अलीगढ़ का ईएसआई अस्पताल बीमार: चाहिए दवाओं का टॉनिक, चार माह से नहीं मिला चिकित्सक-कर्मचारियों को वेतन
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मार्च माह से दवाओं की खरीद के लिए कोई बजट जारी नहीं हुआ है। दवाओं का स्टॉक पूरी तरह खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। नई आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है।
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अलीगढ़ के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) अस्पताल में दवाओं की भारी किल्लत है। पिछले चार महीनों से बजट नहीं मिलने के कारण अस्पताल में बुखार, दर्द, ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर और हार्ट जैसी जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति ठप है। चिकित्सक मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने पर मजबूर हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अलीगढ़ में ईएसआई अस्पताल से करीब 35000 हजार मरीज जुड़े हैं। हर दिन यहां ओपीडी में करीब 100-110 मरीज उपचार कराने आते हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मार्च माह से दवाओं की खरीद के लिए कोई बजट जारी नहीं हुआ है। दवाओं का स्टॉक पूरी तरह खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। नई आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है।
मरीज के तीमारदार राहुल कुमार व सुशील ने ईएसआई प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब कर्मचारियों से ईएसआई योजना के तहत प्रीमियम लिया जाता है, तो बदले में उचित स्वास्थ्य सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं? उन्होंने सरकार से तत्काल बजट जारी करने और दवाओं की नियमित आपूर्ति की मांग की है।
ईएसआई अस्पताल में दवाओं की भारी कमी है। जैसे-तैसे कार्य चलाया जा रहा है। दवाएं न होने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। चार माह से बजट न आने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। - डॉ. हामिद अली, सीएमएस, ईएसआई
सीएमएस ने अपने प्रयासों से मंगाई कुछ दवाएं
मरीजों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हामिद अली ने अपनी जेब से खर्च कर गाजियाबाद के मोदीनगर में स्थित ईएसआई अस्पताल से कुछ दवाएं मंगवाई हैं। सीएमएस ने बताया कि मरीजों की तकलीफ को समझते हैं, लेकिन बजट की कमी के कारण हमारे हाथ बंधे हैं। मैंने निजी स्तर पर कुछ दवाएं मंगवाकर मरीजों को राहत देने की कोशिश की है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
चिकित्सक और कर्मचारियों को नहीं मिला चार माह से वेतन
ईएसआई अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों को पिछले चार माह से वेतन नहीं मिला है। अस्पताल के फार्मासिस्ट रजत शर्मा ने बताया कि मार्च माह में आधा वेतन आया था। उसके बाद से वेतन नहीं आया है।
अस्पताल की बदहाल स्थिति और प्रशासन पर सवाल
ईएसआई अस्पताल में दवाओं की कमी के साथ-साथ अन्य संसाधनों का अभाव भी स्पष्ट दिख रहा है। भर्ती मरीजों के लिए बेड और अन्य सुविधाएं भी सीमित हैं। मरीजों का कहना है कि रेफर किए जाने के बाद भी उन्हें अन्य अस्पतालों में समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे उनकी परेशानी दोगुनी हो जाती है। खासकर शुगर और हार्ट के मरीजों को दवाओं की कमी से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।