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मां भगवती अस्पताल का पंजीकरण रद, पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
इलाज में लापरवाही बरतने और धोखाधड़ी कर मरीज के तीमारदार से पैसे ऐंठने के मामले में मां भगवती अस्पताल का पंजीकरण निरस्त होने के बाद अब पुलिस रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई है।
पीड़ित शाहिद हुसैन पुत्र परवेज हुसैन मोहल्ला गढ़ी कस्बा जलाली ने बताया कि 29 जुलाई 2018 की रात लगभग नौ बजे उनकी बहन राबिया, आसमां, बहनोई राशिद, छह साल का भांजा अयाज अलीगढ़ से दवा लेकर बाइक से जलाली जा रहे थे।
रास्ते में पनैठी अलहदादपुर के पास ही बस ने टक्कर मार दी। जिससे सभी बुरी तरह से घायल हो गए। बहन आसमां ने टक्कर मार कर निकली बस का नंबर देख लिया था।
बकौल शाहिद पुलिस की सूचना पर घायलों को दीनदयाल अस्पताल लाया गया। वहां एक दलाल चपरासी ने मां भगवती अस्पताल विनय नगर क्वार्सी पहुंचा दिया। जहां आननफानन में 49 हजार रुपये जमा कराए गए, जबकि दवा केवल 16 हजार की ही थी।
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घायल राशिद के एमआरआई और सिटी स्कैन आदि जांच के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। दूसरे दिन सुबह राबिया के संबंध में 50 हजार रुपये और मांगे। परिजनों ने राबिया से मिलने को कहा तो मना कर दिया। उसी दिन रात आठ बजे उसका शव सौंप दिया।
हंगामा होने पर अस्पताल के डॉ अमित फरार हो गये। 30 जुलाई को क्वार्सी थाने गए तो वहां रिपोर्ट नहीं लिखी गई। घायल राशिद अली की भी 18 दिन बाद मृत्यु हो गई। जिलाधिकारी से शिकायत के बाद प्रकरण में कार्रवाई शुरू हुई है।
वादी शाहिद हुसैन पुत्र परवेज हुसैन मोहल्ला गढ़ी कस्बा जालाली की ओर से डॉ. अमित, दीनदयाल अस्पताल के अज्ञात चपरासी, बस संख्या आरजे 05जी- सी 0902 के मालिक पर सड़क हादसा, गैर इरादतन हत्या और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है।
इस मामले में जिलाधिकारी से शिकायत होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट नलिनीकांत सिंह ने जांच की थी। जांच में उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को दोषी माना था और इसके आधार पर उसका पंजीकरण निरस्त किया गया था। इसी क्रम में एसएसपी के आदेश पर क्वार्सी थाने में रविवार को उक्त मामले की पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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इलाज में लापरवाही बरतने और धोखाधड़ी कर मरीज के तीमारदार से पैसे ऐंठने के मामले में मां भगवती अस्पताल का पंजीकरण निरस्त होने के बाद अब पुलिस रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई है।
पीड़ित शाहिद हुसैन पुत्र परवेज हुसैन मोहल्ला गढ़ी कस्बा जलाली ने बताया कि 29 जुलाई 2018 की रात लगभग नौ बजे उनकी बहन राबिया, आसमां, बहनोई राशिद, छह साल का भांजा अयाज अलीगढ़ से दवा लेकर बाइक से जलाली जा रहे थे।
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रास्ते में पनैठी अलहदादपुर के पास ही बस ने टक्कर मार दी। जिससे सभी बुरी तरह से घायल हो गए। बहन आसमां ने टक्कर मार कर निकली बस का नंबर देख लिया था।
बकौल शाहिद पुलिस की सूचना पर घायलों को दीनदयाल अस्पताल लाया गया। वहां एक दलाल चपरासी ने मां भगवती अस्पताल विनय नगर क्वार्सी पहुंचा दिया। जहां आननफानन में 49 हजार रुपये जमा कराए गए, जबकि दवा केवल 16 हजार की ही थी।
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घायल राशिद के एमआरआई और सिटी स्कैन आदि जांच के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। दूसरे दिन सुबह राबिया के संबंध में 50 हजार रुपये और मांगे। परिजनों ने राबिया से मिलने को कहा तो मना कर दिया। उसी दिन रात आठ बजे उसका शव सौंप दिया।
हंगामा होने पर अस्पताल के डॉ अमित फरार हो गये। 30 जुलाई को क्वार्सी थाने गए तो वहां रिपोर्ट नहीं लिखी गई। घायल राशिद अली की भी 18 दिन बाद मृत्यु हो गई। जिलाधिकारी से शिकायत के बाद प्रकरण में कार्रवाई शुरू हुई है।
वादी शाहिद हुसैन पुत्र परवेज हुसैन मोहल्ला गढ़ी कस्बा जालाली की ओर से डॉ. अमित, दीनदयाल अस्पताल के अज्ञात चपरासी, बस संख्या आरजे 05जी- सी 0902 के मालिक पर सड़क हादसा, गैर इरादतन हत्या और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है।
इस मामले में जिलाधिकारी से शिकायत होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट नलिनीकांत सिंह ने जांच की थी। जांच में उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को दोषी माना था और इसके आधार पर उसका पंजीकरण निरस्त किया गया था। इसी क्रम में एसएसपी के आदेश पर क्वार्सी थाने में रविवार को उक्त मामले की पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।