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Basant Panchami: वसंत पंचमी आज, होंगे अनबूझे विवाह, दहन स्थलों पर रखी जाएगी होलिका
Fri, 23 Jan 2026 12:25 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 23 Jan 2026 12:25 AM IST
सार
22 जनवरी की रात्रि 02: 29 मिनट से पंचमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो कि अगले दिन 23 जनवरी की रात्रि 01: 47 मिनट तक मान्य रहेगी। पंचमी पर सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर 12:09 मिनट तक का समय किसी भी पूजा पाठ व शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा।
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बसंत पंचमी
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
वसंत पंचमी का त्योहार 23 जनवरी को उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसके साथ ही वसंत ऋतु की शुरुआत हो जाएगी। इस तिथि को अनबूझे विवाह होंगे और दहन स्थलों पर होलिका रखी जाएंगी।
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पंचमी को ज्ञान की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य माना जाता है। इस दिन मां सरस्वती के पूजन का विशेष महत्व है। यह पर्व स्कूल-कॉलेजों में परंपरागत तरीके से मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित हृदेश शर्मा के अनुसार भारतीय संस्कृति में ज्ञान और संगीत की देवी मां सरस्वती को माना गया है। इसी दिन विद्यारंभ करने वाले शिशुओं को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता है। वसंत पंचमी के दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व माना गया है। इस दिन कोई भी शुभ मंगल कार्य करने के लिए पंचांग शुद्धि की आवश्यकता नहीं होती है।
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इस दिन भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, व्यापार आरंभ करना, सगाई, विवाह आदि मंगल कार्य किए जा सकते हैं। 22 जनवरी की रात्रि 02: 29 मिनट से पंचमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो कि अगले दिन 23 जनवरी की रात्रि 01: 47 मिनट तक मान्य रहेगी। पंचमी पर सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर 12:09 मिनट तक का समय किसी भी पूजा पाठ व शुभ कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा। इसी दिन होलिका रखने का भी शुभ मुहूर्त माना जाता है। शहर भर में होलिका दहन स्थल पर पूजा-अर्चना के बाद होलिका रखी जाएगी।
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