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एटीएस फिर पहुंची मकदूम नगर, खंगाला रोहिंग्या का ब्योरा

Tue, 22 Jun 2021 12:40 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 12:40 AM IST
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ATS again reached Makdoom Nagar, details of Rohingya reconstructed
अवैध रूप से भारत में घुसकर नकली दस्तावेजों के सहारे अलीगढ़ में रह रहे रोहिंग्या रफीक-आमीन की गिरफ्तारी के बाद जांच पड़ताल जारी है। सोना व महिला तस्करी से जुड़े सुराग तलाशना इस जांच का अहम हिस्सा है। इसी कड़ी में सोमवार को लखनऊ से एटीएस फिर यहां पहुंची और घंटों मकदूम नगर इलाके में रहकर दोनों रोहिंग्या के विषय में ब्योरा संकलित किया। इस दौरान सबसे अधिक समय मकान मालिक से पूछताछ पर बिताया। इस दौरान लखनऊ में दर्ज हुए मुकदमे के विवेचक भी साथ मौजूद रहे। उन्होंने भी नक्शा आदि बनाकर मुकदमे के संबंध में बारीक जानकारियां जुटाईं।
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एटीएस ने बुधवार को मकदूम नगर से रफीक व आमीन को गिरफ्तार किया है। उसके बाद वे जेल भेज दिए गए। अब वे पांच दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड पर हैं। इन दिनों उनसे पूछताछ चल रही है। साथ में मेरठ से भी चार लोग दबोचे गए हैं। इन दोनों ग्रुपों के जरिये सोना व महिला तस्करी के विषय में इनपुट मिला है, जिस पर गहराई से जांच कराई जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को एटीएस की लखनऊ यूनिट से कुछ सदस्य यहां मकदूम नगर पहुंचे और उन्होंने इन दोनों के अलावा अन्य तमाम लोगों के विषय में जानकारी जुटाई। इस दौरान उस मकान मालिक से घंटों तक बातचीत की गई, जिसके यहां रफीक व आमीन परिवारों के साथ रह रहे हैं। साथ में विवेचक ने भी अपना नक्शा आदि बनाने का काम पूरा किया।
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इन अहम सवालों पर पूछे जवाब
सवाल जवाब में मुख्य बिंदु थे कि कब से रह रहे हैं। किसके कहने पर इन्हें किराये पर रखा गया। किराये पर रखते समय किसी तरह के कागज आदि लिए थे या नहीं। अवैध रूप से आए विदेशी को क्यों किस मंशा से किराये पर रखा गया। इनसे मिलने कौन-कौन लोग, कब कब आते रहे हैं। ये कहां जाते रहे हैं। क्या काम करना बताते हैं। किन लोगों से इनका ज्यादा घुलना मिलना है। ये पंजाब गए तो क्या कहकर गए थे। इनका रहन सहन कैसा है। आय के अनुसार खर्चों का क्या हिसाब किताब है। सोना या महिला तस्करी को लेकर क्या जानकारियां यहां लोगों के पास हैं। इसके अलावा फरार बिलाल के विषय में भी इनपुट जुटाने का प्रयास किया गया।
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कितने रोहिंग्या अवैध रूप से रह रहे
इन दोनों गिरफ्तारियों के बाद एटीएस की एक टीम को अब यह इनपुट जुटाने के लिए लगाया गया है कि आखिर यहां अभी कितने रोहिंग्या और अवैध रूप से, बिना सही दस्तावेज, बिना वर्क परमिट आदि के रह रहे हैं। इसे लेकर साफ किया जा रहा है कि अगर कोई उनके विषय में जानकारी छिपाएगा तो उस पर भी कार्रवाई होगी। इसके बाद मकान स्वामी अब किरायेदार रोहिंग्या को अपने यहां से खाली करने का दबाव बना रहे हैं। ताकि वे किसी झमेले में न फंसें। इतना ही नहीं रफीक व आमीन के परिवार को भी मकान स्वामी मुबारक ने मकान खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है।

धर्मांतरण रैकेट पर अलीगढ़ में भी काम कर रही एटीएस
गोपनीय ढंग से रैकेट से जुड़े सुराग तलाशने में जुटी टीमें
यूपी एटीएस द्वारा नोएडा से नौकरी व धन आदि का लालच देकर धर्मांतरण कराने वाले रैकेट के दो लोग दबोचे गए हैं। उन्होंने कई मूक बधिर व मजबूर लोगों का धर्मांतरण कराना स्वीकारा है। चूंकि यहां ऐसे संगठनों के लोगों के सक्रिय रहने के इनपुट मिलते रहे हैं और यहां ऐसे लोगों को आसानी से पनाह मिलने का अंदेशा है। इसी मंशा से एटीएस टीम इस रैकेट के अलीगढ़ से जुड़े तारों पर काम कर रही है। गोपनीय ढंग से जानने का प्रयास किया जा रहा है कि अलीगढ़ में किन लोगों से उनके संपर्क रहे हैं। इसमें सर्विलांस आदि की मदद भी ली जा रही है। साथ में यहां से उनके पास जाने वालों या कभी उनके अलीगढ़ आने के विषय में ब्योरा जुटाया जा रहा है। ताकि यहां कोई पीड़ित सामने आए तो उससे जोड़कर भी इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि यहां उनके नेटवर्क का एजेंट तो सक्रिय नहीं है।
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