कोविड उल्लंघन: अलीगढ़ में 27 थानों के अंतर्गत 868 मुकदमे वापस, 1100 लोगों को नहीं मिली कोई राहत
वर्ष 2020 व 2021 में कोविड काल में लॉकडाउन उल्लंघन व कोविड नियमों के उल्लंघन को लेकर अलीगढ़ के थाना पुलिस द्वारा मुकदमे दर्ज किए गए थे। जिनमें बंदी के बीच दुकान खोलने, बेवजह बाहर घूमने या एक जगह भीड़ लगाने पर कार्रवाई की गई थी। मुकदमे उस समय निषेधाज्ञा की धारा 144 के उल्लंघन यानि धारा 188 के तहत दर्ज किए गए थे।
विस्तार
लॉकडाउन व कोविड नियमों के उल्लंघन के मुकदमे वापसी की प्रक्रिया अब आकर पूरी हुई है। जिसके तहत अलीगढ़ जिले में दर्ज मुकदमों में से 868 मुकदमे अदालतों में वापस लेने की प्रक्रिया पूरी कर 1000 लोगों को राहत दे दी गई है। मगर 500 ऐसे मुकदमे हैं, जो वापस नहीं हो सकेंगे। उनमें आरोपी 1100 लोगों को राहत नहीं मिलने के संकेत हैं। जो मुकदमे वापस लिए गए हैं, उनमें सिर्फ लॉकडाउन व कोविड नियमों के उल्लंघन का आरोप था। मगर जिनमें कोविड उल्लंघन के साथ अन्य धाराएं लगाई गईं थीं उन मुकदमों में वापसी की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है।
वर्ष 2020 व 2021 में कोविड काल में लॉकडाउन उल्लंघन व कोविड नियमों के उल्लंघन को लेकर थाना पुलिस द्वारा मुकदमे दर्ज किए गए थे। जिनमें बंदी के बीच दुकान खोलने, बेवजह बाहर घूमने या एक जगह भीड़ लगाने पर कार्रवाई की गई थी। मुकदमे उस समय निषेधाज्ञा की धारा 144 के उल्लंघन यानि धारा 188 के तहत दर्ज किए गए थे। बाद में दीपावली पर वर्ष 2021 में स्थितियां सामान्य होने पर प्रदेश सरकार ने मुकदमा वापसी का एलान किया था। तब अपने जिले में दर्ज मुकदमों की सूची बनाई गई। जिसमें फरवरी 2021 तक 1333 ऐसे मुकदमे छंटनी किए गए, जिनकी वापसी हो सकेगी।
शासन के निर्देश के क्रम में जिले में पिछले कोविड काल में दर्ज मुकदमे वापस किए गए हैं। अदालतों में यह प्रक्रिया पिछले डेढ़ माह में पूरी हुई है। शासन को इस संबंध में रिपोर्ट भी भेजी गई है।-संजीव रंजन, डीएम
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डेढ़ माह पहले आए रिमाइंडर पर प्रक्रिया हुई तेज
सरकार के वाद वापसी के निर्देश पर अदालतों में लंबित मुकदमों को लेकर डेढ़ माह पहले फिर से रिमाइंडर आया। जिसमें कहा गया कि जिन जिलों में मुकदमे वापस नहीं हुए। अभी उनमें समन जारी हो रहे हैं, उनकी वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसी क्रम में अपने जिले में निचली अदालतों में इन डेढ़ माह में कुल 868 मुकदमे वापस लिए गए हैं। अदालतों में यह प्रक्रिया पूरी कर एक-एक मुकदमे में वापसी प्रक्रिया के तहत आरोपियों को मुकदमों से बरी किया गया है। इस तरह एक हजार लोगों को राहत मिली है।
2 वर्ष तक की सजा वाले मुकदमों में राहत
इस संबंध में जानकारी देते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सत्यानंद सिंह ने बताया कि इस प्रक्रिया में अब तक 868 उन्हीं मुकदमों को वापस लिया गया है, जिनमें कोविड उल्लंघन के अलावा अन्य कोई आरोप नहीं है। ये मुकदमे सिर्फ 2 वर्ष तक की सजा के थे। इनकी वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कुछ रह गए हैं तो उनमें प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। जिन मुकदमे में अन्य कोई भी धारा शामिल है तो उनमें वापसी की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही। ऐसे 500 करीब मुकदमे हैं, जिनमें करीब एक हजार लोग आरोपी हैं। उन्हें इस शासनादेश के तहत भी मुकदमे से राहत नहीं मिलेगी। उन्हें मुकदमे में कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।