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पांच हजार रुपये से हर्षा ने खड़ा कर दिया तिजोरी का कारोबार
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हर्षा अरोड़ा। महिला उद्यमी
- फोटो : CITY OFFICE
तिजोरी निर्माण में नाम कमा चुकीं शहर की महिला उद्यमी हर्षा अरोड़ा कहती हैं कि यदि महिलाएं आत्मविश्वास के साथ व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में आएं तो सफलता उनके कदम चूमेगी। उन्होंने बताया, जब वह उद्योग जगत में आई थीं, तब शहर में एक भी महिला उद्यमी नहीं थी।
जेब में मात्र पांच हजार रुपये थे। वेल्डिंग की दो मशीनें लगाईं। बैंक से ऋण लिया। पूरे आत्मविश्वास और मेहनत से काम को धीरे-धीरे बढ़ाया। तिजोरी की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दिया, जिसका परिणाम ये हुआ कि आज उनकी तिजोरी पूरे देश में जानी जाती है।
उद्यमी हर्षा अरोड़ा 29 वर्ष से उद्योग व्यापार के क्षेत्र में हैं। इनकी तिजोरी की मांग अलीगढ़ एवं उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पंजाब और नेपाल तक है। सराफा कारोबारी, बिजनेस मैन और फाइनेंसर आदि इनके मुख्य ग्राहक हैं।
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महिला होने के नाते व्यापार में किसी तरह की दिक्कत के जवाब में हर्षा कहती हैं कि कोई बड़ी समस्या नहीं है, छोटी-मोटी दिक्कतें आती रहती हैं, जिनका समाधान निकल आता है। कुछ पेमेंट समय से नहीं मिलते। लेकिन बाद में सब सामान्य हो जाता है।
सरकार योजना बनाती है लेकिन महिलाओं को लाभ नहीं मिलता
हर्षा अरोड़ा कहती हैं कि सरकार योजनाएं तो बहुत बनाती है लेकिन उसका लाभ महिलाओं को नहीं मिलता। करीब तीन साल पहले लखनऊ में 10 करोड़ रुपये का एमओयू साइन किया था। तालानगरी में फैक्टरी चल रही है। लेकिन आज तक कुछ नहीं मिला। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है।
कोरोना एवं कच्चे माल का भाव बढ़ने से व्यापार को काफी नुकसान हो रहा है। लेकिन मुश्किलों से न डरना और न रुकना है, यह समय भी निकल जाएगा। हमें तो आगे बढ़ते जाना है। हर्षा अरोड़ा कहती है कि उद्योग व्यापार के क्षेत्र में कदम बढ़ाने वाली महिलाएं उनके पास आएगी तो वह उनका मार्गदर्शन जरूर करेंगी।
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जेब में मात्र पांच हजार रुपये थे। वेल्डिंग की दो मशीनें लगाईं। बैंक से ऋण लिया। पूरे आत्मविश्वास और मेहनत से काम को धीरे-धीरे बढ़ाया। तिजोरी की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दिया, जिसका परिणाम ये हुआ कि आज उनकी तिजोरी पूरे देश में जानी जाती है।
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उद्यमी हर्षा अरोड़ा 29 वर्ष से उद्योग व्यापार के क्षेत्र में हैं। इनकी तिजोरी की मांग अलीगढ़ एवं उत्तर प्रदेश में ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पंजाब और नेपाल तक है। सराफा कारोबारी, बिजनेस मैन और फाइनेंसर आदि इनके मुख्य ग्राहक हैं।
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महिला होने के नाते व्यापार में किसी तरह की दिक्कत के जवाब में हर्षा कहती हैं कि कोई बड़ी समस्या नहीं है, छोटी-मोटी दिक्कतें आती रहती हैं, जिनका समाधान निकल आता है। कुछ पेमेंट समय से नहीं मिलते। लेकिन बाद में सब सामान्य हो जाता है।
सरकार योजना बनाती है लेकिन महिलाओं को लाभ नहीं मिलता
हर्षा अरोड़ा कहती हैं कि सरकार योजनाएं तो बहुत बनाती है लेकिन उसका लाभ महिलाओं को नहीं मिलता। करीब तीन साल पहले लखनऊ में 10 करोड़ रुपये का एमओयू साइन किया था। तालानगरी में फैक्टरी चल रही है। लेकिन आज तक कुछ नहीं मिला। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है।
कोरोना एवं कच्चे माल का भाव बढ़ने से व्यापार को काफी नुकसान हो रहा है। लेकिन मुश्किलों से न डरना और न रुकना है, यह समय भी निकल जाएगा। हमें तो आगे बढ़ते जाना है। हर्षा अरोड़ा कहती है कि उद्योग व्यापार के क्षेत्र में कदम बढ़ाने वाली महिलाएं उनके पास आएगी तो वह उनका मार्गदर्शन जरूर करेंगी।