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AMU: एएमयू में छात्रावास आवंटन में भेदभाव के आरोप पर बोली इंतजामिया, सभी आरोप निराधार
Thu, 30 Mar 2023 09:08 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 30 Mar 2023 09:08 AM IST
सार
एएमयू के कुछ छात्रों ने इंतजामिया पर आरोप लगाए थे कि हॉल में कमरे आवंटन को लेकर हिंदू छात्रों से भेदभाव किया जा रहा है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने जांच के बाद अपना पक्ष प्रस्तुत कर सभी आरोपों का निराधार करार दिया।
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एएमयू विश्वविद्यालय
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
कतिपय मीडिया स्रोतो में समुदाय विशेष के छात्रों के उत्पीड़न सम्बन्धी समाचार का संज्ञान लेते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय द्वारा उन छात्रों से वार्ता तथा स्थलीय निरीक्षण के पश्चात उक्त समाचार का निराधार होना पाया गया है। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों जैसे डीन, स्टूडैन्ट्स वैलफेयर तथा प्रोवोस्ट, मोहम्मद हबीब हाल द्वारा प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए मौके पर गहनता से तथ्यात्मक जांच की गई, तो यह सामने सब खुलकर आया।
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प्रकरण विश्वविद्यालय के एक आवासीय हाल मोहम्मद हबीब हाल से सम्बन्धित है, जहां मुख्य रूप से कृषि विज्ञान संकाय के छात्रों को छात्रावास आवंटित किया जाता है। आवेदकों, इच्छुक छात्रों की संख्या उपलब्ध कमरों से अधिक होने के कारण एक प्रतिक्षा सूची बनायी जाती है जिसमें वरिष्ठता के क्रम में स्थान उपलब्ध होने पर आवंटन किया जाता है। वर्तमान में मोहम्मद हबीब हाल में 261 छात्रों की प्रतिक्षा सूची है जिसमें वर्ष 2019-2020 के छात्र भी सम्मिलित हैं। ऐसी परिस्थिति में शिकायत कर्ता छात्रों (जिनका प्रवेश 2022-23 में हुआ है) को क्रम में आने पर ही आवंटन हो सकता है। इसमें किसी भी आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता है।
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प्रकरण से संबन्धित छात्रों द्वारा जिस सिक्योरिटी गार्ड के कमरे में रहने की बात बताई गई है वह उन्हें आवंटित नहीं हैं। न ही इसका आवंटन किया जाता है। बल्कि छात्रों के निरंतर व्यक्तिगत अनुरोध पर मोहम्मद हबीब हाल प्रबंधन द्वारा उन्हें वहां रहने की अनुमति दी गयी है। ज्ञात हो कि इन छात्रों से वरिष्ठता सूची में ऊपर छात्रों को भी अभी तक उपलब्धता न होने के कारण रूम आवंटित नहीं हो पाया है। केवल मानवीय आधार पर उन्हें वहां रहने की अनुमति दी गयी थी। आज विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनकी स्थिति का संज्ञान लेते हुए तत्काल पंखा आदि की व्यवस्था कर दी गयी है।
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प्रभावित छात्रों द्वारा डीन, स्टूडैन्ट वैलफेयर तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया गया है जिनका किसी वर्ग अथवा समुदाय से नहीं अपितु हॉस्टल में उपलब्ध स्थानों से अधिक वेटिंग लिस्ट में छात्रों की संख्या होने से है। जहां तक छात्रों का यह कहना कि प्रतिक्षा सूची में उनसे कनिष्ठ छात्रों को आवंटन कर दिया गया है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वार्ता के क्रम में छात्रों द्वारा बताया गया कि उनके किसी सहपाठी के साथ सर्पदंश की घटना नहीं हुई है तथा समाचार में इसे बढ़ा कर लिखा गया है। इस तथ्य की पुष्टि विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज से भी की गई है जहां विगत दो माह में किसी भी छात्र को सर्पदंश-उपचार हेतु नहीं लाया गया।
जहां तक हॉस्टल शुल्क की बात समाचारों में प्रकाशित की गई है, यह शुल्क शैक्षणिक तथा हॉस्टल दोनों का समावेश है तथा सम्बन्धित कोर्स के सभी छात्रों (जो हॉस्टल में रहना चाहते हैं) के लिये समान रूप से देय है। विश्वविद्यालय द्वारा संबन्धित छात्रों से वार्ता कर उनके पक्ष को आज सुना गया है और आश्वस्त किया गया है कि यदि उनकी कोई भी समस्या होगी तो उसका नियमानुसार निराकरण कराया जायेगा। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सभी छात्रों के कल्याण के लिये समान रूप से प्रतिबद्व है।