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Aligarh News: यहां नहीं चलतीं बस, ऑटो से सफर कर रहे लोग
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छर्रा-अतरौली मार्ग पर सवारी ले जाता ऑटो। संवाद
- फोटो : samvad
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कस्बा छर्रा से अतरौली और कासगंज के लिए रोडवेज एवं निजी बस सेवा उपलब्ध न होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में डग्गेमार वाहनों से सफर करना पड़ता है, जिनमें क्षमता से अधिक सवारियां भरी जाती हैं।
छर्रा से अतरौली की दूरी करीब 18 किलोमीटर और कासगंज की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है, लेकिन इन मार्गों पर नियमित बस सेवा नहीं है। सबसे अधिक परेशानी छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है, जिन्हें रोजाना आवागमन करना पड़ता है। डग्गेमार वाहन चालक भी वाहन पूरी तरह भरने के बाद ही रवाना होते हैं, जिससे यात्रियों का समय बर्बाद होता है। स्थानीय लोगों ने कई बार परिवहन विभाग से बस सेवा शुरू करने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। रोडवेज प्रबंधक सतेंद्र कुमार वर्मा ने बताया है कि यात्रियों की संख्या के अनुसार रूट पर बसों का संचालन किया जाता है। इस रूट की जांच कराई जाएगी।
स्थानीय लोगों ने बताया है कि छर्रा से तीनों स्थानों तक पहुंचने के लिए निजी बसों का संचालन होता था, लेकिन धीरे-धीरे ऑटो वालों ने अपना कब्जा जमाते हुए अतरौली-कासगंज पर अधिकांश ही सारी बसों को बंद करा दिया।
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बसों के बंद होने के कारण ऑटो में सफर करना पड़ता है,
जोकि जोखिम भरा रहता है। कस्बे में जाम की भी स्थिति बन जाती है।- राजू सिंह, छर्रा
- बसों का संचालन न होने के कारण डग्गेमार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। कस्बे में भी ई-बसों का संचालन होना चाहिए। - रिनी माहेश्वरी, भमोरी बुजुर्ग।
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छर्रा से अतरौली की दूरी करीब 18 किलोमीटर और कासगंज की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है, लेकिन इन मार्गों पर नियमित बस सेवा नहीं है। सबसे अधिक परेशानी छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है, जिन्हें रोजाना आवागमन करना पड़ता है। डग्गेमार वाहन चालक भी वाहन पूरी तरह भरने के बाद ही रवाना होते हैं, जिससे यात्रियों का समय बर्बाद होता है। स्थानीय लोगों ने कई बार परिवहन विभाग से बस सेवा शुरू करने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। रोडवेज प्रबंधक सतेंद्र कुमार वर्मा ने बताया है कि यात्रियों की संख्या के अनुसार रूट पर बसों का संचालन किया जाता है। इस रूट की जांच कराई जाएगी।
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स्थानीय लोगों ने बताया है कि छर्रा से तीनों स्थानों तक पहुंचने के लिए निजी बसों का संचालन होता था, लेकिन धीरे-धीरे ऑटो वालों ने अपना कब्जा जमाते हुए अतरौली-कासगंज पर अधिकांश ही सारी बसों को बंद करा दिया।
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बसों के बंद होने के कारण ऑटो में सफर करना पड़ता है,
जोकि जोखिम भरा रहता है। कस्बे में जाम की भी स्थिति बन जाती है।- राजू सिंह, छर्रा
- बसों का संचालन न होने के कारण डग्गेमार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। कस्बे में भी ई-बसों का संचालन होना चाहिए। - रिनी माहेश्वरी, भमोरी बुजुर्ग।