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पहले किया मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज बाद में कोरोना संक्रमित महिला को वापस बुलाया
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एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज से बुधवार की देर शाम एक आइसोलेशन में रखी गई कोरोना संक्रमित महिला को पहले हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिए जाने और बाद में उसे वापस हॉस्पिटल बुलाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। महिला को वापस बुलाने के लिए मेडिकल कॉलेज में पुलिस की सहायता भी ली है। पिछले दिनों आगरा रोड के एक नर्सिंग होम में एक महिला के उपचार का मामला प्रकाश में आया था। बाद में वह महिला महिला पॉजिटिव पाई गई थी। जिसके बाद उस महिला को पहले दीन दयाल अस्पताल भेजा गया। उसके बाद उसको जेएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। महिला जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन थी, लेकिन बताया गया है कि बुधवार की देर शाम महिला से कहा गया कि उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।
महिला मेडिकल कॉलेज से अपने घर चली आई। महिला के परिजनों का आरोप है कि हॉस्पिटल प्रशासन ने उन्हें डिस्चार्ज स्लिप और अन्य दस्तावेज दिए। हॉस्पिटल से आने के बाद महिला ने अपने घर पर स्नान किया और मोहल्ले वालों ने भी उनका स्वागत किया। इसके कुछ ही देर बाद मेडिकल कॉलेज से फोन आया कि उन्हें वापस आना है। इसके बाद उन्हें थोड़ी असहजता अनुभव हुई। मेडिकल कॉलेज को लगा कि जब महिला आने में आनाकानी कर रही है, तो उन्होंने मेडिकल रोड पुलिस चौकी की सहायता ली। पुलिस ने महिला के परिजनों से संपर्क किया जिसके बाद समझा-बुझाकर वापस महिला को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
इस पूरे प्रकरण पर जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. शाहिद सिद्दीकी कहते हैं कि इस महिला के दो टेस्ट किए गए और दोनों निगेटिव आए। इसके बाद इस महिला को अगले 10 दिन के लिए लेवल वन हॉस्पिटल के लिए भेज दिया गया। 2 दिन पहले इस महिला को भेजा गया था। वहीं डिस्चार्ज स्लिप थी, लेकिन 2 दिन बाद यह महिला वापस मेडिकल कॉलेज आ गई और कहा कि वहां पर बहुत अव्यवस्था है। इसके बाद यह महिला मेडिकल कॉलेज में वापस आ गई। बुधवार की देर शाम इसने हॉस्पिटल के गार्ड को पुरानी डिस्चार्ज स्लिप दिखाकर अपने आपको एग्जिट करा लिया। अपने पति को भी बुलवाया और चली गई। जबकि इस केस में महिला को अलग से 10 दिन की अवधि पूरी करना आवश्यक है। हमें जब जानकारी हुई तो हमने इस महिला को वापस बुलाया। 10 दिन की अवधि एहतियातन लेवल वन हॉस्पिटल के लिए रखी जाती है।
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महिला मेडिकल कॉलेज से अपने घर चली आई। महिला के परिजनों का आरोप है कि हॉस्पिटल प्रशासन ने उन्हें डिस्चार्ज स्लिप और अन्य दस्तावेज दिए। हॉस्पिटल से आने के बाद महिला ने अपने घर पर स्नान किया और मोहल्ले वालों ने भी उनका स्वागत किया। इसके कुछ ही देर बाद मेडिकल कॉलेज से फोन आया कि उन्हें वापस आना है। इसके बाद उन्हें थोड़ी असहजता अनुभव हुई। मेडिकल कॉलेज को लगा कि जब महिला आने में आनाकानी कर रही है, तो उन्होंने मेडिकल रोड पुलिस चौकी की सहायता ली। पुलिस ने महिला के परिजनों से संपर्क किया जिसके बाद समझा-बुझाकर वापस महिला को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
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इस पूरे प्रकरण पर जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. शाहिद सिद्दीकी कहते हैं कि इस महिला के दो टेस्ट किए गए और दोनों निगेटिव आए। इसके बाद इस महिला को अगले 10 दिन के लिए लेवल वन हॉस्पिटल के लिए भेज दिया गया। 2 दिन पहले इस महिला को भेजा गया था। वहीं डिस्चार्ज स्लिप थी, लेकिन 2 दिन बाद यह महिला वापस मेडिकल कॉलेज आ गई और कहा कि वहां पर बहुत अव्यवस्था है। इसके बाद यह महिला मेडिकल कॉलेज में वापस आ गई। बुधवार की देर शाम इसने हॉस्पिटल के गार्ड को पुरानी डिस्चार्ज स्लिप दिखाकर अपने आपको एग्जिट करा लिया। अपने पति को भी बुलवाया और चली गई। जबकि इस केस में महिला को अलग से 10 दिन की अवधि पूरी करना आवश्यक है। हमें जब जानकारी हुई तो हमने इस महिला को वापस बुलाया। 10 दिन की अवधि एहतियातन लेवल वन हॉस्पिटल के लिए रखी जाती है।
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