फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Complainant fainted at Aligarh DM office

प्रशासनिक असंवेदनशीलता: डीएम कार्यालय पर न्याय की गुहार लगाने पहुंचा पीड़ित हुआ बेहोश, नहीं निकला कोई अधिकारी

Fri, 12 Jun 2026 01:55 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Fri, 12 Jun 2026 01:55 PM IST
सार

प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार का कहना है कि जिला मुख्यालय पर एक फरियादी न्याय की आस में बेहोश पड़ा रहा, लेकिन कोई अधिकारी उसे देखने तक नहीं निकले। इस घटना के कोई प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विज्ञापन
Complainant fainted at Aligarh DM office
बेहोश होकर गिरा फरियादी - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

अलीगढ़ जिला मुख्यालय पर 12 जून दोपहर अपनी फरियाद लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा एक पीड़ित व्यक्ति बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। पीड़ित थाना गोरई क्षेत्र का रहने वाला है, जो ग्राम प्रधान के उत्पीड़न से परेशान होकर न्याय की गुहार लगाने जिला मुख्यालय आया था।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, थाना गोरई क्षेत्र के गांव सुदामावास निवासी दिनेश कुमार ग्राम प्रधान की प्रताड़ना से परेशान था। पीड़ित के भाई विपिन कुमार ने बताया कि ग्राम प्रधान लगातार उनके परिवार को परेशान कर रहा है। इस मामले की शिकायत लेकर वे पहले स्थानीय थाने भी गए, लेकिन वहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन


इसके बाद पीड़ित परिवार एसडीएम इगलास के पास भी न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचा। आरोप है कि एसडीएम ने भी उन्हें वहां से भगा दिया। स्थानीय स्तर पर हर जगह से निराश होने के बाद पीड़ित थक-हारकर जिलाधिकारी से गुहार लगाने जिला मुख्यालय पहुंचा था। बताया गया कि सिस्टम की बेरुखी और मानसिक तनाव के कारण पीड़ित दिनेश कुमार जिलाधिकारी कार्यालय के सामने ही अचानक अचेत होकर गिर पड़ा। फरियादी के बेहोश होते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूचना मिलते ही मलखान सिंह जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और बेहोश व्यक्ति का प्राथमिक चेकअप किया। डॉक्टरों ने पीड़ित को एंबुलेंस की मदद से तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसको चिकित्सकीय राहत दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार का कहना है कि जिला मुख्यालय पर एक फरियादी न्याय की आस में बेहोश पड़ा रहा, लेकिन कोई अधिकारी उसे देखने तक नहीं निकले।

प्रधान ने चक मार्ग और नाली पर कब्जा दिखाया था, जबकि यह जगह छूूटी हुई है। मेरे मकान में निर्माण कार्य को रुकवा दिया। एफआईआर भी लिखा दी। इलाका पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने रसूखदारों के प्रभाव में पूरे परिवार को परेशान कर रखा है। 50 गज का पूरा मकान है। -विपिन कुमार, बेहोश हुए पीड़ित का भाई
गांव सुदामावास तहसील इगलास निवासी दिनेश कुमार एवं उनके भाई विपिन ने जनता दर्शन में ग्राम सभा की भूमि पर कथित अवैध कब्जे के संबंध में धारा 67 उप्र राजस्व संहिता के तहत की गई कार्रवाई एवं दर्ज एफआईआर की पुनः जांच कराए जाने का अनुरोध किया। प्रकरण को सुनते हुए उपजिलाधिकारी इगलास को पुनः जांच के निर्देश दिए गए। आवेदकों को आश्वस्त किया गया कि जांच पूर्ण होने तक कोई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। जनता दर्शन से लौटते समय दिनेश कुमार अचानक अचेत होकर गिर पड़े, जिनको तत्काल एंबुलेंस से मलखान सिंह चिकित्सालय पहुंचाकर उपचार के लिए भर्ती कराया गया।- विनीत मिश्रा, एसीएम प्रथम


अवैध कब्जे को लेकर गांव के ही व्यक्ति गजेंद्र द्वारा शिकायत की गई थी। शिकायत पर राजस्व विभाग की टीम द्वारा जांच की गई। जांच में अवैध कब्जा पाए जाने पर कार्रवाई की गई। मेरे ऊपर लगाए आरोप निराधार हैं।-पवन छौंकर, ग्राम प्रधान, गांव सुदामावास

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed