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मुश्किल में है कारोबार, कुछ करो सरकार

Thu, 02 Nov 2017 01:23 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Thu, 02 Nov 2017 01:23 AM IST
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Business is difficult, do something, government
amar ujala samwad - फोटो : Amar Ujala
अमर उजाला तालानगरी कार्यालय में बुधवार को जीएसटी को लेकर हुए ‘अमर उजाला संवाद’ में व्यापारियों ने कहा कि इसके पांच स्लैब में केवल दो स्लैब ही रखे जाएं। तीन को खत्म किया जाए, ताकि कारोबार करने में सुविधा हो। सभी लोगों ने कहा कि जीएसटी के नियम और कानून के बारे में अब तक अधिकारी भी स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं दे पा रहे हैं। जीएसटीएन सर्वर में बिल और रिटर्न अपलोड करने में खासा वक्त लगा रहा है, जिससे परेशानी होती है।
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जीएसटी लागू होने के बाद कारोबार में गिरावट आई है। मेडिकल में 30 फीसदी, ट्रांसपोर्ट में 60 फीसदी, इलेक्ट्रानिक में 50 और रियल एस्टेट में 60 फीसदी कारोबार कम हुआ है। रिश्वतखोरी घटने के बजाय बढ़ गई है। टर्नओवर के अनुसार बड़ी कंपनियों को ज्यादा टैक्स और छोटे टर्नओवर वाली फर्मों को कम टैक्स के दायरे में रखा जाए। आइये आप भी जानिये उद्यमियों और कारोबारियों के जीएसटी के लागू होने के बाद की परिस्थितियों पर अनुभव और सुझाव... 
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अलीगढ़ उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय संगठन मंत्री मास्टर ओमप्रकाश ने कहा कि जीएसटी से परेशानी झेलनी पड़ रही है। सच्चाई ये है कि न जीएसटी को व्यापारी समझ रहे हैं और न अधिकारी। तालानगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन के अध्यक्ष नेकराम शर्मा का मानना है कि जीएसटी से कच्चा माल महंगा हो गया है। छोटे उद्यमी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होते हैं। वह जीएसटी के नियमों में उलझ कर रह गए हैं।
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एसोसिएशन के सचिव सुनील दत्ता ने कहा कि जीएसटी का वर्तमान प्रारूप अलीगढ़ के ताला, हार्डवेयर, बिजली के उत्पाद व विविध उद्योगों के लिए एक सुनामी की तरह है। 28 फीसदी का स्लैब यहां के उद्योग को समाप्त कर देगा। यह स्लैब कर चोरी को बढ़ावा दे रहा है। सरकार सबसे पहले अपनी नई व्यवस्था को चौकस करे। जीएसटी पोर्टल को दुरुस्त करें और 28 फीसदी के स्लैब को समाप्त कर अलीगढ़ के उत्पादों को 12 फीसदी के स्लैब में लाया जाए, नहीं तो अलीगढ़ का उद्योग समाप्त हो जाएगा और बेरोजगारी बढ़ जाएगी।

 दि गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव नरेंद्र शर्मा ने कहा कि जीएसटी ने ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय को पटरी से उतार दिया है। ट्रांसपोर्टरों की स्थिति दयनीय हो गई है। इस व्यवसाय में करीब 70 फीसदी गिरावट आई है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी जीएसटी से परेशान हो गए हैं। रोजाना नए नियम और दिक्कत पैदा कर रहे हैं। जब व्यापारी सारी कमाई टैक्स में दे देगा, तो उसका खर्च कैसे चलेगा।

पुरातन छात्र समिति के संस्थापक अध्यक्ष प्रदीप के गुप्त ने कहा कि जीएसटी को ऐसे लाया गया जैसे कोई कम उम्र की मां बच्चे को जन्म दे दे और दूध पिलाने के बजाय वहां से हटा दे और फिर बच्चे से कहा जाए कि तुम्हें एक महीने के अंदर चलना है, दौड़ना है, नहीं तो दंडित किया जाएगा। सरकार व्यापारियों के साथ यही कर रही है। उद्योग व्यापार संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुराग गुप्ता ने कहा कि जीएसटी बिना तैयारी लाया गया। मध्यम वर्ग से व्यापार छीनकर बड़े कारपोरेट घरानों के हाथ में देने की कवायद चल रही है। तंज करते हुए कहा कि शायद सरकार जानती है कि मध्यम वर्ग व्यापार के लायक नहीं है। 

अलीगढ़ रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के महासचिव उमेश श्रीवास्तव ने कहा कि जीएसटी का न तो वह विरोध करते हैं और न ही समर्थन। कई स्लैब से दवा व्यापारी भयभीत हैं। दवा को टैक्स से मुक्त रखना चाहिए। टैक्स का हिसाब-किताब रखने के लिए अलग से स्टाफ रखने की क्षमता नहीं है। 

लॉक्स एंड हार्डवेयर निर्माता एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन खंडेलवाल ने जीएसटी का समर्थन करते हुए कहा कि देश में इनकम टैक्स देने वाले बढ़े हैं। जीएसटी में विसंगति जरूर है, जिसे दूर किया जा रहा है। जीएसटी का धीरे-धीरे सरलीकरण हो रहा है। परिवर्तन का दौर है। अधिवक्ता अभय कुमार ने कहा कि टैक्स स्लैब कम होना चाहिए। आज भी माल सुविधा शुल्क के आधार बसों और ट्रेनों से आसानी से आ-जा रहा है। दि गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष किरन प्रताप सिंह ने कहा कि ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय गर्त में जा रहा है। जीएसटी के नए प्रारूप से ट्रांसपोर्टर को परेशानी हो रही है। उनकी समस्या को सुनने वाला कोई नहीं है।


एसोसिएशन के सदस्य रॉबिन डंग ने कहा कि इस सच्चाई से इंकार नहीं किया जा सकता कि सरकार ने जीएसटी को बिना तैयारी के लागू करा दिया। सरकार को सबकी सहूलियतों को ध्यान में रखना चाहिए। व्यापारी सौरभ गुप्ता ने कहा कि बड़ी कंपनी और छोटी कंपनी के अलग-अलग टैक्स होने चाहिए। व्यापारी सुनील कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि टैक्स में सुधार की गुंजाइश है। खुद बड़े व्यापारी छोटे व्यापारी का शोषण कर रहे हैं, अधिकारी सो अलग। युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा ने भी विचार रखे।
 
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