{"_id":"69cd878c8b5c26555a056d35","slug":"ayushman-arogya-mandir-will-soon-open-in-the-dilapidated-center-in-khair-aligarh-news-c-2-1-ald1025-942189-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: खैर में बदहाल केंद्र में जल्द खुलेगा आयुष्मान आरोग्य मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: खैर में बदहाल केंद्र में जल्द खुलेगा आयुष्मान आरोग्य मंदिर
विज्ञापन
अलीगढ़-पलवल मार्ग स्थित पुराने और बदहाल में स्वास्थ्य केंद्र भवन में जल्द ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर (शहरी स्वास्थ्य केंद्र) स्थापित किया जाएगा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. रोहित भाटी ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है, जिसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया है कि स्वीकृति मिलते ही केंद्र पर एक एमबीबीएस चिकित्सक, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट की तैनाती की जाएगी।
यह केंद्र प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक संचालित होगा, जहां मरीजों को सामान्य ओपीडी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवाएं समेत सभी प्राथमिक सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही भविष्य में प्रसव सुविधा शुरू करने की भी योजना है। केंद्र पर बेसिक जांच और निःशुल्क दवाओं की व्यवस्था भी होगी। वर्तमान में मरीजों को करीब दो किलोमीटर दूर कस्बे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों को पहुंचने में परेशानी होती है।
विज्ञापन
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. रोहित भाटी ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है, जिसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया है कि स्वीकृति मिलते ही केंद्र पर एक एमबीबीएस चिकित्सक, स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट की तैनाती की जाएगी।
यह केंद्र प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक संचालित होगा, जहां मरीजों को सामान्य ओपीडी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवाएं समेत सभी प्राथमिक सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही भविष्य में प्रसव सुविधा शुरू करने की भी योजना है। केंद्र पर बेसिक जांच और निःशुल्क दवाओं की व्यवस्था भी होगी। वर्तमान में मरीजों को करीब दो किलोमीटर दूर कस्बे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों को पहुंचने में परेशानी होती है।
विज्ञापन