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हत्यारोपी को मिली आजीवन कारावास की सजा
Updated Wed, 05 Dec 2018 02:39 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
महानगर के थाना देहली गेट इलाके के पांच साल पुराने हत्या के मामले में मंगलवार को अपर जिला जज प्रथम संतोष कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 10 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी प्रमोद कुमार तोमर ने बताया कि मामला जून 2013 का है। सुरजीत निवासी किनवास थाना गोंडा, यहां देहली गेट थाना क्षेत्र स्थित सुरेंद्र कुमार के मकान में अपनी पत्नी के साथ किराये पर रहता था। दोनों के बीच अकसर अनबन होती थी। तो परिवार उनमें सुुलह करा दिया करता था। इसी बात को लेकर सुरजीत को सुरेंद्र कुमार और अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करने लगा। जब विवाद दोनों के बीच अधिक बढ़ गया तो सुरेंद्र कुमार ने सुरजीत से अपना मकान खाली करा लिया।
इसके बाद से सुरजीत रंजिश मानने लगा। सात जून को उसने सुरेंद्र कुमार की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। इस मामले में सुरेंद्र कुमार के बेटे बंटी ने सुरजीत के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। इधर, पुलिस की विवेचना में भी आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया था। हत्या के बाद आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया चाकू भी बरामद किया था। इसी मुकदमे में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर अदालत ने सजा सुनाई है।
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महानगर के थाना देहली गेट इलाके के पांच साल पुराने हत्या के मामले में मंगलवार को अपर जिला जज प्रथम संतोष कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 10 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी प्रमोद कुमार तोमर ने बताया कि मामला जून 2013 का है। सुरजीत निवासी किनवास थाना गोंडा, यहां देहली गेट थाना क्षेत्र स्थित सुरेंद्र कुमार के मकान में अपनी पत्नी के साथ किराये पर रहता था। दोनों के बीच अकसर अनबन होती थी। तो परिवार उनमें सुुलह करा दिया करता था। इसी बात को लेकर सुरजीत को सुरेंद्र कुमार और अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करने लगा। जब विवाद दोनों के बीच अधिक बढ़ गया तो सुरेंद्र कुमार ने सुरजीत से अपना मकान खाली करा लिया।
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इसके बाद से सुरजीत रंजिश मानने लगा। सात जून को उसने सुरेंद्र कुमार की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। इस मामले में सुरेंद्र कुमार के बेटे बंटी ने सुरजीत के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। इधर, पुलिस की विवेचना में भी आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया था। हत्या के बाद आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया चाकू भी बरामद किया था। इसी मुकदमे में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर अदालत ने सजा सुनाई है।
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