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बाबू जी! करो आराम, मशीनें करेंगी सारा काम
आशीष निगम
Updated Wed, 04 May 2016 01:44 AM IST
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एसबीआई
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बैंकों की लंबी लाइन, लंच टाइम, साहब छुट्टी पर हैं और बाबुओं की झिक झिक से परेशान हैं तो ये आपके लिए बेहद काम की खबर है। ग्राहकों की इन गंभीर समस्याआें को खत्म करने और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर को कड़ी टक्कर देने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कम्प्यूटराइज्ड मशीनों का नया दौर शुरू किया है।
एसबीआई अपनी घंटाघर शाखा के ठीक बाहर एक हाईटैक ‘इन टच’ ब्रांच खोलने जा रही है। जिसमें पैसा जमा करने और निकालने की दो मशीनें, पास बुक प्रिंट करने की दो मशीनें और खाता खोलने, खाता बंद करने, एफडी कराने, आरडी कराने, लोन के लिए आवेदन देने सहित सभी काम करने वाले हाइटैक कम्प्यूटराइज्ड मशीनें लगाई जाएंगी। एटीएम की तर्ज पर इन मशीनों की टच स्क्रीन पर हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में बेहद साधारण दिशा निर्देश आते रहेंगे, जिनको पूरा करते हुए ग्राहक एक दो मिनट में ही अपना काम पूरा कर लेंगे।
ग्राहकों की मदद के लिए केवल एक आफीसर यहां मौजूद रहेगा। घंटाघर मेन ब्रांच में 90 हजार ग्राहकाें के ढ़ाई लाख से ज्यादा खातों का बोझ कम करने के लिए पहली ‘इन टच’ शाखा खोली जा रही है, जिसे 20 मई तक चालू करने का लक्ष्य है। रीजनल मैनेजर अशोक कुमार लोहमोड़ ने बताया कि अलीगढ़ में इतनी अत्याधुनिक शाखा खुलना बड़ी बात है, जबकि देश के कई बड़े शहरों में अभी तक ये शाखा नहीं है।
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किसी भी ग्राहक का काम करने में तीन मिनट जबकि ग्राहकों को इंतजार करने में 8 से 10 मिनट लग रहे हैं। पहले ये टाइम क्रमश: 7 मिनट और 20 मिनट का था। गूगल प्ले स्टोर पर नो क्यू एप डाउनलोड कर ग्राहक घर से ही टोकन ले सकते हैं। एडवांस टोकन सिस्टम डीएस कालेज, सिटी ब्रांच, देहलीगेट, एएमयू मेडिकल कालेज और घंटाघर शाखा में लगाया गया है। -अतुल कुमार जैन, उप प्रबंधक
इन टच शाखा में ग्राहक खुद ही अपने सारे काम करेंगे। उनकी मदद के लिए केवल एक आफीसर रहेगा। दिल्ली सर्किल में अलीगढ़ में खुल रही ये तीसरी हाइटैक ब्रांच होगी। घंटाघर शाखा के बाहर 20 मई तक इसकी सेवाएं देने का लक्ष्य है। - देवदत्त शर्मा, प्रबंधक मेन ब्रांच
मैंने टोकन नंबर 340 ठीक 12 बजे कर 11 मिनट 26 सेकेंड पर लिया है। 12.51 बज रहे हैं नंबर नहीं आया है। ये रोज का किस्सा है। घंटाघर शाखा में अगर सारा काम मशीनाें से हो तो ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी। ओमप्रकाश शर्मा, निवासी पुलिस लाइन
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एसबीआई अपनी घंटाघर शाखा के ठीक बाहर एक हाईटैक ‘इन टच’ ब्रांच खोलने जा रही है। जिसमें पैसा जमा करने और निकालने की दो मशीनें, पास बुक प्रिंट करने की दो मशीनें और खाता खोलने, खाता बंद करने, एफडी कराने, आरडी कराने, लोन के लिए आवेदन देने सहित सभी काम करने वाले हाइटैक कम्प्यूटराइज्ड मशीनें लगाई जाएंगी। एटीएम की तर्ज पर इन मशीनों की टच स्क्रीन पर हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में बेहद साधारण दिशा निर्देश आते रहेंगे, जिनको पूरा करते हुए ग्राहक एक दो मिनट में ही अपना काम पूरा कर लेंगे।
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ग्राहकों की मदद के लिए केवल एक आफीसर यहां मौजूद रहेगा। घंटाघर मेन ब्रांच में 90 हजार ग्राहकाें के ढ़ाई लाख से ज्यादा खातों का बोझ कम करने के लिए पहली ‘इन टच’ शाखा खोली जा रही है, जिसे 20 मई तक चालू करने का लक्ष्य है। रीजनल मैनेजर अशोक कुमार लोहमोड़ ने बताया कि अलीगढ़ में इतनी अत्याधुनिक शाखा खुलना बड़ी बात है, जबकि देश के कई बड़े शहरों में अभी तक ये शाखा नहीं है।
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किसी भी ग्राहक का काम करने में तीन मिनट जबकि ग्राहकों को इंतजार करने में 8 से 10 मिनट लग रहे हैं। पहले ये टाइम क्रमश: 7 मिनट और 20 मिनट का था। गूगल प्ले स्टोर पर नो क्यू एप डाउनलोड कर ग्राहक घर से ही टोकन ले सकते हैं। एडवांस टोकन सिस्टम डीएस कालेज, सिटी ब्रांच, देहलीगेट, एएमयू मेडिकल कालेज और घंटाघर शाखा में लगाया गया है। -अतुल कुमार जैन, उप प्रबंधक
इन टच शाखा में ग्राहक खुद ही अपने सारे काम करेंगे। उनकी मदद के लिए केवल एक आफीसर रहेगा। दिल्ली सर्किल में अलीगढ़ में खुल रही ये तीसरी हाइटैक ब्रांच होगी। घंटाघर शाखा के बाहर 20 मई तक इसकी सेवाएं देने का लक्ष्य है। - देवदत्त शर्मा, प्रबंधक मेन ब्रांच
मैंने टोकन नंबर 340 ठीक 12 बजे कर 11 मिनट 26 सेकेंड पर लिया है। 12.51 बज रहे हैं नंबर नहीं आया है। ये रोज का किस्सा है। घंटाघर शाखा में अगर सारा काम मशीनाें से हो तो ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी। ओमप्रकाश शर्मा, निवासी पुलिस लाइन