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खराब बियर की आपूर्ति पर उपभोक्ता आयोग ने ठोका जुर्माना

Thu, 21 Jul 2022 01:06 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2022 01:06 AM IST
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Consumer commission fined for supply of bad beer
जिस बियर को पीने से बच्चे की जन्मदिन पार्टी में शामिल कई दोस्त बीमार हुए थे, उनके पक्ष में अब उपभोक्ता आयोग ने बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाया है। आयोग ने कहा है कि इस प्रकरण में याची और बीमार लोगों को सात लाख रुपये मुआवजा व खर्च दिया जाए। साथ ही 25 लाख रुपये उपभोक्ता कल्याण कोष के राजकीय खाते में जमा किए जाएं। यह भुगतान बियर शॉप निर्माता कंपनी, वितरक और रिटेलर आदि को करने का आदेश दिया गया है।
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घटनाक्रम शहर के सेंटर प्वाइंट इलाके के एक नामचीन रेस्तरा संचालक कमल बगाई के परिवार में बच्चे का जन्मदिन पार्टी का था। यह पार्टी चार मार्च 2004 को आयोजित हुई थी। इसमें उनके करीबी दोस्त आमंत्रित थे। इस पार्टी के लिए वे नौरंगाबाद की बियर शॉप से 12 बोतल की क्रेट खरीदकर लाए। इसमें से 10 बियर उन्होंने व दोस्तों ने पी। इन्हें पीने के बाद सभी लोग उल्टी-दस्त के शिकार हुए और सभी को शहर के एक नर्सिंग होम में सात मार्च तक भर्ती रहना पड़ा। इसे पीने से बीमारों में शामिल अधिवक्ता संजीव शर्मा की ओर से उन बची दो बोतलों को ले जाकर बियर शॉप पर आपत्ति जताई गई जो बच गई थीं, मगर वहां से उन्हें यह कहकर टरका दिया गया कि उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है।
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बाद में पार्टी आयोजक कमल बगाई सहित सभी छह बीमार लोगों की ओर से बियर विक्रेता, थोक विक्रेता, कंपनी वितरक व कंपनी तक को नोटिस भेजे गए, मगर नोटिसों पर कोई जवाब नहीं आया। बाद में कमल बगई ने अधिवक्ता संजीव शर्मा की ओर से उपभोक्ता आयोग में अर्जी दायर कराई। आयोग के निर्देश पर बची दोनों बियर की बोतलों को जांच के लिए राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। उनकी जांच में फंगस होना पाया गया। इस आधार पर आयोग में लंबे समय तक चली सुनवाई और विपक्षियों की ओर से दी गई दलीलों के बाद प्रयोगशाला की रिपोर्ट को आधार मानते हुए बुधवार को फैसला सुनाया गया।
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आयोग के अध्यक्ष/ न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह राजपूत की संयुक्त पीठ ने आदेश दिया है कि मामले में पांच लाख रुपये मुआवजा, दो लाख रुपये बीमार होने पर उपचार खर्च, 15 हजार रुपये मुकदमा खर्च नौ प्रतिशत सालाना ब्याज दर से दिया जाए। साथ में बाजार में गलत माल बेचने की बड़ी गलती करने के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए 25 लाख रुपया राजकीय उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा किया जाए।
कई जिलों में हुई थी आपूर्ति
आदेश में उल्लेख के अनुसार दिसंबर 2003 के बैच नंबर 443 की इन बोतलों की अलीगढ़ के साथ-साथ मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद, मोदीनगर में भी हुई थी आपूर्ति।
ये हैं याची और पीड़ित : कमल बगाई-हरिओम नगर, राजीव गुप्ता-जेल रोड, अमन कुमार-नुमाइश मैदान जेल रोड, संजीव कुमार शर्मा-नगला जाहर हरिओम नगर, अर्जुन भैय्याजी कनवरीगंज, संजीव मनूजा हरिओम नगर।
ये हैं विपक्षी : मैसर्स महेश कुमार प्रवीन कुमार राज मंदिर के निकट रामघाट रोड साझेदार पीके शर्मा (थोक वितरक), संदीप मेहदीरत्ता लाइसेंसी नौरंगाबाद बीयर शॉप, जनरल मैनेजर एसकेओएल बेवरीज लिमिटेड सेंट्रल डिस्टलरी एंड बेवरीज मेरठ कैंट, रीजनल मैनेजर शौ वॉलेस कंपनी एनी बेसेंट रोड वर्ली मुंबई।

-हमारे मित्र के घर की पार्टी में बियर पीने से हमारे व हमारे मित्रों के साथ हुई घटना में आयोग ने हमारे पक्ष में फैसला सुनाया है। चूंकि प्रयोगशाला ने अपनी रिपोर्ट में बियर में फंगस होना पाया और हमने बीमारी के पर्चे भी दाखिल किए। ये फैसले का बड़ा आधार है। नियमानुसार कंपनी प्रबंधन, वितरक व रिटेलर आदि को आदेश के 30 दिन में यह भुगतान करना होगा।
-संजीव कुमार शर्मा, अधिवक्ता
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