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अयोध्या मामले के फैसले से पहले रेड अलर्ट का रिहर्सल
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ईदगाह में शांति व्यावस्था को मजबूत करने के लिये दंगा नियंत्रण योजना की रेड़ स्क्रीम का अभ्यास कर?
- फोटो : CITY OFFICE
सुप्रीम कोर्ट से 17 नवंबर को प्रस्तावित अयोध्या के श्रीराम मंदिर के फैसले को लेकर जिला प्रशासन ने अतिसंवेदनशील श्रेणी में शुमार अलीगढ़ में सेक्टर स्कीम लगा दी गई है। अधिकारियों ने रविवार को अवकाश के दिन रेड अलर्ट का रिहर्सल किया। एसपी सिटी अभिषेक और एसपी क्राइम अरविंद के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें एसपी सिटी आफिस में एकत्र हुईं।
ये सभी टीमें तयशुदा वक्त में पूरी तैयारी के साथ चिह्नित हुए अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर पहुंची। जहां उक्त दोनों अधिकारियों ने इन टीमों की तैयारियों को परखा। अधिकारियों ने उनके हथियार, आंसू गैस, सुरक्षा जैकेट, पत्थरबाजों से निपटने की जैकेट और हेल्मेट सहित वाहनों की व्यवस्था चेक की। दंगा नियंत्रण वाहनों को भी घुमाया गया। उन वाहनों को भी चेक कराया गया है कि वो आखिर हकीकत में कितने असरदार हैं..? इस दौरान सीओ प्रथम विशाल पांडेय, सीओ अतरौली पंकज श्रीवास्तव, सीओ खैर संजीव दीक्षित, सीओ बरला देवी गुलाम ने सभी इंस्पेक्टरों के नेतृत्व में लगी टीमाें की व्यवस्थाओं को और दुरुस्त कराया।
इसके साथ ही खुफिया एजेंसियों ने रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर निगरानी बढ़ा दी है। एलआईयू अधिकारी और थानेदार अपने-अपने क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों के संपर्क में हैं। खुराफाती और विवादित लोगों की सूची तैयारी की गई है। किसी भी गड़बड़ी पर ऐसे लोगों को तत्काल में हिरासत में लिया जाएगा। इसी तरह से संवेदनशील मुद्दों पर बेवजह की अफवाह उड़ाने वालों को भी चिह्नित करने की तैयारी हो चुकी है, जिससे उनको रेड कार्ड जारी कर पहले से ही सचेत किया जा सके। गौर हो कि जिलाधिकारी के निर्देश पर शहर में सेक्टर स्कीम रविवार से प्रभावी हो गई है, जिसमें मजिस्ट्रेट लगा दिए गए हैं।
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रेलवे ट्रैक और ट्रेनाें की सुरक्षा पर नजर
अयोध्या के बहुचर्चित फैसले को लेकर रेलवे स्टेशन, ट्रेनें और ट्रैक की सुरक्षा बढ़ाने की कवायद भी शुरू हो गई है। रेलवे ट्रैक की दिन रात पेट्रोलिंग शुरू हो गई है। आम दिनों में पेट्रोलिंग रात में ज्यादा सख्त होती है। खुफिया एजेंसियों की राय में अभी तक पायलट इंजन चलवाने का प्रस्ताव नहीं है। जम्मू कश्मीर में आतंकी हमलों के मद्देनजर कई बार मुसाफिर ट्रेनों के आगे-आगे पायलट इंजन चलाए जाते रहे हैं, ताकि ट्रैक में कोई छेड़छाड़ होने पर पायलट इंजन पहले से ही आगाह कर सकें और ट्रेनों को सुरक्षित गुजारा जा सके। अगर खुफिया एजेंसियों की राय आयी तो यहां भी पायलट इंजन चलाए जा सकते हैं। इसी तरह से सार्वजनिक स्थलों पर एहतियातन सुरक्षा बढ़ाने की ताकीद की गई है। अभी जिला प्रशासन इन सभी सुझावों पर विचार कर रहा है।
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ये सभी टीमें तयशुदा वक्त में पूरी तैयारी के साथ चिह्नित हुए अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर पहुंची। जहां उक्त दोनों अधिकारियों ने इन टीमों की तैयारियों को परखा। अधिकारियों ने उनके हथियार, आंसू गैस, सुरक्षा जैकेट, पत्थरबाजों से निपटने की जैकेट और हेल्मेट सहित वाहनों की व्यवस्था चेक की। दंगा नियंत्रण वाहनों को भी घुमाया गया। उन वाहनों को भी चेक कराया गया है कि वो आखिर हकीकत में कितने असरदार हैं..? इस दौरान सीओ प्रथम विशाल पांडेय, सीओ अतरौली पंकज श्रीवास्तव, सीओ खैर संजीव दीक्षित, सीओ बरला देवी गुलाम ने सभी इंस्पेक्टरों के नेतृत्व में लगी टीमाें की व्यवस्थाओं को और दुरुस्त कराया।
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इसके साथ ही खुफिया एजेंसियों ने रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर निगरानी बढ़ा दी है। एलआईयू अधिकारी और थानेदार अपने-अपने क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों के संपर्क में हैं। खुराफाती और विवादित लोगों की सूची तैयारी की गई है। किसी भी गड़बड़ी पर ऐसे लोगों को तत्काल में हिरासत में लिया जाएगा। इसी तरह से संवेदनशील मुद्दों पर बेवजह की अफवाह उड़ाने वालों को भी चिह्नित करने की तैयारी हो चुकी है, जिससे उनको रेड कार्ड जारी कर पहले से ही सचेत किया जा सके। गौर हो कि जिलाधिकारी के निर्देश पर शहर में सेक्टर स्कीम रविवार से प्रभावी हो गई है, जिसमें मजिस्ट्रेट लगा दिए गए हैं।
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रेलवे ट्रैक और ट्रेनाें की सुरक्षा पर नजर
अयोध्या के बहुचर्चित फैसले को लेकर रेलवे स्टेशन, ट्रेनें और ट्रैक की सुरक्षा बढ़ाने की कवायद भी शुरू हो गई है। रेलवे ट्रैक की दिन रात पेट्रोलिंग शुरू हो गई है। आम दिनों में पेट्रोलिंग रात में ज्यादा सख्त होती है। खुफिया एजेंसियों की राय में अभी तक पायलट इंजन चलवाने का प्रस्ताव नहीं है। जम्मू कश्मीर में आतंकी हमलों के मद्देनजर कई बार मुसाफिर ट्रेनों के आगे-आगे पायलट इंजन चलाए जाते रहे हैं, ताकि ट्रैक में कोई छेड़छाड़ होने पर पायलट इंजन पहले से ही आगाह कर सकें और ट्रेनों को सुरक्षित गुजारा जा सके। अगर खुफिया एजेंसियों की राय आयी तो यहां भी पायलट इंजन चलाए जा सकते हैं। इसी तरह से सार्वजनिक स्थलों पर एहतियातन सुरक्षा बढ़ाने की ताकीद की गई है। अभी जिला प्रशासन इन सभी सुझावों पर विचार कर रहा है।