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कोरोना संक्रमित का शव थ्री लेयर बैग में सील, छह फीट गहराई में होगा दफन
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नीवरी में कोरोना पॉजिटिव मिलने पर क्षेत्र को सेनिटाइज करती नगर निगम की टीम।
- फोटो : CITY OFFICE
जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की पहली मौत के साथ ही उसके अंतिम संस्कार को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में माथापच्ची होती रही कि किस प्रकार अंतिम संस्कार हो, जिससे संक्रमण का खतरा समाप्त हो जाए।
जेएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हारिस ने बताया कि उस्मानपाड़ा निवासी 55 वर्षीय मरीज कोरना संक्रमण से ग्रसित था। उसके शव को थ्री लेयर बैग में सील किया गया। इसके बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में शव सौंप दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बीपी कल्याणी ने बताया कि संक्रमित मरीज की मौत होने के बाद एक निर्धारित प्रोटोकॉल है, उसी तरीके से डेड बॉडी को डिस्पोज किया जाता है। बेहतर तो यही है कि शव को जला दिया जाए। लेकिन संभव न हो तो उसको जमीन के अंदर छह फीट की गहराई में दफनाना सुरक्षित होता है।
परिजनों से कहा है कि स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ ही अगर अंतिम संस्कार करे तो बेहतर होगा, क्योंकि उनके पास पर्सनल प्रोटेक्शन किट हैं। परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए अगर कोई परिजन अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहता है तो उसको भी पर्सनल प्रोटेक्शन किट उपलब्ध कराई जाएगी व अन्य सुरक्षा उपाय भी उपलब्ध कराएं जाएंगे। देर रात तक स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अंतिम संस्कार के तरीके, प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों पर विचार विमर्श करने में जुटा हुआ है।
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जेएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हारिस ने बताया कि उस्मानपाड़ा निवासी 55 वर्षीय मरीज कोरना संक्रमण से ग्रसित था। उसके शव को थ्री लेयर बैग में सील किया गया। इसके बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में शव सौंप दिया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बीपी कल्याणी ने बताया कि संक्रमित मरीज की मौत होने के बाद एक निर्धारित प्रोटोकॉल है, उसी तरीके से डेड बॉडी को डिस्पोज किया जाता है। बेहतर तो यही है कि शव को जला दिया जाए। लेकिन संभव न हो तो उसको जमीन के अंदर छह फीट की गहराई में दफनाना सुरक्षित होता है।
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परिजनों से कहा है कि स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ ही अगर अंतिम संस्कार करे तो बेहतर होगा, क्योंकि उनके पास पर्सनल प्रोटेक्शन किट हैं। परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए अगर कोई परिजन अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहता है तो उसको भी पर्सनल प्रोटेक्शन किट उपलब्ध कराई जाएगी व अन्य सुरक्षा उपाय भी उपलब्ध कराएं जाएंगे। देर रात तक स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अंतिम संस्कार के तरीके, प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों पर विचार विमर्श करने में जुटा हुआ है।
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