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Aligarh: झांसी की घटना के बाद भी नहीं टूटी नींद, कहीं खुला है स्वीच बोर्ड तो कहीं दीवार पर लटक रहे तार

Tue, 19 Nov 2024 11:17 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 19 Nov 2024 11:17 AM IST
सार

अमर उजाला की पड़ताल में पाया गया कि झांसी की घटना से जिले के सरकारी अस्पतालों के प्रबंधकों ने कोई सबक नहीं लिया है। अस्पतालों में व्यवस्थाएं अब भी जस की तस हैं। स्वीच बोर्ड को टेप से चिपकाया गया है। दीवारों पर तार आपस में उलझे हुए हैं।

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Condition of government hospitals of Aligarh
मोहलाल महिला अस्पताल में बारू की बाल्टी में कूड़ा - फोटो : सवांद

विस्तार

झांसी के रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में स्पार्किंग के बाद लगी आग से 11 नवजात शिशुओं की मौत के बाद भी अलीगढ़ के सिस्टम की नींद नहीं खुली है। 18 नवंबर को भी जिला अस्पताल और दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में व्यवस्थाएं बदहाल दिखीं। कहीं स्वीच बोर्ड खुला था तो कहीं दीवार पर तार लटक रहे थे।

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दीनदयाल अस्पताल में बिजली का बोर्ड नही तार लटके
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18 नवंबर को अमर उजाला की पड़ताल में पाया गया कि झांसी की घटना से जिले के सरकारी अस्पतालों के प्रबंधकों ने कोई सबक नहीं लिया है। अस्पतालों में व्यवस्थाएं अब भी जस की तस हैं। स्वीच बोर्ड को टेप से चिपकाया गया है। दीवारों पर तार आपस में उलझे हुए हैं। ऐसे में कभी भी झांसी जैसी अग्निकांड की पुनरावृत्ति हो सकती है।
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मोहन लाल महिला अस्पताल में गयाब फायर बॉक्स से पाइप

अस्पतालों में स्विच बोर्ड को दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं। मंगलवार को बोर्ड और प्लग दुरुस्त नहीं किए गए हैं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तीनों अस्पतालों में बालू भरी बाल्टियों को ऊंचाई पर टांगने के लिए कहा गया है। अस्पताल में आने वाले तीमारदारों के थूकने से बालू जम गई है। अग्निशमन यंत्र और पानी के पाइप को ठीक करने की हिदायत दी गई है। - डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ

केस- 1
महिला अस्पताल : बालू से भरी बाल्टी बन गई थूकदान, पाइप भी गायब
समय : दोपहर 12:30

मोहनलाल गौतम अस्पताल में आग से निपटने की व्यवस्था बेपटरी है। आग बुझाने के लिए यहां पर बालू रखी बाल्टियां जरूर लटक रही हैं, लेकिन वह आग लगने पर काम नहीं आ सकतीं। बालू बाल्टी में जम गई है। अस्पतालों में आने वाले लोग बाल्टियों को कूड़ादान समझकर उसमें पान-मसाला की पीक थूकते हैं। पानी की बौछार मारने वाली पाइप भी गायब है। दीवार से अग्निशमन यंत्र गायब है। अस्पताल के दूसरी मंजिल पर हॉल में एक भी अग्निशमन यंत्र नहीं है। आग लगने की सूरत में स्थिति भयावह हो सकती है।
मलखान सिंह जिला अस्पताल में टूटा पडा बिजली का बोर्ड
केस - 2
जिला अस्पताल : स्विच बोर्ड को टेप से चिपकाया
समय : दोपहर 3 बजे

जिला अस्पताल में पांच इलेक्ट्रिक बोर्ड नीचे की तरफ लटक रहे थ। जिसमें करंट प्रवाहित हो रही थी। स्विच बोर्ड पर टेप चिपकाया गया है। कई जगह-जगह बोर्ड लटके हैं। तारों के जोड़ को टेप से चिपकाया गया है।
दीनदयाल अस्पताल में बोर्ड से बाहर लटके बिजली के तार
केस - 3
डीडीयू : उलझे तार, उखड़े स्विच बोर्ड दे रहे हादसों को दावत
समय : 5 बजे

पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के वार्डों में स्विच बोर्ड उखड़े पड़े हैं। वार्ड नंबर-8 में स्विच बोर्ड उखड़े हैं। जिनमें तार दिख रहे हैं। इससे कभी भी शॉर्ट-सर्किट हो सकता है। वार्ड नंबर-9 में तारों का मकड़जाल है। पीआईसीयू वार्ड में दीवार पर लगा स्विच बोर्ड गायब है।
 
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