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अलीगढ़ : पहले निर्माताओं पर लगे प्रतिबंध, तब बाजार में पॉलीथिन हो बंद

Fri, 01 Jul 2022 01:18 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2022 01:18 AM IST
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Ban on manufacturers first, then polythene should be closed in the market
देवेन्द्र। किराना स्टोर, किशनपुर। - फोटो : CITY OFFICE
स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण के मकसद से शुक्रवार से 75 माइक्रोन से कम क्षमता वाली पालीथिन के कैरीबैग सहित 19 प्लास्टिक उत्पाद बंद होने जा रहे हैं। इसके लिए प्रशासनिक टीमें तीन जुलाई तक जागरुकता अभियान चलाएंगी और इसके बाद कार्रवाई शुरू होगी। हालांकि, इसे लेकर बाजार में आम दुकानदार एक ही बात कह रहा है कि पहले निर्माताओं पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, तभी बाजार से पॉलीथिन बंद होगी। जब तक माल ऊपर से आना नहीं रुकेगा, तब तक बाजार में कमी कैसे आएगी।
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केंद्र सरकार के निर्देशानुसार नगर निगम व प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम ने अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान तीन जुलाई तक चलेगा। जिसमें लोगों को पॉलीथिन उत्पाद प्रयोग न करने की अपील की जा रही है। हालांकि प्रतिबंध आज शुक्रवार से ही लागू होना है। ऐसे में बाजार में वह व्यापारी बेहद बेचैन है, जिसके गोदाम में कई-कई टन वह प्लास्टिक उत्पाद रखा है। आम व्यापारी भी परेशान है, जिसके दैनिक प्रयोग में काफी मात्रा में माल आता है। इस विषय में आम व्यापारियों की अपनी-अपनी राय है।
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- हम भी प्लास्टिक में सामान बेचना नहीं चाहते। मगर दिक्कत ये है कि उपभोक्ता सामान नहीं लेगा। ऐसे में दिक्त हमको होगी। इसका यही हल है कि पहले फैक्टरी बंद हो, तो सब ठीक। -मुनेश कुमार किराना स्टोर, किशनपुर
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- इस प्रयोग में कोई बुराई नहीं है। पहले भी ऐसे प्रयोग होते रहे हैं, मगर सफल नहीं हुए। कुछ दिन सिस्टम भाग दौड़ करता है। फिर उसी ढर्रे पर आ जाता है। हम प्रयोग बंद करने को तैयार हैं। मगर ऊपर से माल आना बंद हो। - राजेश कुमार, बड़ा बाजार, खिलौना विक्रेता
- मेरा तो 200 रुपये प्रतिदिन का लाभ होगा। हर ग्राहक पॉलीथिन आकर मांगता है। जब ऊपर से ही आना बंद हो जाएगा तो हम भी ग्राहक के समक्ष हाथ खड़े कर देंगे। - मोहित कुमार, सब्जी विक्रेता, दुबे पड़ाव
- पॉलीथिन के दुष्प्रभाव हैं। ये सभी जानते हैं। इसे बंद करने को लेकर समय समय पर अभियान चलते हैं, मगर सफल नहीं हो पाते। पहले फैक्टरी बंद करनी चाहिए। - देवेंद्र, किराना स्टोर, किशनपुर

2018 में चला था अभियान, नहीं चढ़ा परवान
प्रदेश सरकार के नियम के अनुसार 2018 में 40 माइक्रोन से कम क्षमता वाली पॉलीथिन के कैरीबैग प्रतिबंधित हुए थे। उस समय भी सिस्टम ने अभियान चलाया था। कहने को अपने शहर की तीन फैक्टरी बंद कर दी गईं, मगर आज भी माल बिक रहा है। इस दिशा में भी सिस्टम को ध्यान देना होगा कि यह माल कहां से आ रहा है। हालांकि अधिकारिक तौर पर व्यापारी बताते हैं कि इस माल की आपूर्ति विभिन्न माध्यमों से दिल्ली व गाजियाबाद से होती है। जब प्रतिबंधित है तो माल आ कैसे जाता है। बाजार में बिक कैसे रहा है। अगर शहर में भी माल बन रहा है तो उस पर किसी का ध्यान क्यों नहीं है।

मुनेश कुमार ।  दुकानदार किराना स्टोर

मुनेश कुमार । दुकानदार किराना स्टोर- फोटो : CITY OFFICE

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