{"_id":"6a330a045fa1bdefcd00c5ff","slug":"built-a-business-after-arriving-from-pakistan-smoke-claimed-his-life-aligarh-news-c-2-gur1004-999787-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: पाकिस्तान से आकर खड़ा किया कारोबार, धूएं ने छीनी जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: पाकिस्तान से आकर खड़ा किया कारोबार, धूएं ने छीनी जिंदगी
Thu, 18 Jun 2026 02:26 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Thu, 18 Jun 2026 02:26 AM IST
विज्ञापन
सुभाष चंद्र कालरा।
- फोटो : File photo
पाकिस्तान से विस्थापित होकर अलीगढ़ आए 79 वर्षीय सुभाष चंद्र कालरा ने विभाजन का दर्द झेलकर संघर्षों के बीच खेल उपकरणों का कारोबार खड़ा किया था। हरिओम नगर अग्निकांड में शॉर्ट सर्किट से फैले जहरीले धुएं ने उनकी जिंदगी की आखिरी लड़ाई भी छीन ली।
हरिओम नगर में हुए अग्निकांड की कहानी जितनी भयावह है, उतनी ही मार्मिक भी। 79 वर्षीय खेल उपकरण कारोबारी सुभाषचंद्र कालरा लंबे समय से अस्थमा से पीड़ित थे। शॉर्ट सर्किट के बाद घर में फैले घने और जहरीले धुएं ने उनके फेफड़ों पर ऐसा असर डाला कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे के दौरान जान जोखिम में डालकर घर में घुसे स्थानीय युवक नरेंद्र कुमार नंदा ने बताया कि नीचे की मंजिल तक पहुंचने के लिए एक संकरा गलियारा था। धुएं को चीरते हुए जब वे कमरे तक पहुंचे तो देखा कि आग सीधे सुभाष चंद्र तक नहीं पहुंची थी, लेकिन पूरा कमरा धुएं से भर चुका था। वह डबल बेड और दरवाजे के बीच अचेत अवस्था में पड़े मिले।
विज्ञापन
नरेंद्र के अनुसार हालात देखकर लग रहा था कि उन्होंने बाहर निकलने का प्रयास किया था, लेकिन सांस की बीमारी के कारण धुएं का सामना नहीं कर सके और दरवाजे तक पहुंचने से पहले ही गिर पड़े। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि सुभाष चंद्र को पहले से सांस संबंधी परेशानी थी, जिस पर धुएं ने घातक प्रभाव डाला।
विज्ञापन
हरिओम नगर में हुए अग्निकांड की कहानी जितनी भयावह है, उतनी ही मार्मिक भी। 79 वर्षीय खेल उपकरण कारोबारी सुभाषचंद्र कालरा लंबे समय से अस्थमा से पीड़ित थे। शॉर्ट सर्किट के बाद घर में फैले घने और जहरीले धुएं ने उनके फेफड़ों पर ऐसा असर डाला कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
विज्ञापन
हादसे के दौरान जान जोखिम में डालकर घर में घुसे स्थानीय युवक नरेंद्र कुमार नंदा ने बताया कि नीचे की मंजिल तक पहुंचने के लिए एक संकरा गलियारा था। धुएं को चीरते हुए जब वे कमरे तक पहुंचे तो देखा कि आग सीधे सुभाष चंद्र तक नहीं पहुंची थी, लेकिन पूरा कमरा धुएं से भर चुका था। वह डबल बेड और दरवाजे के बीच अचेत अवस्था में पड़े मिले।
विज्ञापन
नरेंद्र के अनुसार हालात देखकर लग रहा था कि उन्होंने बाहर निकलने का प्रयास किया था, लेकिन सांस की बीमारी के कारण धुएं का सामना नहीं कर सके और दरवाजे तक पहुंचने से पहले ही गिर पड़े। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि सुभाष चंद्र को पहले से सांस संबंधी परेशानी थी, जिस पर धुएं ने घातक प्रभाव डाला।