औरंगजेब की मौत: सत्र न्यायालय में अर्जी दायर, हत्या की धारा में तय हो आरोप, 3 जून को होगी सुनवाई
मामू भांजा इलाके में पिछले वर्ष 18 जून को चोरी के इरादे से घुसे मोहल्ला घास की मंडी, रंगरेजान निवासी फरीद उर्फ औरंगजेब को पीटा गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। उसके भाई जकी ने मुकदमा दर्ज कराया कि घर लौटते समय औरगंजेब को आरोपियों ने घेर लिया और लाठी-डंडे, हॉकी, सरिया से बेरहमी से पीटा।
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अलीगढ़ में गांधीपार्क के मामू भांजा क्षेत्र के बहुचर्चित औरंगजेब की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। कोर्ट में आरोप तय होने की प्रक्रिया के बीच वादी पक्ष ने हत्या की धारा में आरोप तय करने की अर्जी दाखिल की है। अदालत ने सुनवाई के लिए 3 जून की तारीख नियत कर दी है। पुलिस ने मामले में 6 आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की धारा की चार्जशीट दाखिल की थी।
मामू भांजा इलाके में पिछले वर्ष 18 जून को चोरी के इरादे से घुसे मोहल्ला घास की मंडी, रंगरेजान निवासी फरीद उर्फ औरंगजेब को पीटा गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। उसके भाई जकी ने मुकदमा दर्ज कराया कि घर लौटते समय औरगंजेब को आरोपियों ने घेर लिया और लाठी-डंडे, हॉकी, सरिया से बेरहमी से पीटा। मुस्लिम होने की पहचान करके उसे मार दिया गया। मामले में छह लोग जेल भेजे गए।
प्रकरण में हत्या का मुकदमा दर्ज करने पर भाजपाइयों ने विरोध किया। पुलिस ने माह सितंबर में फॉरेंसिक व मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इस तर्क के साथ गैर-इरादतन हत्या में चार्जशीट दायर की कि फरीद की मृत्यु घर से निकलकर भागते समय सीढि़यों से गिरने से आई चोटों से हुई है।
दूसरे पक्ष ने लिखा था मुकदमा
आरोपी पक्ष ने भी मामले में फरीद, उसके भाई व अन्य साथियों पर घर में लूट के इरादे से घुसने, महिलाओं से अभद्रता करने आदि का मुकदमा दर्ज कराया। हालांकि उस मुकदमे में हाईकोर्ट ने फरीद के भाई को जेल भेजने पर रोक लगाई है।
इन पर दर्ज हुआ था मुकदमा
अंकित वार्ष्णेय, चिराग वार्ष्णेय, संजय वार्ष्णेय उर्फ बालाजी, रिषभ पाठक, अनुज अग्रवाल, मोनू पाठक, पंडित विजयगढ़ वाला, कमल बंसल उर्फ चौधरी, डिंपी उर्फ मोहित मित्तल, राहुल अग्रवाल व 10-12 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
ये गए थे जेल
मामले में चिराग, जय गोपाल, कमल बंसल, राहुल मित्तल, अंकित वार्ष्णेय व डिंपी जेल गए थे।