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अपराजिताः पक्षियों का चहचहाना, बच्चियों का मुस्कराना बना रहे

Tue, 10 Dec 2019 02:27 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2019 02:27 AM IST
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Aparajita Amar Ujala Aligarh
अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल के तहत सोमवार को शेखा झील पर पुलिस, शहर के प्रबुद्ध जन और एएमयू के वाइल्ड लाइफ साइंस विभाग के साथ संयुक्त रूप से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को स्वयं को सुरक्षित करने और संकट के समय सहायता हासिल करने के संबंध में बताया गया।
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कार्यक्रम में एएमयू के भूगर्भ विज्ञान विभाग के पूर्व चेयरमैन डॉ. लियाकत के राव ने कहा कि जिस तरह पक्षी खतरे की हल्की सी आहट को बेहद संवेदनशीलता से भांप लेते हैं, उसी तरह महिलाओं और युवतियों को भी अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहना चाहिए। पर्यावरणविद् सुबोध नंदन शर्मा ने कहा कि शेखा झील के संरक्षण की जरूरत है और यह काम यहां पर निर्माण करके नहीं बल्कि यहां का संरक्षण करके किया जा सकता है।
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अकराबाद थाने की सब इंस्पेक्टर सीमा सिंह ने कहा कि माता-पिता को भी बच्चियों के साथ मिलनसार व्यवहार रखने की जरूरत है। ऐसा व्यवहार नहीं करें कि प्रत्येक बात में उनकी बेटी ही जिम्मेदार है। उन्होंने इस संबंध में एक प्रकरण का भी जिक्र किया। मदर्स टच स्कूल की निदेशक आरती मित्तल ने कहा कि महिलाओं को असहज परिस्थितियों की हल्की सी भी भनक लगने पर पुलिस और अन्य प्रकार से सहायता लेने में हिचकना नहीं चाहिए। ज्ञानेंद्र मिश्रा ने शिक्षा के माध्यम से महिलाओं को अपनी स्थिति सुधारने पर बल दिया। इस अवसर पर पक्षी प्रेमी विराग शर्मा, सब इंस्पेक्टर गीता सिंह, डिप्टी रेंजर इंद्रजीत सिंह, कल्पना सिंह, सुनीता कुमारी, पूजा कुमारी, श्याम सिंह, अजित प्रताप सिंह, इशाक मोहम्मद, रघुवीर सिंह, शारदा देवी आदि मौजूद थे।
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शेखा झील के संरक्षण का मुद्दा भी उठा
अमर उजाला 100 मिलियन स्माइल के तहत शेखा झील पर हुए कार्यक्रम में झील के संरक्षण का मुद्दा भी उठा। एएमयू के प्रॉक्टर और वाइल्ड लाइफ साइंस विभाग के डॉ. अफीफउल्लाह ने कहा कि झील के संरक्षण का सबसे अच्छा तरीका यह है कि झील के पानी से जलकुंभी (वाटर हायासिंथ) को हटाया जाए और यहां पर पानी की सतह को साफ रखा जाए, क्योंकि ऊपर उड़ते पक्षी की नजर से देखने पर पानी दिखना चाहिए। जलकुंभी के फैल जाने से वह घास का मैदान दिखाई देता है।

जिला वन अधिकारी एनके उपाध्याय ने कहा कि झील पर तैनात स्टाफ को वेतन देने में समस्या आ रही है, क्योंकि यहां पर जो प्रवेेश शुल्क है, वह राजस्व में चला जाता है। इस पर डॉ. अफीफउल्लाह ने सारस संरक्षण मद से स्टाफ का वेतन देने का सुझाव दिया, क्योंकि यहां सारस पाए जाते हैं। इस अवसर पर वाइल्ड लाइफ साइंस विभाग की टीम और छात्र भी उपकरणों सहित पहुंचे। उन्होंने पक्षियों की स्थिति का अध्ययन भी किया।

अमर उजाला द्वारा आयोजित अपराजिता के कार्यक्रम बेटियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा करते लोग।

अमर उजाला द्वारा आयोजित अपराजिता के कार्यक्रम बेटियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा करते लोग।- फोटो : CITY OFFICE

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