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अलीगढ़ : लावारिस मिले बच्चों ने कराया मां की हत्या का खुलासा, दंपती गिरफ्तार

Wed, 30 Mar 2022 12:25 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2022 12:25 AM IST
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children exposed the mother's murder, the couple arrested
परिजनों को बच्चे सुपुर्द करते चाइल्ड लाइन के निदेशक ज्ञानेन्द्र मिश्रा। - फोटो : CITY OFFICE
सारसौल इलाके में लावारिस घूमते मिले दो बच्चों की कहानी ने साढ़े तीन माह के प्रयास में उनकी मां की हत्या का ब्लाइंड केस खुलवाया है। इसमें बच्चों की कहानी के साथ-साथ साइबर सेल की सोशल मीडिया ट्रैकिंग भी कारगर साबित हुई है। बन्नादेवी पुलिस ने मंगलवार को उस दंपती को गिरफ्तार कर लिया, जिसने इन बच्चों की मां की हत्या कर लाश बोरे में बंद कर चंडौस क्षेत्र के कसेरू के पास फेंकी थी। एसएसपी ने इस सफलता पर पुलिस टीम की पीठ ठोकी है।
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वाकये के अनुसार, सारसौल इलाके में बन्नादेवी पुलिस ने 12 दिसंबर को 6 वर्षीय आर्यन व 5 वर्षीय अवनी को बरामद किया था, जो बहुत कुछ नहीं बता पा रहे थे। पुलिस ने उन्हें चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। बाल कल्याण समिति ने बच्चों की देखरेख का जिम्मा चाइल्ड लाइन को दिया। इस पर चाइल्ड लाइन निदेशक ज्ञानेंद्र मिश्रा बच्चों से बातचीत करते तो वे अपनी पहचान बताने के साथ इतना बताते कि वे कांडली, दिल्ली के रहने वाले हैं। अपने माता-पिता का नाम मनोज सागर व किरन सागर बताते थे। ज्ञानेंद्र मिश्रा ने दिल्ली जाकर जानकारी की। मगर कोई सफलता नहीं मिली। इस दौरान बच्चे धीरे-धीरे घुलने-मिलने लगे तो उन्होंने बताया कि मां का उनके पिता ने उनकी आंखों के सामने कत्ल किया है और लाश बोरे में बंद कर बाइक से ले जाकर कहीं फेंक दी है। पिता ही उन्हें सारसौल पर छोड़कर गए। चूंकि, पिता ने उन्हें बहुत धमकाया था। इसलिए अब तक ये बात डर के कारण नहीं बता पा रहे थे।
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सीओ द्वितीय मोहसिन खान के नेतृत्व में साइबर सेल की टीम बच्चों के साथ लगाई। करीब 1500 सोशल मीडिया एकाउंट बच्चों को दिखाए गए, जिनमें से एक दिन बच्चों ने अपनी मां व पिता की फेसबुक आईडी से उन्हें पहचान लिया। साइबर टीम ने पिता की फेसबुक आईडी की मदद से उसका मोबाइल नंबर प्राप्त किया। शुरुआत में मनोज पुलिस को बरगलाने लगा। मगर एक दिन जब पुलिस ने बच्चे मनोज सागर के सामने ले जाकर खड़े कर दिए तो बच्चे उसे देख सहम गए। इस पर पुलिस को शक हुआ और मनोज को दबोचकर यहां लाया गया। पूछताछ में उसने सच उगल दिया। साथ में उसकी पहली पत्नी पूजा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ने किरन की हत्या करना स्वीकारा है।
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पहले पति को छोड़ा महिला ने, दूसरे ने ले ली जान
पुलिस पूछताछ में मूल रूप से दनकौर नोएडा अट्टा निवासी मनोज सागर व चंडौस निवासी उसकी पत्नी पूजा ने स्वीकारा कि मनोज की पहली पत्नी की मौत के बाद उसने चंडौस निवासी पूजा से दूसरा विवाह किया। उसके दो बच्चे हैं। इसी बीच नोएडा में सीसीटीवी की मरम्मत का काम सीखते समय उसकी मुलाकात आगरा निवासी किरन से हो गई। किरन अपने पति व दो बच्चों के साथ दिल्ली में रहती थी। यहां उसके किरन से प्रेम संबंध हो गए। इस पर किरन के सिरसागंज निवासी पति ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद किरन 2018 से मनोज संग बिना शादी किए पति-पत्नी के रूप में रहने लगी। इस दौरान किरन ने तीसरे बच्चे को भी जन्म दिया। कुछ दिन बाद किरन व मनोज के बीच रुपयों को लेकर विवाद शुरू हो गया। इसी बीच किरन को मनोज की पहली शादी की जानकारी हुई तो वह 11 दिसंबर को अपने तीसरे बच्चे को अपनी मां के घर आगरा छोड़कर अपने दोनों बच्चों को लेकर चंडौस पूजा के घर पहुंची, जहां मनोज से उसका विवाद हुआ। इस दौरान पूजा ने भी मनोज का साथ दिया। इसी विवाद में मनोज व पूजा ने मिलकर किरन की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव बोरे में बंद कर बाइक से ले जाकर कसेरू के पास फेंक दिया। बच्चों को डराते धमकाते हुए सारसौल के पास एक अनाथ आश्रम के बाहर यह कहकर छोड़ गया कि अंदर चले जाना। मगर बच्चे अनाथ आश्रम में जाने के बजाय चौराहे पर पुलिस को घूमते मिल गए। इधर, कसेरू क्षेत्र में चंडौस पुलिस को महिला की लाश तीन जनवरी को बरामद हुई, जिसकी पहचान न होने पर अज्ञात में अंतिम संस्कार किया गया।
बच्चों को लेने आई नानी-मामा
इस घटना के खुलासे से पहले चाइल्ड लाइन निदेशक ने बच्चों के आगरा चीनी का रोजा के रहने वाले नानी व मामा का पता लगा लिया था। वे भी चाइल्ड लाइन के संपर्क में थे। आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर देकर उन्हें भी यहां बुलाया गया। बच्चों की सुपुर्दगी को लेकर बाल कल्याण समिति ने आदेश दिया तो बच्चों को नानी-मामा के सुपुर्द कर दिया गया।

- साढ़े तीन माह पहले मिले बच्चों के बताए अनुसार पुलिस व साइबर टीम ने ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया है। यह बेहद मेहनत भरा काम रहा है। इसके लिए टीम बधाई की पात्र है। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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