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Hathras News: आठ साल पुराने मामले में कोर्ट ने दिए आदेश, अवमानना पर सिकंदराराऊ एसएचओ के खिलाफ वाद दर्ज
Thu, 07 May 2026 02:30 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 07 May 2026 02:30 PM IST
सार
आदेश की अवहेलना से नाराज सीजेएम कोर्ट ने एसएचओ सिकंदराराऊ के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की पुलिस की इस लापरवाही के कारण आठ साल पुराने मामले में वादी को न्याय मिलने में देरी हो रही है।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस ने थाना सिकंदराराऊ के प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनके विरुद्ध वाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने यह कदम बार-बार आदेश देने के बावजूद प्रभारी निरीक्षक द्वारा संतोषजनक जवाब न देने और न्यायालय में उपस्थित न होने के कारण उठाया है।
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सिकंदराराऊ की रहने वालीं नारंगी देवी ने वर्ष 2018 में सिकंदराराऊ कोतवाली में गर्भ में पल रहे बच्चे की हत्या, मारपीट, गाली-गलौज व धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने वादी को ही कोई जानकारी नहीं दी। इस पर पीड़ित ने विवेचना की स्थिति जानने के लिए न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने जब आख्या मांगी तो सिकंदराराऊ एसएचओ ने बताया कि आरोप पत्र 12 जुलाई 2018 को तथा पूरक आरोप पत्र 25 मई 2019 को न्यायालय में प्रेषित कर दिया गया है।
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पीड़ित ने न्यायालय में जानकारी की, लेकिन उन्हें कोई आरोप पत्र की जानकारी नहीं मिली। वादी का कहना है कि आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया, जबकि पुलिस का कहना है कि दाखिल कर दिया गया है। इस पर न्यायालय ने 17 अप्रैल 2026 को एसएचओ से विस्तृत आख्या मांगी थी। अतिरिक्त समय मांगने पर न्यायालय ने उन्हें सात दिन का समय दिया। आख्या न आने पर कारण बताओ नोटिस जारी हुआ, लेकिन फिर भी स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया।
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आदेश की अवहेलना से नाराज सीजेएम कोर्ट ने बुधवार को एसएचओ सिकंदराराऊ के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही 15 मई के लिए उन्हें सम्मन जारी किया गया है। कोर्ट ने टिप्पणी की पुलिस की इस लापरवाही के कारण आठ साल पुराने मामले में वादी को न्याय मिलने में देरी हो रही है।