एएमयू शताब्दी वर्ष समारोहः एएमयू ने लाखों लोगों का जीवन संवारा है : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज एएमयू से तालीम लेकर निकले लोग भारत और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में छाए हुए हैं। विदेश यात्रा के दौरान उन्हें एएमयू के पूर्व छात्र मिलते हैं और गर्व से बताते हैं कि वह एएमयू से पढ़े हैं। उन्होंने कहा कि एएमयू में शेर ओ शायरी का और हंसी मजाक अलग अंदाज है। वह दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्राउड अलीग, पार्टनर्स...। यही कहते हैं न आप लोग..? आपके इस गर्व की वजह भी है। अपने सौ वर्ष के इतिहास में एएमयू ने लाखों के जीवन को तराशा है, संवारा है। एएमयू ने समाज को आधुनिक और वैज्ञानिक सोच दी है। समाज के लिए, देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा जगाई है। एएमयू की यह पहचान और सम्मान का आधार वह मूल्य रहे हैं, जिन पर सर सैयद अहमद खान द्वारा इस संस्थान की स्थापना की गई थी। उन्होंने कहा कि वह प्रत्येक छात्र छात्रा, अलीग, शिक्षक और प्रोफेसर का अभिनंदन करते हैं।
पीएम ने कहा कि एएमयू के 100 वर्ष पूरे होने पर आप युवा पार्टनरों से अपेक्षाएं भी हैं। एएमयू के पूर्व छात्रों से आह्वान है कि वह नए भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी बढ़ाएं। आत्म निर्भर भारत और लोकल फॉर वोकल को सफल बनाने में बहुत कुछ किया जाना बाकी है। इसको लेकर अगर उन्हें एएमयू और यहां के छात्रों से सुझाव मिले तो खुशी होगी। आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। जिस सदी को भारत की सदी बताया जा रहा है उस सदी के लक्ष्य को लेकर भारत किस प्रकार आगे बढ़ता है, इस पर दुनिया की नजर है। इसलिए मिल कर काम करें। जिससे आजादी के सौ वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2047 से पहले देश आत्म निर्भर बन सके। पीएम मोदी ने एएमयू के तराने का भी जिक्र किया... जो अब्र यहां से बरसेगा, वह सारे जहां पर बरसेगा..।
सर सैयद के दिखाए रास्ते पर बढ़ रहे आगे मोदी
अलीगढ़। पीएम ने कहा कि आपको सर सैयद द्वारा कही गई एक बात याद दिलाना चाहता हूं। उन्होंने कहा था, अपने देश की चिंता करने वाले का पहला और सबसे बड़ा कर्तव्य है कि वह सभी लोगों के कल्याण के लिए कार्य करे। भले ही लोगों की जाति, मत, या मजहब कुछ भी हो। सर सैयद ने एक उदाहरण भी दिया था। उन्होंने कहा था, जिस प्रकार मानव जीवन और उसके अच्छे स्वास्थ्य के लिए शरीर के हर अंग का स्वस्थ रहना जरूरी है। वैसे ही देश की समृद्धि के लिए भी उसका हर स्तर पर विकास होना आवश्यक है। आज देश भी सर सैयद द्वारा बताए गए उसी मार्ग पर आगे बढ़ रहा है, जहां प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव विकास का लाभ दिलाया जा रहा है। जहां प्रत्येक नागरिक संविधान से मिले अधिकारों को लेकर निश्चिंत रहे। अपने भविष्य को लेकर के निश्चिंत रहे। जहां मजहब की वजह से कोई पीछे नहीं छूटे। सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
हर हॉस्टल स्वतंत्रता सेनानियों की डिजिटल डॉक्यूमेंट्री बनाए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शताब्दी समारोह को वर्चुअली संबोधित करते हुए छात्र छात्राओं से आह्वान किया कि वह आजादी के नायकों को याद करें। एएमयू के 100 हॉस्टल से छात्र छात्राएं स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारी जुटाएं। उनकी जन्म भूमि, कर्म भूमि जाकर काम करें, उनके परिजनों से बात करें। आज वह कहां है..? उनके परिजन क्या कहना चाहते हैं। उनके बारे में डॉक्यूमेंट्री बनाएं, जिसको पूरा देश देख व सुन सके। ये काम आजादी के 75 वर्ष (वर्ष 2022) से पहले पूरा करें ताकि जब देश में आजादी का 75वां जश्न मनाया जाए, तो उनको नमन किया जा सके। इस काम में अभी से जुट जाए। इन स्वतंत्रता सेनानियों का काम डिजिटल प्लेटफार्म पर लाया जाए। जिससे पूरा देश इनके बारे में जाने। कुछ छात्र आनलाइन शोध में काम करें। इसी तरह 25 हास्टल महिला स्वतंत्रता सेनानियों पर काम करें। इस पर रिसर्च करें। एएमयू के पास देश की इतनी बेशकीमती पांडुलिपियां हैं, हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। मैं चाहूंगा, तकनीक के माध्यम से इनको डिजिटल अवतार में देश और दुनिया के सामने लाया जाए।