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पुलिस को लेकर बदलें सोच, हममें भी हैं संवेदनाएं

Thu, 30 Aug 2018 02:26 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Thu, 30 Aug 2018 02:26 AM IST
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Change thinking about the police, we also have sensations
पुलिस की पाठशाला को संबोधित करते एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव - फोटो : Amar Ujala
पुलिस को शत्रु न मानिए। यह आपकी मित्र है। पुलिस को लेकर सोच बदलने की जरूरत है, क्यों कि हममें भी वही संवेदना है, जो आम लोगों में होती है। ये बातें बुधवार को पुलिस अधिकारियों ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से विश्व भारती पब्लिक स्कूल सासनीगेट में ‘पुलिस की पाठशाला’ में कहीं। विद्यार्थियों को खासतौर से छात्राओं को 1090, 181, 1091, 100 नंबर की जानकारी दी गई। इसके बाद विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवालों की झड़ी लगा दी।
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इससे पूर्व स्कूल के डायरेक्टर मनोज जादौन व प्रधानाचार्य सुनीता जादौन ने एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव, सीओ प्रथम विशाल पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी, आरपीएफ इंस्पेक्टर पीके ओझा, थाना सासनी प्रभारी अरुणा राय को स्मृति चिह्न व तुलसी का पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया। अंत में प्रधानाचार्य सुनीता जादौन ने अतिथियों का आभार जताया।
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13 लाख लोग मारे जाते सड़क दुर्घटना में : चतुर्वेदी
एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी ने कहा कि दुनिया में जितनी मौतें होती हैं, उनमें 40 फीसदी मौतें सड़क दुर्घटना से होती हैं। हर साल दुनिया में 13 लाख लोग सड़क दुर्घटना में मारे जाते हैं। 5 करोड़ हर साल अपंग होते हैं। यही नहीं 70 फीसदी मौतें हेलमेट व सीट बेल्ट न होने के कारण होती हैं। आरपीएफ अलीगढ़ जंक्शन के इंस्पेक्टर पीके ओझा ने कहा कि ट्रेन में जनता की सुरक्षा के लिए आरपीएफ व जीआरपी के जवानों की मुस्तैदी से तैनाती रहती है। अनहोनी का अंदेशा हो, तो 182 नंबर पर फोन कर दें। 
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ईमानदारी से करें कार्य : अतुल
एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यूपी डायल 100 का रिस्पांस टाइम 10 मिनट है। उन्होंने बच्चों से ईमानदारी से अपने काम करने को कहा। झूठ का रास्ता ज्यादा दूर तक नहीं जाता है। उन्होंने कहा कि सभी को इन जरूरी नंबरों को याद रखना चाहिए।


सोच बदलें, बदलेगा नजरिया : विशाल
सीओ प्रथम विशाल पांडेय ने कहा कि सोच बदलने की जरूरत है। अब अबला नहीं, सबला बनने का वक्त है। कोई भी काम महिला-पुरुष के लिए नहीं, बल्कि व्यक्ति के लिए बना है। व्यक्ति में महिला-पुरुष नहीं होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही आर्थिक, मानसिक विकास होगा। पुलिस ने नाता तोड़िए नहीं, जोड़िए।
 
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