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बच्चा चोरी प्रकरणः फोटो लेकर घूमता था राजू, परिवार के बच्चों को बांधी जंजीरें
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पुलिस के बुलावे पर अपने बच्चे को लेकर पुलिस लाइन पहुंचे सरोज नगर के लोहा पीटने वाले राजू व उसकी पत्नी बच्ची को पाकर बेहद खुश थे। उनका कहना था कि वे अपनी बच्ची की तस्वीर लेकर घूमा करते थे। बस लोगों से एक ही सवाल होता था कि कहीं किसी ने हमारी बच्ची को तो नहीं देखा। एक मर्तबा थाने जाकर मुकदमा लिखवा दिया था। इसके बाद एक दिन दरोगा जी आए थे, उन्होंने ब्योरा लिया था। मगर उन्हें लगता था कि पुलिस शायद ही बच्ची को खोज पाएगी। उसकी बीवी को तो रात में नींद तक नहीं आया करती थी। जब उनके साथ रहने वाले परिवारों को पता चला कि इससे पहले धनीपुर से भी दो बच्चे चोरी हो चुके हैं तो ये लोग इतने डर गए कि रात में अपने परिवार के अन्य बच्चों को जंजीर में बांधकर सोया करते थे।
खैर के परिवार ने अनाथालयों में भी देखे थे बच्चे
खैर में बच्चा खरीदने में जेल गए कस्बे के नामचीन सराफ के परिवार ने बताया कि जब उन्होंने बच्चा गोद लेने का मन बनाया तो तमाम अनाथालयों में बच्चे देखना शुरू किया। इसी बीच नर्स संपर्क में आ गई। रात जब पुलिस बच्चे व सराफ को साथ ले गई तो सुबह उनके दरवाजे पर लोगों की भीड़ लग गई। लोग माजरा समझने के प्रयास में रहे। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों तक यह बात पहुंचाने का प्रयास किया कि उन्हें तो बच्चा गोद दिया गया है। मगर चूंकि उन्होंने नियमत: बच्चा गोद नहीं लिया। इसलिए उनकी दलील काम नहीं आई।
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खैर के परिवार ने अनाथालयों में भी देखे थे बच्चे
खैर में बच्चा खरीदने में जेल गए कस्बे के नामचीन सराफ के परिवार ने बताया कि जब उन्होंने बच्चा गोद लेने का मन बनाया तो तमाम अनाथालयों में बच्चे देखना शुरू किया। इसी बीच नर्स संपर्क में आ गई। रात जब पुलिस बच्चे व सराफ को साथ ले गई तो सुबह उनके दरवाजे पर लोगों की भीड़ लग गई। लोग माजरा समझने के प्रयास में रहे। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों तक यह बात पहुंचाने का प्रयास किया कि उन्हें तो बच्चा गोद दिया गया है। मगर चूंकि उन्होंने नियमत: बच्चा गोद नहीं लिया। इसलिए उनकी दलील काम नहीं आई।
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