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Ramlila In Aligarh: राम जन्म पर खुशी से झूमे अयोध्यावासी, बाल लीला को देख दर्शक मंत्रमुग्ध

Sun, 29 Sep 2024 08:27 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 29 Sep 2024 08:27 AM IST
सार

अग्नि देव प्रकट होकर राजा दशरथ को एक फल देते हैं और कहते हैं कि इसे तीनों रानियों में बराबर बांट देना। आशीर्वाद देते हैं कि उन्हें पुत्र की प्राप्ति होगी। इसके बाद चारों भाइयों का जन्म होता है। कुलगुरु वशिष्ठ जी द्वारा चारों पुत्रों का नामकरण राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के रूप में किया जाता है।

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Ayodhya residents rejoiced with joy on Ram birth in Ramlila
श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के जन्म पर बधाई देते कमेटी के पदाधिकारी - फोटो : संवाद

विस्तार

अयोध्या में राजा दशरथ के घर भगवान श्रीराम, भरत, लक्ष्मण एवं शत्रुघ्न ने जन्म लिया तो अयोध्या नगरी में उल्लास छा गया। नगरवासी खुशी से झूम उठे और बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। यह दृश्य 28 सितंबर को शहर के अचलताल स्थित रामलीला भवन में श्री रामलीला गोशाला कमेटी के तत्वावधान में हुई रामलीला मंचन के दौरान दिखाए गए।

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भगवान श्री रामचंद्र जी का अध्यक्ष विमल अग्रवाल, महेश अग्रवाल यूनिक ज्वेलर्स व अमित अग्रवाल ने पूजन कर लीला मंचन का शुभारंभ किया। कलाकारों ने दिखाया कि राजा दशरथ संतान न होने पर अपने कुलगुरु वशिष्ठजी से मिलकर दुख का वर्णन करते हैं। गुरु के कहने पर वह पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ करते हैं। अग्नि देव प्रकट होकर राजा दशरथ को एक फल देते हैं और कहते हैं कि इसे तीनों रानियों में बराबर बांट देना। आशीर्वाद देते हैं कि उन्हें पुत्र की प्राप्ति होगी।
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इसके बाद चारों भाइयों का जन्म होता है। कुलगुरु वशिष्ठ जी द्वारा चारों पुत्रों का नामकरण राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के रूप में किया जाता है। चारों भाई आश्रम में शिक्षा प्राप्त करने जाते हैं। यहां सभी विधाओं में पारंगत होकर वापस अयोध्या आते हैं। इसके बाद श्रीराम-लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए ऋषि विश्वामित्र मांगकर ले जाते हैं। भगवान श्रीराम राक्षसी ताड़का, मारीच और सुबाहु वध कर देते हैं। राजा जनक की तरफ से सीता के स्वयंवर का निमंत्रण विश्वामित्र के आश्रम में आता है।
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रामलीला
राम, लक्ष्मण को साथ लेकर विश्वामित्र जनकपुरी की ओर प्रस्थान करते हैं। ऋषि गौतम की पत्नी अहिल्या का उद्धार करते हैं और पत्थर की शिला सुंदर स्त्री बन जाती है। आयोजन में सचिव अरविंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष टीएन मित्तल, उपाध्यक्ष सुबोध सुहृदय, मीडिया प्रभारी गुजिंत वार्ष्णेय, संयोजक विक्रांत गर्ग, रिषभ गर्ग, अन्नू बीड़ी, संयम पाराशर आदि का सहयोग रहा।

आदर्श रामलीला महोत्सव में रावण, कुंभकरण, विभीषण का जन्म

नगला तिकोना में आदर्श रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में चल रही रामलीला में नारद मोह, रावण, कुंभकरण और विभीषण के जन्म के साथ ही रावण के तपस्या करने व ब्रह्माजी से वरदान लेकर अत्याचार करने की लीला का मंचन किया गया। आयोजन में कमेटी के अध्यक्ष हरी सिंह लोधी, मीडिया प्रभारी इंद्रपाल सिंह वर्मा एडवोकेट, विजय सिंह यादव, विष्णुशंकर सैनी, राजवीर सिंह, सत्यप्रकाश शर्मा, शिवदत्त बघेल, रवेंद्रपाल सिंह, सुरेश सैनी, श्याम बाबू, राजू सैनी आदि का सहयोग रहा। संवाद
रामलीला
श्रीराम की बाल लीलाओं को देख दर्शक मंत्रमुग्ध
जनहित सांस्कृतिक एवं धार्मिक सेवा समिति के तत्वावधान में श्री ग्यासीराम रामलीला महोत्सव में श्रीराम की बाल लीलाओं, ताड़का वध, सुबाहु वध, श्रीराम-मारीच संवाद व अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन हुआ। मुख्य अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष इंजी. राजीव शर्मा रहे। उन्होंने भगवान श्रीराम का पूजन किया। अध्यक्ष सुभाष वर्मा, उपाध्यक्ष सुभाष सविता, कोषाध्यक्ष जोगेंद्र वर्मा, सचिव सत्येंद्र राजपूत, मंच संचालक कुलदीप बघेल आदि थे। 

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