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संशोधित--संगोष्ठी में शोध छात्रा को मार दिया थप् प्ड़ -Hathras
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी पर आयोजित संगोष्ठी के दौरान मंगलवार को एक छात्र पर अपने ही विभाग की शोध छात्रा को थप्पड़ मारने एवं दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है।
इसके विरोध में कई छात्र-छात्राओं ने इस संगोष्ठी का बहिष्कार भी किया। आरोपी छात्र व पीड़िता के अलग-अलग धर्म के होने से कैंपस में खलबली मच गई है। शोध छात्रा ने इसकी शिकायत कुलपति, वीमेंस सेल व प्रॉक्टर आदि से की है। रात में एएमयू प्रशासन ने आरोपी छात्र को निलंबित कर दिया है।
एएमयू के हिंदी विभाग द्वारा ‘हिंदी भाषा और साहित्य पर महात्मा गांधी का प्रभाव’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया था।
दूसरे दिन मंगलवार को संगोष्ठी के दौरान ही विभाग के शोध छात्रा एवं शोध छात्र में विवाद हो गया। इस छात्रा का आरोप है कि शोध छात्र मोहसिन खान जान बूझकर उनसे टकरा गया। विरोध करने पर गाली-गलौज किया।
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बाहर निकलने पर अंगुली दिखाकर चेतावनी दी कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। छात्रा का कहना है कि जब उसने घबराकर विभाग के चेयरमैन प्रो. अब्दुल अलीम को आवाज दी तो मोहसिन ने उसे जोर से थप्पड़ मारा।
जब चेयरमैन ने ‘सॉरी’ कहने के लिए कहा तो मोहसिन ने मना कर दिया। इस घटना के बाद कई छात्र-छात्रा संगोष्ठी का बहिष्कार कर बाहर निकल आए थे। इस गैर मुस्लिम शोध छात्रा ने पूरे प्रकरण की शिकायत विभागाध्यक्ष, प्रॉक्टर, रजिस्ट्रार, डीएसडब्ल्यू, वीमेंस सेल से लेकर कुलपति तक से की है और आरोपी छात्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
उसका कहना है कि ऐसे शोधार्थी विभाग एवं विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि एक सभ्य समाज के लिए खतरा है। उसने साक्ष्य के रूप में तीन शोध छात्र-छात्राओं का नाम भी दिया है, जो घटनास्थल पर मौजूद थे। रात में एएमयू प्रशासन ने आरोपी मोहसिन खान को मामले की जांच होने तक निलंबित कर दिया है।
...तो तूल पकड़ सकता है प्रकरण
विभागाध्यक्ष प्रो. अब्दुल अलीम का कहना है कि शोध छात्रा की शिकायत को प्रॉक्टर के पास फारवर्ड कर दिया है। प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान का कहना है कि छात्रा शिकायत लेकर आई थी। उसके साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी।
विभागाध्यक्ष से कहा गया है कि जांच कर बताएं कि क्या हुआ था। दोषी पाए जाने पर छात्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वीमेंस सेल द्वारा भी कार्रवाई का आश्वासन छात्रा को दिया गया है।
आरोपी छात्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होने पर यह मामला तूल पकड़ सकता है। छात्र एवं छात्रा अलग-अलग धर्म के हैं, इसलिए मामला और भी गंभीर है।
उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को एएमयू में हुए बवाल के दौरान एक पक्ष के छात्रों ने एएमयू प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया था।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी पर आयोजित संगोष्ठी के दौरान मंगलवार को एक छात्र पर अपने ही विभाग की शोध छात्रा को थप्पड़ मारने एवं दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है।
इसके विरोध में कई छात्र-छात्राओं ने इस संगोष्ठी का बहिष्कार भी किया। आरोपी छात्र व पीड़िता के अलग-अलग धर्म के होने से कैंपस में खलबली मच गई है। शोध छात्रा ने इसकी शिकायत कुलपति, वीमेंस सेल व प्रॉक्टर आदि से की है। रात में एएमयू प्रशासन ने आरोपी छात्र को निलंबित कर दिया है।
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एएमयू के हिंदी विभाग द्वारा ‘हिंदी भाषा और साहित्य पर महात्मा गांधी का प्रभाव’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया था।
दूसरे दिन मंगलवार को संगोष्ठी के दौरान ही विभाग के शोध छात्रा एवं शोध छात्र में विवाद हो गया। इस छात्रा का आरोप है कि शोध छात्र मोहसिन खान जान बूझकर उनसे टकरा गया। विरोध करने पर गाली-गलौज किया।
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बाहर निकलने पर अंगुली दिखाकर चेतावनी दी कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। छात्रा का कहना है कि जब उसने घबराकर विभाग के चेयरमैन प्रो. अब्दुल अलीम को आवाज दी तो मोहसिन ने उसे जोर से थप्पड़ मारा।
जब चेयरमैन ने ‘सॉरी’ कहने के लिए कहा तो मोहसिन ने मना कर दिया। इस घटना के बाद कई छात्र-छात्रा संगोष्ठी का बहिष्कार कर बाहर निकल आए थे। इस गैर मुस्लिम शोध छात्रा ने पूरे प्रकरण की शिकायत विभागाध्यक्ष, प्रॉक्टर, रजिस्ट्रार, डीएसडब्ल्यू, वीमेंस सेल से लेकर कुलपति तक से की है और आरोपी छात्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
उसका कहना है कि ऐसे शोधार्थी विभाग एवं विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि एक सभ्य समाज के लिए खतरा है। उसने साक्ष्य के रूप में तीन शोध छात्र-छात्राओं का नाम भी दिया है, जो घटनास्थल पर मौजूद थे। रात में एएमयू प्रशासन ने आरोपी मोहसिन खान को मामले की जांच होने तक निलंबित कर दिया है।
...तो तूल पकड़ सकता है प्रकरण
विभागाध्यक्ष प्रो. अब्दुल अलीम का कहना है कि शोध छात्रा की शिकायत को प्रॉक्टर के पास फारवर्ड कर दिया है। प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान का कहना है कि छात्रा शिकायत लेकर आई थी। उसके साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी।
विभागाध्यक्ष से कहा गया है कि जांच कर बताएं कि क्या हुआ था। दोषी पाए जाने पर छात्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वीमेंस सेल द्वारा भी कार्रवाई का आश्वासन छात्रा को दिया गया है।
आरोपी छात्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होने पर यह मामला तूल पकड़ सकता है। छात्र एवं छात्रा अलग-अलग धर्म के हैं, इसलिए मामला और भी गंभीर है।
उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी को एएमयू में हुए बवाल के दौरान एक पक्ष के छात्रों ने एएमयू प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया था।