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करंसी बदलने वाले और गिरोहों पर है पुलिस की नजर
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:13 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मीट फैक्ट्री में नोट बदलने के विवाद में हुई घटना के वक्त ही अमर उजाला ने यह खुलासा किया था कि अलीगढ़ नोट खपाने का हब बनता जा रहा है।
बुधवार को पुरानी करंसी को बदलने वाले गिरोह के सदस्यों के पकड़ में आने के बाद अब पुलिस ऐसे अन्य गिरोहों की तलाश कर रही है, जो पुराने नोटों के बदले बहुत कम दाम की नई करंसी को दे रहे हैं। इस मामले में कड़ी से कड़ी जोड़कर चल रही पुलिस कुछ बैंकों की भी भूमिका होने से इनकार नहीं कर रही है। अंत में यह नोट जाने तो बैंक में ही थे।
सौ रुपये के बदले सिर्फ 13.50 रुपये देने वाला यह गिरोह पुरानी करंसी को कहां खपा रहा है, पुलिस की जांच का यह मुख्य बिंदू है। महावीर गंज में एक दलहन व्यापारी के पास 50 लाख रुपये की पुरानी करंसी थी। उसने यह सोचकर कि रद्दी होने से बेहतर है कि कुछ तो मिले, सारसौल स्थित एक होटल संचालक के द्वारा नोट बदलने का काम किया। लेकिन पुलिस को भनक लग गई।
यह होटल संचालक प्रापर्टी के काम से जुड़ा है। साथ ही पकड़े गए दलाल भी प्रापर्टी के काम से जुड़े हैं। इस कारण पुलिस एक बिंदु यह भी लेकर चल रही है कि कहीं पुराने नोटों को खपाने के काम से प्रापर्टी के काम का कोई लिंक तो नहीं है।
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सारसौल पर होटल संचालक ने पुरानी करंसी के बदले नए नोट देने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा कुछ दिनों पहले मीट कारोबारी पर हमले में भी पुरानी करंसी के बदले नए नोटों का ही मामला सामने आया। पुलिस का यह मानना है कि शहर में इस काम को करने वाले अन्य लोग भी सक्रिय हो सकते हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
छोटे लालच में फंसे व्यापारों से जुड़े मीडियेटर
एसपी सिटी ने प्रेसवार्ता में बताया कि मीडियेटर गजेंद्र प्रापर्टी का धंधा करता है और होटल संचालक भुवनेश भी प्रापर्टी व्यापार से जुड़ा है। इसी तरह नितिन सक्सेना भी प्रापर्टी का धंधा करता है। भुवनेश के संपर्क गजेंद्र से थे और गजेंद्र के नितिन से थे। गजेंद्र को जब भुवनेश से ऑफर मिला तो उसने नितिन को बताया और नितिन के संपर्क में नितिन अग्रवाल व चंदौसी का व्यापारी प्रदीप आए। इनमें से गजेंद्र, नितिन सक्सेना व प्रदीप को एक और दो प्रतिशत कमीशन मिलने का ऑफर था। मगर ऑफर पूरा होने से पहले ही इन्हें दबोच लिया गया।
- इस गिरोह के अलावा अन्य लोगों के भी इस काम में शामिल होने के संकेत मिले हैं। जो भी इनपुट पकड़े गए लोगों से मिले हैं, पुलिस की जांच में प्रत्येक बिंदु को शामिल किया जा रहा है। अब जो लोग सक्रिय हैं पुलिस की तैयारी उन लोगों तक पहुंचने में है
- अतुल कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी
- इस मामले की सीधे तौर पर पुलिस ने जानकारी नहीं दी है। इस विषय में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार आयकर विभाग कार्यवाही करेगा।
- एके राघव, आयकर के मुख्यालय अधिकारी
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मीट फैक्ट्री में नोट बदलने के विवाद में हुई घटना के वक्त ही अमर उजाला ने यह खुलासा किया था कि अलीगढ़ नोट खपाने का हब बनता जा रहा है।
बुधवार को पुरानी करंसी को बदलने वाले गिरोह के सदस्यों के पकड़ में आने के बाद अब पुलिस ऐसे अन्य गिरोहों की तलाश कर रही है, जो पुराने नोटों के बदले बहुत कम दाम की नई करंसी को दे रहे हैं। इस मामले में कड़ी से कड़ी जोड़कर चल रही पुलिस कुछ बैंकों की भी भूमिका होने से इनकार नहीं कर रही है। अंत में यह नोट जाने तो बैंक में ही थे।
सौ रुपये के बदले सिर्फ 13.50 रुपये देने वाला यह गिरोह पुरानी करंसी को कहां खपा रहा है, पुलिस की जांच का यह मुख्य बिंदू है। महावीर गंज में एक दलहन व्यापारी के पास 50 लाख रुपये की पुरानी करंसी थी। उसने यह सोचकर कि रद्दी होने से बेहतर है कि कुछ तो मिले, सारसौल स्थित एक होटल संचालक के द्वारा नोट बदलने का काम किया। लेकिन पुलिस को भनक लग गई।
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यह होटल संचालक प्रापर्टी के काम से जुड़ा है। साथ ही पकड़े गए दलाल भी प्रापर्टी के काम से जुड़े हैं। इस कारण पुलिस एक बिंदु यह भी लेकर चल रही है कि कहीं पुराने नोटों को खपाने के काम से प्रापर्टी के काम का कोई लिंक तो नहीं है।
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सारसौल पर होटल संचालक ने पुरानी करंसी के बदले नए नोट देने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा कुछ दिनों पहले मीट कारोबारी पर हमले में भी पुरानी करंसी के बदले नए नोटों का ही मामला सामने आया। पुलिस का यह मानना है कि शहर में इस काम को करने वाले अन्य लोग भी सक्रिय हो सकते हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
छोटे लालच में फंसे व्यापारों से जुड़े मीडियेटर
एसपी सिटी ने प्रेसवार्ता में बताया कि मीडियेटर गजेंद्र प्रापर्टी का धंधा करता है और होटल संचालक भुवनेश भी प्रापर्टी व्यापार से जुड़ा है। इसी तरह नितिन सक्सेना भी प्रापर्टी का धंधा करता है। भुवनेश के संपर्क गजेंद्र से थे और गजेंद्र के नितिन से थे। गजेंद्र को जब भुवनेश से ऑफर मिला तो उसने नितिन को बताया और नितिन के संपर्क में नितिन अग्रवाल व चंदौसी का व्यापारी प्रदीप आए। इनमें से गजेंद्र, नितिन सक्सेना व प्रदीप को एक और दो प्रतिशत कमीशन मिलने का ऑफर था। मगर ऑफर पूरा होने से पहले ही इन्हें दबोच लिया गया।
- इस गिरोह के अलावा अन्य लोगों के भी इस काम में शामिल होने के संकेत मिले हैं। जो भी इनपुट पकड़े गए लोगों से मिले हैं, पुलिस की जांच में प्रत्येक बिंदु को शामिल किया जा रहा है। अब जो लोग सक्रिय हैं पुलिस की तैयारी उन लोगों तक पहुंचने में है
- अतुल कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी
- इस मामले की सीधे तौर पर पुलिस ने जानकारी नहीं दी है। इस विषय में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार आयकर विभाग कार्यवाही करेगा।
- एके राघव, आयकर के मुख्यालय अधिकारी