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क्लोजर रिपोर्ट लगने से एएमयू के छात्र नेता मायूस
Updated Tue, 09 Oct 2018 01:36 AM IST
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न्यूज डेस्क,अमर उजाला, अलीगढ़।
करीब दो वर्षों से गायब जेएनयू छात्र नजीब के मामले में सीबीआई द्वारा क्लोजर रिपार्ट लगा दी है। इससे एएमयू छात्र नेताओं में मायूसी है। हालांकि उनका कहना है कि अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाएंगे।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि नजीब कोई एक शख्स का नाम नहीं बल्कि इस सांप्रदायिक व्यवस्था का शिकार एक मुकम्मल दस्तावेज है। एएमयू के सैकड़ों छात्रों ने नजीब को लेकर रेल रोको आंदोलन किया था। मेरे और मेरे साथियों पर मुकदमे दर्ज हुए थे।
लाठी चार्ज हुआ था। नजीब की वापसी के लिए दर्जनों बार दिल्ली में आयोजित आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जब तक नजीब का पता नहीं लग जाता, लड़ाई जारी रखेंगे।
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उल्लेखनीय है कि सितंबर 2016 से जेएनयू छात्र नजीब गायब हैं। जेएनयू से पूर्व वह एएमयू में भी कुछ वर्ष रहकर पढ़ाई किये थे।
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करीब दो वर्षों से गायब जेएनयू छात्र नजीब के मामले में सीबीआई द्वारा क्लोजर रिपार्ट लगा दी है। इससे एएमयू छात्र नेताओं में मायूसी है। हालांकि उनका कहना है कि अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाएंगे।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि नजीब कोई एक शख्स का नाम नहीं बल्कि इस सांप्रदायिक व्यवस्था का शिकार एक मुकम्मल दस्तावेज है। एएमयू के सैकड़ों छात्रों ने नजीब को लेकर रेल रोको आंदोलन किया था। मेरे और मेरे साथियों पर मुकदमे दर्ज हुए थे।
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लाठी चार्ज हुआ था। नजीब की वापसी के लिए दर्जनों बार दिल्ली में आयोजित आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जब तक नजीब का पता नहीं लग जाता, लड़ाई जारी रखेंगे।
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उल्लेखनीय है कि सितंबर 2016 से जेएनयू छात्र नजीब गायब हैं। जेएनयू से पूर्व वह एएमयू में भी कुछ वर्ष रहकर पढ़ाई किये थे।