स्वास्थ्य महकमे की नाक के नीचे: पैथोलॉजी जांच के लिए अधिकृत हैं 20 लैब है, चल रही हैं 1000 से ज्यादा
ऐसा नहीं है कि जिले में बिना पंजीकरण के चल रहे पैथोलॉजी लैब के बारे में स्वास्थ्य महकमे को जानकारी नहीं है। बावजूद इसके कार्रवाई करने में उदासीनता बरती जा रही है। यह बात खुद स्वास्थ्य अफसर स्वीकार करते हैं, जब शिकायत मिलती है, तो कार्रवाई की जाती है।
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स्वास्थ्य महकमे की नाक के नीचे सैकड़ों पैथोलॉजी बिना पंजीकरण के संचालित हो रही हैं। अलीगढ़ शहर में 20 लैब पैथोलॉजी जांच के लिए अधिकृत हैं जबकि चल रही हैं 1000 से ऊपर। अब जरा सोचिए कि कितने बड़े पैमाने पर गोलमाल हो रहा है।
शहर और देहात में गली- मोहल्लों में बिना पंजीकरण के पैथोलॉजी की दुकानें सजी मिल जाएंगी। बड़े-बड़े बोर्ड लगे हैं, जिन पर मधुमेह, रक्त एलएफटी, केएफटी, डेंगू, मलेरिया की जांच होने का जिक्र है। ऐसा नहीं है कि जिले में बिना पंजीकरण के चल रहे पैथोलॉजी लैब के बारे में स्वास्थ्य महकमे को जानकारी नहीं है। बावजूद इसके कार्रवाई करने में उदासीनता बरती जा रही है। यह बात खुद स्वास्थ्य अफसर स्वीकार करते हैं, जब शिकायत मिलती है, तो कार्रवाई की जाती है।
इन अपंजीकृत लैब में पूरी तरह से मानकों की अनदेखी की जा रही है। लैब में डिग्रीधारक और प्रशिक्षित तकनीशियन नहीं होते हैं और न ही एमडी पैथोलाजिस्ट होते हैं। ऐसे में जांच रिपोर्ट को लेकर लोगों के मन में संदेह रहता है कि उनकी रिपोर्ट गलत है या सही। इसलिए वह दो-तीन लैब में जांच कराते हैं, जहां रिपोर्ट में भिन्नता आने पर वह मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं।
पैथोलाॅजी लैब संचालन के मानक
- लैब भवन का नक्शा पास हो
- स्वास्थ्य सुविधा पंजीकरण हो
- हर चिकित्सक का योग्यता प्रमाण पत्र
- उप्र मेडिकल काउंसिल से पंजीकरण
- प्रदूषण विभाग से पंजीकरण
- अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र
- एमडी पैथोलाजिस्ट
जिले में 20 लैब पंजीकृत हैं। जिले में संचालित बिना पंजीकरण लैब पर समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। विभाग को शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा।-डॉ. दिनेश खत्री, एसीएमओ
जिले में 20 पैथोलॉजिस्ट हैं, लेकिन शहर के लेकर देहात तक हजारों की संख्या बिना पंजीकरण और प्रशिक्षित स्टॉफ के लैब संचालित हैं। ऐसे में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग केवल शिकायत आने पर ही कार्रवाई करता है।-डॉ. भरत वार्ष्णेय, एमडी पैथोलॉजिस्ट