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शाहजमाल में प्रदर्शनकारियों व स्वास्थ्य कर्मियों में नोकझोंक
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शाहजमाल ईदगाह पर एनआरसी व सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन करती महिलाएं।
- फोटो : CITY OFFICE
नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी, एनपीआर के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने धरने पर बैठीं महिलाओं व स्वास्थ्य कर्मियों के बीच तू-तू, मैं-मैं हो गई। मामले को बिगड़ता देख पुलिस अफसरों को बीच में आना पड़ा। दरअसल, स्वास्थ्य कर्मियों की टीम धरने पर बैठीं महिलाओं के स्वास्थ्य जांचने और कोरोना वायरस को लेकर जागरूक करने आई थी।
हुआ यूं कि दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. एसके सिंघल, मलखान सिंह जिला अस्पताल के डॉ. रावल, महिला जिला अस्पताल की डॉ नाहिदा रिजवी, सीएसी की डॉ. हुमा कुरैशी, फार्मासिस्ट की टीम शाहजमाल पहुंची थी। महिलाओं ने बताया कि टीम ने कोरोना वायरस की जानकारी देते हुए यहां से हटने को कहा था। इसी बात पर वह बिखरी थीं और जांच का विरोध करने लगीं। महिलाओं ने कहा कि हम लोगों को डराने आए हैं। हम सब डरने वाले नहीं हैं। धरने पर बैठे रहेंगे। टीम व महिलाओं से नोकझोंक होने लगी। सुरक्षा में बैठी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर वापस जाने का अनुरोध किया। इस संबंध में सीएमओ डॉ. गीता प्रधान ने टीम के साथ अभद्रता होने से इनकार किया है।
शाहजमाल धरने पर कैंडल मार्च, धरना 48वें दिन जारी
नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी, एनपीआर के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने महिलाओं को 48वें दिन भी धरना जारी रहा। सुबह महिलाओं की भीड़ कम रही। शाम से महिलाओं की संख्या बढ़ गई। धरना स्थल पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त हैं। इस दौरान तारिक की मौत से गुस्साए लोगों ने शाहजमाल में कैंडल मार्च निकाला। मार्च में महिलाएं व पुरुष शामिल थे। लोगों ने इंसाफ के लिए नारेबाजी भी की। इस दौरान परिवार को मुआवजा, नौकरी, सुरक्षा आदि की मांग की गईं।
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हुआ यूं कि दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. एसके सिंघल, मलखान सिंह जिला अस्पताल के डॉ. रावल, महिला जिला अस्पताल की डॉ नाहिदा रिजवी, सीएसी की डॉ. हुमा कुरैशी, फार्मासिस्ट की टीम शाहजमाल पहुंची थी। महिलाओं ने बताया कि टीम ने कोरोना वायरस की जानकारी देते हुए यहां से हटने को कहा था। इसी बात पर वह बिखरी थीं और जांच का विरोध करने लगीं। महिलाओं ने कहा कि हम लोगों को डराने आए हैं। हम सब डरने वाले नहीं हैं। धरने पर बैठे रहेंगे। टीम व महिलाओं से नोकझोंक होने लगी। सुरक्षा में बैठी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर वापस जाने का अनुरोध किया। इस संबंध में सीएमओ डॉ. गीता प्रधान ने टीम के साथ अभद्रता होने से इनकार किया है।
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शाहजमाल धरने पर कैंडल मार्च, धरना 48वें दिन जारी
नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी, एनपीआर के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने महिलाओं को 48वें दिन भी धरना जारी रहा। सुबह महिलाओं की भीड़ कम रही। शाम से महिलाओं की संख्या बढ़ गई। धरना स्थल पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त हैं। इस दौरान तारिक की मौत से गुस्साए लोगों ने शाहजमाल में कैंडल मार्च निकाला। मार्च में महिलाएं व पुरुष शामिल थे। लोगों ने इंसाफ के लिए नारेबाजी भी की। इस दौरान परिवार को मुआवजा, नौकरी, सुरक्षा आदि की मांग की गईं।
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