हरदोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र: इतना गंदा अस्पताल, परिसर का कोना-कोना बदहाल, पड़े देसी शराब के खाली टैट्र पैक
इस अस्पताल में छह कमरे हैं। लेकिन जहां चिकित्सक बैठकर मरीजों को देखते हैं उसके अलावा अधिकांश कमरों में गंदगी है।
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यहां तो वाकई मरीजों से पहले अस्पताल को इलाज की जरूरत है। अलीगढ़ के हरदोई का यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इतना गंदा है कि एक पल खड़ा होना मुश्किल हो जाएगा। कमरों में देसी शराब के खाली टैट्रा पैक पड़े हैं। इससे साफ है कि यहां लोग बैठकर दारू भी पीते हैं। आप यह मान लीजिए कि चिकित्सक के कक्ष और सामने की गैलरी के अलावा पूरा अस्पताल बदहाल है।
बिजौली ब्लाक की ग्राम पंचायत हरदोई में स्थित इस प्राथमिक अस्पताल से रायपुर, रायपुर खास, पापरी नगला, नगरिया जाहर, नगला केरल, नगला लोचन, बंजारा नगला, मुस्लिम नगला और नगला सरदार समेत छोटे बड़े मिलाकर करीब बीस गांव जुड़े हुए हैं। इस अस्पताल में छह कमरे हैं। लेकिन जहां चिकित्सक बैठकर मरीजों को देखते हैं उसके अलावा अधिकांश कमरों में गंदगी है।
नगला अथैया निवासी रघुनाथ पुराने पर्चे के अनुसार इंजेक्शन लगवाने पहुंचे थे। पीएचसी अधीक्षक डॉ. वसीम अकरम, लैब टेक्नीशियन और सफाई कर्मी एक ही जगह बैठे थे, लेकिन रघुनाथ को जवाब मिला- आज स्टाफ नहीं है। इंजेक्शन नहीं लगेगा .. कल आना। पीएचसी अधीक्षक डॉ. वसीम से जब इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि शुक्रवार को रघुनाथ की ओपीडी (ओपीडी में नहीं पहुंचे) नहीं कराई है, इसलिए इंजेक्शन नहीं लगा होगा। साथ ही मरीज उनसे नहीं मिला।
मरीजों का दर्द
खुजली की समस्या है। सोमवार को अस्पताल में दवा ली थी और इंजेक्शन लगा था। शुक्रवार को भी दवा और इंजेक्शन लगवाने के लिए बुलाया गया था। वह अस्पताल आए तो मौजूद स्वास्थ्य कर्मी ने कहा कि आज स्टाफ नहीं है। आज इंजेक्शन नहीं लग पाएगा, कल आना।- रघुनाथ, नगला अथैया ग्राम पंचायत खुर्दिया।
अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा है। आज दवा लेने आया हूं। परिसर में बदबू है। डर लग रहा है कि यहां से बीमारी लेकर घर न जाऊं। काफी समय से हम लोग अस्पताल में बैठे हैं। प्यास लगी है। पीने के पानी की भी सुविधा नहीं है।- मंतेश यादव, निवासी नगला अचला।
हरदोई के अस्पताल में टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी, खामियां मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ग्राम प्रधानों से बात कर अन्य स्थिति को सुधारा जाएगा। लेकिन कब तक सुधार होगा इसका ठोस जवाब वह भी नहीं दे सके।- डॉक्टर नीरज त्यागी, सीएमओ, अलीगढ़
टूटी नींद, एसीएमओ ने देखी पीएचसी की बदहाली
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) हरनौठ भोजपुर की बदहाली पर अमर उजाला की खबर के बाद 10 अक्तूबी को स्वास्थ्य विभाग के अफसर दौड़ पड़े। एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री पीएचसी पहुंचे और मरीजों का उपचार कर दवाएं दीं। अस्पताल से नदारद चिकित्सक, फार्मासिस्ट और नर्स के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति सीएमओ से की है। एसीएमओ के निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। परिसर की दीवारें टूटी हुई हैं। भवन जर्जर हालत में मिला। आयुष्मान केंद्र के पीछे भी दीवार का हिस्सा क्षतिग्रस्त है। टूटी दीवारों के कारण लोग परिसर में बैठने और गाय बांधने के लिए जगह का दुरुपयोग कर रहे हैं।
अस्पताल की कई खिड़कियों के शीशे टूटे हैं, जालियां फटी हैं। बाहरी बिजली बोर्ड खराब मिले। बरामदे के दो पंखे और ट्यूबलाइट खराब मिलीं, जबकि चार-पांच पंखे पूरी तरह बेकार थे। इन्वर्टर भी खराब हालत में है। इसे सही कराने की जिम्मेदारी चिकित्सा अधीक्षक बिजौली को दी गई है।ग्राम प्रधान को बुलाकर दीवारों की मरम्मत कराने और पशुओं को बांधने पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए। चिकित्सक डॉ. सगीर अब्बास, फार्मासिस्ट गौरव और स्टाफ नर्स नीतू पांडेय अस्पताल से नदारद मिले। लोगों ने बताया कि अब्दुल कादिर और नीतू ही नियमित रूप से मरीजों का इलाज करते हैं।
कमरे से निकालकर बाहर बांध दिए पशु
हरनौठ भोजपुर के अस्पताल के कमरों से पशुओं को निकालकर बाहर बांध दिया गया, जबकि भूसा अभी भी कमरे में रखा हुआ है। अधिकारियों के जाने के बाद पशुओं को फिर से परिसर में बांध दिया गया।