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पीएसी का जाम... नंबर बचाने के लिए मौत की आहट लेकर दौड़ रहीं बसें

Thu, 25 Nov 2021 12:48 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 12:48 AM IST
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Buses running with the sound of death to save the number
रामघाट रोड पर पीएसी के पास लगा जाम। - फोटो : CITY OFFICE
अलीगढ़ से रामघाट तक पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कल्याण सिंह के नाम पर राजमार्ग घोषित तो हो गया, मगर ये बनेगा कब यह भविष्य के गर्त में है। हां, इतना जरूर है कि इन दिनों पीएसी के पास सड़क पर मौजूद गड्ढों पर निर्माण कार्य के कारण जाम लग रहा है। जाम से ज्यादा परेशान करने वाली बात ये है कि जाम में फंसने वाली निजी बसें मौत का नंबर लेकर दौड़ लगा रही हैं। इन पर ध्यान देने वाला कोई नहीं है।
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जब भी कोई बस इस जाम में फंसती है तो 10 मिनट बाद ही उसका चालक बेखौफ होकर बस को दौड़ता है। डर पीएसी के बाद क्वार्सी चौराहे तक बेपरवाह दौड़ती बस से लोगों को लग रहा है। कब? कौन? कहां? इन बसों की चपेट में आ जाए कुछ पता नहीं है। इन बसों से बचने के लिए इस समय स्वयं की सावधानी ही एकमात्र उपाय है। हादसे की आशंका का असर बस चालकों पर नहीं पड़ रहा है।
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बस देरी से पहुंचने पर नंबर कटने का नियम
क्वार्सी से अतरौली के बीच दौड़ने वाली बसों को लेकर बस ऑपरेटर यूनियन ने नियम बना रखा है। बस को 45 मिनट में पहले स्टापेज से आखिरी स्टापेज पर पहुंचना होता है। दो-चार मिनट की देरी पर कोई बात नहीं, मगर 10 से 15 मिनट की देरी बस अपने अंतिम स्टापेज पर पहुंची तो उस बस का नंबर अगले 24 घंटे के लिए कट जाता है। इसके चलते नुकसान बस स्वामी के साथ-साथ चालक व हेल्पर आदि का भी होता है। इसी नंबर को बचाने के फेर में चालक पीएसी के जाम से निकलते ही इस बेपरवाही से बसों को दौड़ा रहे हैं कि आबादी व अति व्यस्त पीएसी से क्वार्सी तक के इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।
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मडराक हादसे के बाद बंद हुआ था जुर्माना
निजी बस ऑपरेटरों के बीच बस देरी से पहुंचने पर कुछ साल पहले तक नकद जुर्माने का प्राविधान था। यह जुर्माना स्वयं बस पर सवार चालक, हेल्पर आदि स्टाफ की जेब पर पड़ता था। मडराक में निजी बस की दुर्घटना में 11 मौतों की जांच में जब यह तथ्य उजागर हुआ तो जिला प्रशासन ने इस नियम पर पाबंदी लगाई। तब से नकद जुर्माना बंद है। मगर अब इस तरह के नियम लागू हैं।
ये हैं बसों के संचालन के नियम
क्वार्सी से अतरौली के बीच दोनों ओर से हर 15 मिनट पर बस चलती हैं। क्वार्सी से पहली बस सुबह 7:30 बजे और आखिरी रात 9 बजे जाती है। इस बीच शाम 5 से 6 बजे तक बस का नंबर प्रत्येक 10 मिनट के लिए है, क्योंकि इस दौरान जाने वालों की संख्या अधिक है। इसी तरह अतरौली से पहला नंबर सुबह 6:15 बजे है। इसके बाद 7:30 बजे से प्रत्येक दस मिनट बाद 8:30 बजे तक सुबह बस छात्रों की सुविधा के लिए चलती हैं। एक बस को अतरौली से क्वार्सी 45 मिनट में और क्वार्सी से अतरौली 45 मिनट में पहुंचना है।

इस सिस्टम पर ध्यान देना चाहिए
अति व्यस्त हाईवे या राज्यमार्ग पर जब निर्माण होता है तो इस दौरान यातायात का विशेष ध्यान रखना होता है। जब भी सड़क, पुलिया, नाली या नाले का बीच सड़क पर निर्माण होता है तो या तो वैकल्पिक मार्ग होने पर डायवर्जन बोर्ड लगाकर डायवर्जन लागू किया जाता है। अगर वैकल्पिक मार्ग नहीं है तो निर्माण एजेंसी स्वयं या पुलिस की मदद से मौके पर वन-वे सिस्टम से वाहनों को निकलवाते हैं। एक तरफ से वाहन निकले और फिर दूसरी तरफ से निकले, ताकि बेतरतीब होने के कारण जाम न लगे। मगर ऐसा यहां नहीं हो रहा है। जैसा जिसको मन आ रहा है वहीं वाहन फंसा दे रहा है, और फिर लग रहा है जाम।
-ये है बसों का नियम-
25 बसें क्वार्सी-अतरौली के बीच में हर दिन में दौड़ती हैं
15 मिनट के अंतराल के बाद दोनों ओर से बस चलती हैं
1 घंटे सुबह 10 मिनट के अंतराल पर अतरौली से नंबर
1 घंटे शाम 10 मिनट के अंतराल पर क्वार्सी से आता नंबर
45 मिनट में पूरा करना होता है बस को एक तरफ से सफर
10-15 मिनट से अधिक देरी पर नंबर 24 घंटे बाद मिलेगा
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