CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों ने बनाई संस्कृत से दूरी, हिंदी-उर्दू से घट रही नजदीकी
डीपीएस में इस साल 11वीं में 160 विद्यार्थियों का दाखिला हुआ है, लेकिन किसी भी विद्यार्थी ने उर्दू, हिंदी और संस्कृत को बतौर विषय नहीं लिया है। संत फिदेलिस स्कूल में 265 में से 110 विद्यार्थियों ने केवल हिंदी विषय को लिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से जुड़े स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का रुझान संस्कृत विषय के प्रति कम हो गया है। कमोवेश यही स्थिति हिंदी और उर्दू विषय को लेकर भी है। जिले के प्रमुख स्कूलों में हिंदी विषय लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या उंगलियों में गिनी जा सकती है। हिंदी, उर्दू और संस्कृत विषयों के प्रति विद्यार्थियों की घटती संख्या चिंता का भी विषय है। सत्र 2022-23 की बात करें तो 12वीं में 38 फीसदी विद्यार्थियों ने हिंदी विषय लिया था, जबकि 2.6 फीसदी विद्यार्थियों ने उर्दू विषय चुना था।
जिले में सीबीएसई से संबद्ध कुल 74 स्कूल हैं। यदि शहर के प्रमुख स्कूलों की बात करें तो आगरा रोड स्थित डीपीएस में इस साल 11वीं में 160 विद्यार्थियों का दाखिला हुआ है, लेकिन किसी भी विद्यार्थी ने उर्दू, हिंदी और संस्कृत को बतौर विषय नहीं लिया है। संत फिदेलिस स्कूल में 265 में से 110 विद्यार्थियों ने केवल हिंदी विषय को लिया है।
अलबरकात पब्लिक स्कूल में 309 में से 70 ने हिंदी और 75 विद्यार्थियों ने उर्दू विषय ले रखा है। अवर लेडी फातिमा ऑफ स्कूल के 160 में से केवल तीन विद्यार्थियों ने और कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल में 114 में से 16 विद्यार्थियों ने हिंदी विषय चुना है। अलीगढ़ पब्लिक स्कूल में 135 में से 50 ने उर्दू और 18 विद्यार्थियों ने हिंदी विषय लिया है। ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में 180 में से 60 विद्यार्थियों ने हिंदी विषय का चुनाव किया है। इसी तरह विजडम पब्लिक स्कूल में 180 में से 20 विद्यार्थियों ने और रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल में 111 में से सिर्फ चार विद्यार्थियों ने हिंदी विषय लिया है। गौरतलब हो कि सत्र 2022-23 में 12वीं में 6536 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें 2167 विद्यार्थियों ने हिंदी कोर और 340 विद्यार्थियों ने हिंदी वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था।
कई विद्यालयों में विद्यार्थियों ने संस्कृत, उर्दू, हिंदी विषय नहीं ले रखा है। सत्र 2022-23 में 12वीं में किसी भी बच्चे ने संस्कृत विषय को नहीं लिया था। - आरती झा, सिटी कोआर्डिनेटर, समन्वयक
मानविकी विषय की तरफ बढ़ा रुझान
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 10वीं में उच्च अंकों से उत्तीर्ण कुछ विद्यार्थियों ने विज्ञान के बजाय मानविकी विषय को वरीयता दी है। रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल की प्रधानाचार्या अंजू राठी ने बताया कि इस बार छह-सात विद्यार्थियों ने विज्ञान पर मानविकी विषय को प्राथमिकता दी है। कमोवेश सभी विद्यालयों में ऐसा देखने को मिल रहा है।