द्वारा 20 लाख रुपये में सौंदा किया था। उसके द्वारा सह खातेदार के साथ मिलकर 18 जुलाई रजिस्टर्ड बैनामा करा दिया। क्रेता द्वारा विक्रय मूल्य के दो लाख रुपये नगद दिए तथा शेष 18 लाख रुपयों के लिए दो दो लाख के नौ चेक बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा हाथरस को दे दिए।
उक्त चेक देते समय क्रेताओं द्वारा आश्वासन दिया गया कि तुरंत भुगतान हो जाएगा, लेकिन बैनामा के बाद क्रेता द्वारा दो चैक दो दो लाख रूपये के मथुरा जिला सहकारी बैंक लि. मथुरा के चेक विक्रेताओं से वापस ले लिए व तीन लाख रुपये की रकम विक्रेता के खाते में जरिए आरटीजीएस भेज दिए।
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शेष चेक विक्रेताओं द्वारा भुगतान के लिए बैंकों मेें प्रस्तुत किए गए, लेकिन बैंक द्वारा सात चेकों को अपर्याप्त धनराशि टिप्पणी के साथ अनादरित कर दिए गए। क्रेता द्वारा विक्रेता के साथ छल व कपट से धोखाधड़ी कर उसकी भूमि का बैनामा करा लिया तथा कृषि भूमि को षडयंत्र के तहत हड़प लिया।
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सादाबाद। 20 लाख रूपये की भूमि के लिए भुगतान के रूप में दिए गए सात चैक बैक ने धनराशि न होने के कारण अनादरित कर दिए। इस तरह से क्र्रेता द्वारा विक्रेता के साथ धोखाधड़ी की गई। इस संबंध में न्यायालय के आदेश पर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
देवेश शर्मा निवासी हाथरस द्वारा दर्ज कराई गई रिर्पोट में कहा गया है कि उसकी एक सहखातेदारी की भूमि मौजा परसौरा तहसील सादाबाद में थी। उसकी कृषि भूमि का कराहरी तहसील मांट मथुरा की एक महिला द्वारा 20 लाख रुपये में सौंदा किया था। उसके द्वारा सह खातेदार के साथ मिलकर 18 जुलाई रजिस्टर्ड बैनामा करा दिया। क्रेता द्वारा विक्रय मूल्य के दो लाख रुपये नगद दिए तथा शेष 18 लाख रुपयों के लिए दो दो लाख के नौ चेक बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा हाथरस को दे दिए।
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उक्त चेक देते समय क्रेताओं द्वारा आश्वासन दिया गया कि तुरंत भुगतान हो जाएगा, लेकिन बैनामा के बाद क्रेता द्वारा दो चैक दो दो लाख रूपये के मथुरा जिला सहकारी बैंक लि. मथुरा के चेक विक्रेताओं से वापस ले लिए व तीन लाख रुपये की रकम विक्रेता के खाते में जरिए आरटीजीएस भेज दिए।
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शेष चेक विक्रेताओं द्वारा भुगतान के लिए बैंकों मेें प्रस्तुत किए गए, लेकिन बैंक द्वारा सात चेकों को अपर्याप्त धनराशि टिप्पणी के साथ अनादरित कर दिए गए। क्रेता द्वारा विक्रेता के साथ छल व कपट से धोखाधड़ी कर उसकी भूमि का बैनामा करा लिया तथा कृषि भूमि को षडयंत्र के तहत हड़प लिया।