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डॉक्टर के इंतजार में घायल ने तोड़ दिया दम
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:32 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं आम आदमी के लिए कितनी दुश्वार हैं, इसका नमूना पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता और विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके अशोक सिंघल के पैत्रक गांव बिजौली की सीएचसी में बुधवार को देखने को मिला। सड़क हादसे में घायल युवक ने बिजौली सीएचसी में डॉक्टर के अभाव में तड़पकर दम तोड़ दिया। आरोप है कि सीएचसी का स्टाफ भी नदारद है। इससे आक्रोशित लोगों ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया।
गांव बिजौली निवासी विनोद कुमार उर्फ पप्पू सिंह पुत्र रामनिवास शर्मा मवेशियों को दवा देने का भी काम करते हैं। बुधवार देर शाम वह रूनपान की तरफ से बाइक से अपने गांव जा रहे थे। गांव के निकट मिनी बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें घायल अवस्था में बिजौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। आरोप है कि उस समय सीएचसी में इमरजेंसी ड्यूटी का स्टाफ नदारद था। चिकित्सक को पुलिस कर्मी तलाश रहे थे, तभी घायल विनोद कुमार ने दम तोड़ दिया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने रात में ही सीएचसी पर हंगामा किया।
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- बिजौली सीएचसी में चिकित्सक अक्सर नदारद रहते हैं। कई बार सीएमओ तक से शिकायत की। पूर्व में स्टाफ भी हटाया गया था। स्टाफ ड्यूटी की लापरवाही के कारण घायल की मौत हुई है। - जुगेंद्र सिंह, प्रधान
- हमने मरीज को प्राथमिक उपचार देकर रेफर किया था। उस समय चिकित्सक किसी काम से गए हुए थे। ड्यूटी में लपरवाही के आरोप गलत हैं। - बीएन वर्मा, फार्मेसिस्ट, सीएचसी बिजौली
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सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं आम आदमी के लिए कितनी दुश्वार हैं, इसका नमूना पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्ता और विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके अशोक सिंघल के पैत्रक गांव बिजौली की सीएचसी में बुधवार को देखने को मिला। सड़क हादसे में घायल युवक ने बिजौली सीएचसी में डॉक्टर के अभाव में तड़पकर दम तोड़ दिया। आरोप है कि सीएचसी का स्टाफ भी नदारद है। इससे आक्रोशित लोगों ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया।
गांव बिजौली निवासी विनोद कुमार उर्फ पप्पू सिंह पुत्र रामनिवास शर्मा मवेशियों को दवा देने का भी काम करते हैं। बुधवार देर शाम वह रूनपान की तरफ से बाइक से अपने गांव जा रहे थे। गांव के निकट मिनी बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
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सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें घायल अवस्था में बिजौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। आरोप है कि उस समय सीएचसी में इमरजेंसी ड्यूटी का स्टाफ नदारद था। चिकित्सक को पुलिस कर्मी तलाश रहे थे, तभी घायल विनोद कुमार ने दम तोड़ दिया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने रात में ही सीएचसी पर हंगामा किया।
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- बिजौली सीएचसी में चिकित्सक अक्सर नदारद रहते हैं। कई बार सीएमओ तक से शिकायत की। पूर्व में स्टाफ भी हटाया गया था। स्टाफ ड्यूटी की लापरवाही के कारण घायल की मौत हुई है। - जुगेंद्र सिंह, प्रधान
- हमने मरीज को प्राथमिक उपचार देकर रेफर किया था। उस समय चिकित्सक किसी काम से गए हुए थे। ड्यूटी में लपरवाही के आरोप गलत हैं। - बीएन वर्मा, फार्मेसिस्ट, सीएचसी बिजौली