Aligarh: स्टील फैक्टरी में अग्निकांड की जांच को कमेटी गठित, तय करेगी कार्रवाई, शासन को किया अपडेट
एडीएम सिटी अमित भट्ट की अगुवाई में उद्योग विभाग, फायर विभाग, यूपीएसआईडीसी, कारखाना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जांच करेंगे। 25 मई दोपहर तक यह जांच टीम लापरवाही और अन्य मुख्य कारणों को उजागर करेगी।
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अलीगढ़ के तालानगरी में हुई दुर्घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। इसमें लापरवाही किस स्तर की है और दुर्घटना के कारण क्या हैं। ये जानने के लिए डीएम स्तर से जांच नियत की गई है। इसके लिए एडीएम सिटी की अगुवाई में पांच सदस्यीय टीम जांच करेगी और 25 मई दोपहर तक जांच के आधार पर कार्रवाई तय करेगी।
डीएम विशाख जी ने बताया कि एडीएम सिटी अमित भट्ट की अगुवाई में उद्योग विभाग, फायर विभाग, यूपीएसआईडीसी, कारखाना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जांच करेंगे। 25 मई दोपहर तक यह जांच टीम लापरवाही और अन्य मुख्य कारणों को उजागर करेगी। जिसमें यह साफ होगा कि वायलर ब्लास्ट किन कारणों से हुआ। इस जांच के बाद ही लापरवाही तय होगी। उसी के अनुसार मुकदमा या अन्य कार्रवाई तय होगी। इसके अलावा तहसील की टीम को मृतकों के पारिवारिक हालात, घायलों की स्थिति आदि जानने को लगाया गया है। तहसील की टीम की रिपोर्ट के आधार पर 25 मई को मुआवजे आदि की प्रक्रिया तय की जाएगी। इधर, डीएम व एसएसपी ने मौके के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों के उपचार आदि की व्यवस्था देखी और जरूरी निर्देश दिए।
इस दुर्घटना में ब्लास्ट के कारणों का जानना जरूरी है। उसी आधार पर कार्रवाई तय होगी। इस संबंध में गठित जांच समिति 25 मई तक तस्वीर साफ करेगी। उसी आधार पर मुकदमा आदि पर निर्णय होगा। फिलहाल घायलों के उपचार व मृतकों के पोस्टमार्टम आदि की प्रक्रिया कराई जा रही है।-संजीव सुमन, एसएसपी।
फैक्टरी के बाहर तक आए लोहे के टुकड़े, भागे मजदूर
धमाके के बाद आग लगने पर मजदूर फैक्टरी से बाहर काफी देर तक भागे। इसकी वजह यही रही कि लोहे के जलते हुए टुकड़े फैक्टरी के काफी बाहर तक आकर गिरे।
जिले की फर्नेश में दूसरी बार हुआ ऐसा हादसा
अलीगढ़ जिले में फर्नेश व रोलिंग मिल उद्योग दशकों पुराना है। जिनमें अक्सर सुरक्षा व मानकों की अनदेखी करने के सवाल खड़े होते रहते हैं। तालानगरी की फर्नेश फैक्टरी में बायलर फटने की यह पहली घटना नहीं है। करीब एक दशक पहले इगलास क्षेत्र की फर्नेश में ऐसी ही दुर्घटना हुई थी, जिसमें दस लोगों की जान गई थी और कई की मौत हुई थी।
अपने जिले में रोलिंग यानि सरिया, चादर-गाटर आदि बनाने वाले फर्नेश और कारखानों की बात करें तो वर्तमान में पांच इकाइयां संचालित हैं। जिनमें एक तालानगरी, एक चंडौस, एक बौनेर, एक साधू आश्रम और एक इगलास में है। वहीं तीन बड़ी फर्नेश हैं, जिनमें एक तालानगरी, एक इगलास व एक बौनेर पर है। इसके अलावा पड़ोसी जिले हाथरस के सासनी में भी एक फर्नेेश व रोलिंग मिल है।
एक दशक पहले तक अपने जिले में रोलिंग-फर्नेश की संख्या एक दर्जन के करीब थी। यह कारोबार हाईरिस्क कैटेगरी का है। जिसमें अक्सर सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े होते रहते हैं। आग के मुहाने पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के हालात खुद देखे जा सकते हैं। फर्नेश में कबाड़ गलाने की भट्टी के तापमान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह किसी भी लोहे को पानी की तरह गलाती है। जिससे लोहे की सिल्ली बनती है। जानकार कहते हैं कि अगर कर्मचारी सभी सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें तो जान बचाई जा सकती है। इधर पुरानी दुर्घटना की बात करें तो वह एक दशक पहले इगलास क्षेत्र की है। 24 मई को फिर उसी तरह की घटना हुई है।
पावर हाउस में भी फटा था वायलर, हुई थीं मौत
इसके अलावा कासिमपुर पावर हाउस के पुराने प्लांट में भी आठ वर्ष पहले वायलर फटा था। उसमें भी कई मजदूरों की मौत हुई थी।
देर रात दो की हालत बेहद गंभीर हुई, वेंटिलेटर पर
सभी सियासी दलों ने की मुआवजे की वकालत
इस दुर्घटना पर भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला ने संवेदना व्यक्त करते हुए मुआवजे की बात कही है। कहा है कि वे पार्टी में शीर्ष स्तर पर इस विषय में पत्र भेजेंगे। इसी तरह सपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मीधनगर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ठा.सोमवीर सिंह ने भी घटना पर संवेदना व्यक्त कर मुआवजे की वकालत की है।
शासन तक को किया गया अपडेट
इस दुर्घटना की खबर पर जिला स्तर के अधिकारियों ने शासन के अधिकारियों को अपडेट किया है। वहीं सभी विभागों को सक्रिय करने के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग को विशेष तौर पर घायलों की निगरानी आदि के लिए कहा गया है। किसी भी तरह की समस्या न होने पाए।
घटनाक्रम एक नजर में
- 6:35 बजे विस्फोट के साथ लगी आग
- 7:10 बजे पहली फायर बिग्रेड की गाड़ी पहुंची
- 9:00 बजे तक आग को बुझाया जा सका
- 9:15 बजे मृतक व घायल मजदूरों को निकाला गया
- 9:30 बजे डीएम, एसएसपी सहित आला अधिकारी पहुंचे
- 10:30 बजे तीसरे गंभीर मजदूर ने भी तोड़ा दम