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अलीगढ़ : सरकारी स्कूलों में ही बनवा दिए सामुदायिक शौचालय
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स्वच्छ भारत मिशन में देश में नंबर वन रैंकिंग बरकरार रखने की हड़बड़ी में सरकारी स्कूलों में सामुदायिक शौचालय बना दिए गए। मामले की जानकारी मिलने पर डीएम ने बीएसए को सत्यापन के आदेश दिए हैं। कहा कि स्कूलों में बने शौचालयों का स्कूली बच्चे ही इस्तेमाल करें।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश में 15 जून से 15 सितंबर तक सामुदायिक शौचालय निर्माण का अभियान चल रहा है। शुरूआत से ही अलीगढ़ देश में नंबर एक स्थान पर चल रहा है। 15 अगस्त को जारी रैंकिंग में 537 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराकर अलीगढ़ नंबर 1 स्थान पर था। 490 शौचालयों के साथ बरेली दूसरे व 478 शौचालयों के साथ फतेहपुर तीसरे स्थान पर रहा। लेकिन निर्माण की हड़बड़ी में कई ग्राम पंचायतों में नियमों को ताक पर रखकर सरकारी स्कूलों में ही सामुदायिक शौचालय बनवा दिए गए।
बताया जाता है कि करीब दो दर्जन सामुदायिक शौचालय स्कूलों में बनवाए गए हैं। इसके पीछे तर्क दिया गया था कि ग्राम पंचायत के पास और टॉयलेट बनवाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं थी। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने स्कूलों में टॉयलेट निर्माण पर रोक लगा दी और बीएसए को सत्यापन के आदेश जारी कर दिए।
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बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने स्वीकार किया कि सरकारी स्कूलों में सामुदायिक शौचालय बनवाने की शिकायत मिली है। इनका सत्यापन कराया जा रहा है। आदेश दिए गए हैं कि इन शौचालयों का इस्तेमाल स्कूली बच्चे ही करेंगे।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश में 15 जून से 15 सितंबर तक सामुदायिक शौचालय निर्माण का अभियान चल रहा है। शुरूआत से ही अलीगढ़ देश में नंबर एक स्थान पर चल रहा है। 15 अगस्त को जारी रैंकिंग में 537 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराकर अलीगढ़ नंबर 1 स्थान पर था। 490 शौचालयों के साथ बरेली दूसरे व 478 शौचालयों के साथ फतेहपुर तीसरे स्थान पर रहा। लेकिन निर्माण की हड़बड़ी में कई ग्राम पंचायतों में नियमों को ताक पर रखकर सरकारी स्कूलों में ही सामुदायिक शौचालय बनवा दिए गए।
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बताया जाता है कि करीब दो दर्जन सामुदायिक शौचालय स्कूलों में बनवाए गए हैं। इसके पीछे तर्क दिया गया था कि ग्राम पंचायत के पास और टॉयलेट बनवाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं थी। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने स्कूलों में टॉयलेट निर्माण पर रोक लगा दी और बीएसए को सत्यापन के आदेश जारी कर दिए।
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बीएसए डॉ लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने स्वीकार किया कि सरकारी स्कूलों में सामुदायिक शौचालय बनवाने की शिकायत मिली है। इनका सत्यापन कराया जा रहा है। आदेश दिए गए हैं कि इन शौचालयों का इस्तेमाल स्कूली बच्चे ही करेंगे।