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ऑक्सीजन न मिलने से एंबुलेंस में बच्चे की मौत
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Thu, 12 Oct 2017 01:54 AM IST
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जाम लगाते लोगों को समझाती पुलिस।
- फोटो : Amar Ujala
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एंबुलेंस से दिल्ली जा रहे बीमार बच्चे की बुधवार देर शाम रास्ते में आक्सीजन खत्म होने से मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने एंबुलेंस के शव लेकर गूलर रोड पहुंचने पर जमकर हंगामा काटा। सड़क पर जाम लगा दिया। वहीं, मोहल्ले के लोगों ने एंबुलेंस चालक से मारपीट कर दी। पब्लिक इस दौरान मुआवजे की मांग कर रही थी। बाद में खबर पाकर पहुंची थाना देहलीगेट पुलिस पीड़ित व एंबुलेंस चालक को थाने ले आई। देर रात तक दोनों पक्षों में समझौता के प्रयास चल रहे थे।
गूलर रोड निवासी सुनील कुमार पुत्र हुकुम सिंह एक प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी ममता ने चार अक्तूबर को एक नर्सिंग होम में बेटे को जन्म दिया था। जन्म के बाद से बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। नर्सिंग होम में ऑक्सीजन की सुविधा नहीं थी। इसलिए डॉक्टरों ने किसी सुविधा संपन्न नर्सिंग होम में बच्चे को भर्ती करने की सलाह परिजनों को दी। परिजनों ने बच्चे को रामघाट रोड के नर्सिंग होम भर्ती कराया, बुधवार को बच्चे की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई।
नर्सिंग होम संचालक ने उसे दिल्ली के पंत हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। बच्चे के पिता सुनील ने अपनी जान-पहचान के प्राइवेट एंबुलेंस चालक (क्रिश्चियन कॉलोनी निवासी) को बुला लिया। डॉक्टरों ने बच्चे को ऑक्सीजन आदि लगाकर दिल्ली रवाना कर दिया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस जैस ही गभाना क्षेत्र में पहुंची, तभी अचानक ऑक्सीजन खत्म हो गई। एंबुलेंस चालक ने नर्सिंग होम संचालक को ऑक्सीजन खत्म होने की खबर देकर सुझाव मांगा।
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इस पर वहां से गभाना के पास के एक नर्सिंग होम का नाम बताते हुए कहा गया कि वहां से ऑक्सीजन मिल सकती है। मगर, इससे पहले ही बच्चे की मौत हो गई। परिजन शव के साथ घर लौट आए। घर पर शव आते ही परिजनों व आसपास के लोगों ने एंबुलेंस घेरकर हंगामा करना शुरू कर दिया। मोहल्ले के लोग भी एकत्र हो गए। एंबुलेंस चालक से मारपीट तक हो गई। इस दौरान जाम लगाया गया और मुआवजे की मांग उठाई गई। आनन-फानन में पहुंची पुलिस दोनों पक्ष को थाने ले आई।
पीड़ित परिजनों ने ऑक्सीजन खत्म होने का आरोप लगाया है। वहीं, चालक का कहना है कि वाहन में डीजल खत्म हो गया था। इसी दौरान परिवार से रुपये मांगे गए तो वह बिफर गए। इसी दौरान बच्चे की मौत हो गई। एसओ देहली गेट अनुज कुमार के अनुसार वैसे तो दोनों पक्षों में समझौते की वार्ता चल रही है। फिर भी स्वास्थ्य अधिकारियों से जांच के लिए टीम मांगी गई है। अगर एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं होगी, तो कार्रवाई की जाएगी।
-पीड़ित परिवार लिखित में शिकायत करता है और उनका आरोप सही पाया गया, तो एंबुलेंस चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमओ
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गूलर रोड निवासी सुनील कुमार पुत्र हुकुम सिंह एक प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी ममता ने चार अक्तूबर को एक नर्सिंग होम में बेटे को जन्म दिया था। जन्म के बाद से बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। नर्सिंग होम में ऑक्सीजन की सुविधा नहीं थी। इसलिए डॉक्टरों ने किसी सुविधा संपन्न नर्सिंग होम में बच्चे को भर्ती करने की सलाह परिजनों को दी। परिजनों ने बच्चे को रामघाट रोड के नर्सिंग होम भर्ती कराया, बुधवार को बच्चे की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई।
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नर्सिंग होम संचालक ने उसे दिल्ली के पंत हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। बच्चे के पिता सुनील ने अपनी जान-पहचान के प्राइवेट एंबुलेंस चालक (क्रिश्चियन कॉलोनी निवासी) को बुला लिया। डॉक्टरों ने बच्चे को ऑक्सीजन आदि लगाकर दिल्ली रवाना कर दिया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस जैस ही गभाना क्षेत्र में पहुंची, तभी अचानक ऑक्सीजन खत्म हो गई। एंबुलेंस चालक ने नर्सिंग होम संचालक को ऑक्सीजन खत्म होने की खबर देकर सुझाव मांगा।
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इस पर वहां से गभाना के पास के एक नर्सिंग होम का नाम बताते हुए कहा गया कि वहां से ऑक्सीजन मिल सकती है। मगर, इससे पहले ही बच्चे की मौत हो गई। परिजन शव के साथ घर लौट आए। घर पर शव आते ही परिजनों व आसपास के लोगों ने एंबुलेंस घेरकर हंगामा करना शुरू कर दिया। मोहल्ले के लोग भी एकत्र हो गए। एंबुलेंस चालक से मारपीट तक हो गई। इस दौरान जाम लगाया गया और मुआवजे की मांग उठाई गई। आनन-फानन में पहुंची पुलिस दोनों पक्ष को थाने ले आई।
पीड़ित परिजनों ने ऑक्सीजन खत्म होने का आरोप लगाया है। वहीं, चालक का कहना है कि वाहन में डीजल खत्म हो गया था। इसी दौरान परिवार से रुपये मांगे गए तो वह बिफर गए। इसी दौरान बच्चे की मौत हो गई। एसओ देहली गेट अनुज कुमार के अनुसार वैसे तो दोनों पक्षों में समझौते की वार्ता चल रही है। फिर भी स्वास्थ्य अधिकारियों से जांच के लिए टीम मांगी गई है। अगर एंबुलेंस में ऑक्सीजन नहीं होगी, तो कार्रवाई की जाएगी।
-पीड़ित परिवार लिखित में शिकायत करता है और उनका आरोप सही पाया गया, तो एंबुलेंस चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमओ