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AMU: जम्मू-कश्मीर न्यायिक सेवा परीक्षा में विवि छात्रा तस्नीम ने किया टॉप, पहले प्रयास में ऐसे पाई सफलता
Fri, 05 Apr 2024 04:01 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 05 Apr 2024 04:01 AM IST
सार
तस्नीम ने वर्ष 2014 में मैट्रिक की परीक्षा जम्मू-कश्मीर बोर्ड से 96.2 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। वर्ष 2016 में 12वीं की परीक्षा में 95 फीसदी अंक प्राप्त किए। तस्नीम ने वर्ष 2017 में एएमयू में बीएएलएलबी में दाखिला लिया था। दाखिले के लिए हुई प्रवेश परीक्षा में तस्नीम ने टॉप किया था।
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तस्नीम काऊस
- फोटो : स्वंय
विस्तार
जम्मू-कश्मीर न्यायिक सेवा परीक्षा में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की एलएलएम अंतिम वर्ष की छात्रा तस्नीम काऊस ने पहले प्रयास में टॉप किया है। उमैर कॉलोनी, मोहल्ला हमजा लाल बाजार श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर निवासी तस्नीम जुनैद अहमद काऊस व अस्मत काऊस की बेटी हैं। तस्नीम ने वर्ष 2014 में मैट्रिक की परीक्षा जम्मू-कश्मीर बोर्ड से 96.2 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। वर्ष 2016 में 12वीं की परीक्षा में 95 फीसदी अंक प्राप्त किए।
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तस्नीम ने वर्ष 2017 में एएमयू में बीएएलएलबी में दाखिला लिया था। दाखिले के लिए हुई प्रवेश परीक्षा में तस्नीम ने टॉप किया था। विधि विभाग के प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि तस्नीम ने जम्मू-कश्मीर न्यायिक सेवा परीक्षा में टॉप किया है, जो विभाग के लिए एक स्वर्णिम उपलब्धि है। विभाग के शिक्षकों ने तस्नीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
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विधि विभाग की रैंकिंग में आई गिरावट
आईआईआरएफ (इंडियन इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क) की रैंकिंग में एएमयू का विधि विभाग देश के संस्थानों के टॉप टेन से बाहर हो गया।
आईआईआरएफ की वेबसाइट के अनुसार, वर्ष 2023 में एएमयू का विधि संकाय 10वें स्थान पर था, जबकि वर्ष 2024 में 11वें स्थान पर पहुंच गया। आईआईआरएफ हर साल पांच मापदंडों के आधार पर संस्थानों का मूल्यांकन करता है। इसमें रोजगार क्षमता, शिक्षण-सीखने के संसाधन, संकाय, बुनियादी ढांचा, प्रोजेक्ट और केस स्टडी जैसे मापदंड शामिल रहते हैं।
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