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बीच शहर काल बनी बस, युवा डॉक्टर की मौत
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Sat, 23 Sep 2017 01:08 AM IST
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बीच शहर काल बनी बस, युवा डॉक्टर की मौत
- फोटो : Dig Vishal
एक शैक्षणिक संस्थान की बस की चपेट में आने से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जेएन मेडिकल कॉलेज की रेजीडेंट डॉक्टर ईशू वार्ष्णेय की दर्दनाक मौत हो गई। ईशू की मौत पर एएमयू में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं पुलिस ने फरार हुए बस चालक हरपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
जेएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग की पीजी फर्स्ट ईयर की छात्रा (जेआर 1 सर्जरी विभाग) डॉ. ईशू वार्ष्णेय शुक्रवार सुबह गूलर रोड स्थित अपने घर से स्कूटी से कॉलेज आ रही थीं। कठपुला पार करने के बाद सुभाष चौक के समीप डॉ. ईशू बस की चपेट में आ गईं। बताया गया कि पिछला पहिया ईशू के सीने के गुजर गया। मौके पर पहुंची पुलिस डॉ. ईशू को नजदीकी एके तिब्बिया कॉलेज की इमरजेंसी में ले गई, जहां से जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने डॉ. ईशू को मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर एएमयू वीसी प्रो. तारिक मंसूर, जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. अमानउल्लाह खान, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक प्रो. एम हारिस खान, मेडिसन विभाग के चेयरमैन प्रो. मुजाहिद बेग, प्रो. असलम, प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान, डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. मो. एस खान, आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्लाह आजमी, उपाध्यक्ष डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. आदिल, डॉ. सबाह, डॉ. मेहताब आदि के साथ बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज के छात्र एवं शिक्षक पहुंच गए।
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गूलर रोड से डॉ. ईशू के पिता मनोज कुमार एवं माता भी पहुंच गईं। वहां का हृदय विदारक दृश्य देखकर मौजूद लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। चारों तरफ चीख पुकार सुनाई पड़ रही थी। प्रो. तारिक मंसूर ने परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। पोस्टमार्टम हाउस एवं गूलर रोड स्थित डॉ. ईशू के आवास तक कई रेजीडेंट डॉक्टर मौजूद रहे।
एक करोड़ मुआवजा व नौकरी देने की मांग
रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने डॉ. ईशू के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के एमडी छात्र डॉ. सलीम मोहम्मद खान ने कहा कि इस दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
परिवार की पहली डॉक्टर थी होनहार ईशू
चेहरे पर मुस्कान और स्नेह, अपनत्व से परिपूर्ण व्यवहार। जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर ही नहीं, बल्कि शिक्षक व कर्मचारी भी डॉ. ईशू वार्ष्णेय के व्यवहार के कायल थे। पेशेंट केयरिंग के लिए वह पूरे कॉलेज में ख्यात थीं। उनके निधन के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज में सन्नाटा पसरा है। यह सोच कर हर आंख नम है कि अब डॉ. ईशू का मुस्कुराता चेहरा कभी देखने को नहीं मिलेगा।
गूलर रोड निवासी मनोज कुमार छोटे व्यवसायी हैं। तीन बच्चों में सबसे बड़ी ईशू थी। परिवार की पहली डॉक्टर बनकर ईशू ने पिता का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया था। नाते-रिश्तेदारों एवं समाज में इस बेटी की वजह से उनकी इज्जत बढ़ गई थी। पहले ही प्रयास में एमबीबीएस एवं पीजी में उसका चयन हुआ था। जेएन मेडिकल कॉलेज, पोस्टमार्टम हाउस से लेकर घर व श्मशान तक पिता फफक-फफक कर रोते रहे। उनका सपना एक झटके में टूटकर बिखर गया।
कई साथी छात्राएं भी रो रही थीं। रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्लाह आजमी ने बताया कि डॉ. ईशू बहुत होनहार और अपने काम के प्रति समर्पित थी। वहीं उपाध्यक्ष डॉ. दीपक अग्रवाल ने बताया कि ईशू बहुत प्रतिभावान थी। सीएमओ डॉ. नरेश शर्मा ने बताया कि वह पेशेंट की केयर के लिए विख्यात थी। इमरजेंसी में ड्यूटी के दौरान उसका ध्यान सिर्फ मरीजों पर होता था। मरीज भी उससे बेहद खुश रहते थे और उसकी इज्जत करते थे। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक प्रो. एम हारिस खान ने बताया कि ईशू पढ़ाई में बेहद होनहार थी।
गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
ईशू के पिता की तहरीर पर पुलिस ने बस चालक हरपाल सिंह निवासी पला साहिबाबाद, थाना सासनी गेट के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने हरपाल को गिरफ्तार कर बस को कब्जे में ले लिया है। बस एक निजी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कालेज की है।
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जेएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग की पीजी फर्स्ट ईयर की छात्रा (जेआर 1 सर्जरी विभाग) डॉ. ईशू वार्ष्णेय शुक्रवार सुबह गूलर रोड स्थित अपने घर से स्कूटी से कॉलेज आ रही थीं। कठपुला पार करने के बाद सुभाष चौक के समीप डॉ. ईशू बस की चपेट में आ गईं। बताया गया कि पिछला पहिया ईशू के सीने के गुजर गया। मौके पर पहुंची पुलिस डॉ. ईशू को नजदीकी एके तिब्बिया कॉलेज की इमरजेंसी में ले गई, जहां से जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने डॉ. ईशू को मृत घोषित कर दिया।
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सूचना पर एएमयू वीसी प्रो. तारिक मंसूर, जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. अमानउल्लाह खान, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक प्रो. एम हारिस खान, मेडिसन विभाग के चेयरमैन प्रो. मुजाहिद बेग, प्रो. असलम, प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान, डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. मो. एस खान, आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्लाह आजमी, उपाध्यक्ष डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. आदिल, डॉ. सबाह, डॉ. मेहताब आदि के साथ बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज के छात्र एवं शिक्षक पहुंच गए।
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गूलर रोड से डॉ. ईशू के पिता मनोज कुमार एवं माता भी पहुंच गईं। वहां का हृदय विदारक दृश्य देखकर मौजूद लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। चारों तरफ चीख पुकार सुनाई पड़ रही थी। प्रो. तारिक मंसूर ने परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। पोस्टमार्टम हाउस एवं गूलर रोड स्थित डॉ. ईशू के आवास तक कई रेजीडेंट डॉक्टर मौजूद रहे।
एक करोड़ मुआवजा व नौकरी देने की मांग
रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने डॉ. ईशू के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के एमडी छात्र डॉ. सलीम मोहम्मद खान ने कहा कि इस दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
परिवार की पहली डॉक्टर थी होनहार ईशू
चेहरे पर मुस्कान और स्नेह, अपनत्व से परिपूर्ण व्यवहार। जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर ही नहीं, बल्कि शिक्षक व कर्मचारी भी डॉ. ईशू वार्ष्णेय के व्यवहार के कायल थे। पेशेंट केयरिंग के लिए वह पूरे कॉलेज में ख्यात थीं। उनके निधन के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज में सन्नाटा पसरा है। यह सोच कर हर आंख नम है कि अब डॉ. ईशू का मुस्कुराता चेहरा कभी देखने को नहीं मिलेगा।
गूलर रोड निवासी मनोज कुमार छोटे व्यवसायी हैं। तीन बच्चों में सबसे बड़ी ईशू थी। परिवार की पहली डॉक्टर बनकर ईशू ने पिता का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया था। नाते-रिश्तेदारों एवं समाज में इस बेटी की वजह से उनकी इज्जत बढ़ गई थी। पहले ही प्रयास में एमबीबीएस एवं पीजी में उसका चयन हुआ था। जेएन मेडिकल कॉलेज, पोस्टमार्टम हाउस से लेकर घर व श्मशान तक पिता फफक-फफक कर रोते रहे। उनका सपना एक झटके में टूटकर बिखर गया।
कई साथी छात्राएं भी रो रही थीं। रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्लाह आजमी ने बताया कि डॉ. ईशू बहुत होनहार और अपने काम के प्रति समर्पित थी। वहीं उपाध्यक्ष डॉ. दीपक अग्रवाल ने बताया कि ईशू बहुत प्रतिभावान थी। सीएमओ डॉ. नरेश शर्मा ने बताया कि वह पेशेंट की केयर के लिए विख्यात थी। इमरजेंसी में ड्यूटी के दौरान उसका ध्यान सिर्फ मरीजों पर होता था। मरीज भी उससे बेहद खुश रहते थे और उसकी इज्जत करते थे। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक प्रो. एम हारिस खान ने बताया कि ईशू पढ़ाई में बेहद होनहार थी।
गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
ईशू के पिता की तहरीर पर पुलिस ने बस चालक हरपाल सिंह निवासी पला साहिबाबाद, थाना सासनी गेट के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने हरपाल को गिरफ्तार कर बस को कब्जे में ले लिया है। बस एक निजी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कालेज की है।