{"_id":"5fda645f8ebc3e40fa4be1ba","slug":"amu-student-leader-apposes-modi-s-program-city-office-news-ali2513131185","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू छात्र नेता मोदी के कार्यक्रम के विरोध में उतरे, काले झंडे दिखाने का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू छात्र नेता मोदी के कार्यक्रम के विरोध में उतरे, काले झंडे दिखाने का एलान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह कार्यक्रम में 22 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऑनलाइन संबोधित किए जाने के कार्यक्रम का छात्र नेताओं ने विरोध करना शुरू कर दिया है। साथ ही काले झंडे दिखाए जाने का एलान किया है।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने कहा है कि गुजरात में हुए मुसलमानों के कत्लेआम का खून का दाग नरेंद्र मोदी के दामन पर हमेशा रहेगा। नरेंद्र मोदी का दामन मुसलमानों के खून से रंगा हुआ है । मोदी की मौजूदगी किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कुलपति इसमें अपना व्यक्तिगत फायदा देख रहे हैं तो वह उनको मैरिस रोड स्थित अपने आवास पर बुला लें। वह अपने हितों के लिए एक ऐसे आदमी का ऑनलाइन कार्यक्रम करना चाहते हैं जो मुसलमानों का हितैषी नहीं है। इस कार्यक्रम के चलते अगर विश्वविद्यालय का माहौल खराब हुआ तो इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
अगर बात कुछ देने की है तो पहले विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक स्वरूप वापस दिलवाया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो ऑनलाइन कार्यक्रम जिस स्थान पर होगा वहां पर काले झंडे दिखाए जाएंगे। वहीं एएमयू के ही दूसरे छात्र नेता ठा.अजय सिंह ने इस बात पर हर्ष जताया है कि देश के प्रधानमंत्री ऑनलाइन इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। उन्होंने एएमयू कुलपति के इस प्रयास की सराहना की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने कहा है कि गुजरात में हुए मुसलमानों के कत्लेआम का खून का दाग नरेंद्र मोदी के दामन पर हमेशा रहेगा। नरेंद्र मोदी का दामन मुसलमानों के खून से रंगा हुआ है । मोदी की मौजूदगी किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कुलपति इसमें अपना व्यक्तिगत फायदा देख रहे हैं तो वह उनको मैरिस रोड स्थित अपने आवास पर बुला लें। वह अपने हितों के लिए एक ऐसे आदमी का ऑनलाइन कार्यक्रम करना चाहते हैं जो मुसलमानों का हितैषी नहीं है। इस कार्यक्रम के चलते अगर विश्वविद्यालय का माहौल खराब हुआ तो इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
अगर बात कुछ देने की है तो पहले विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक स्वरूप वापस दिलवाया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो ऑनलाइन कार्यक्रम जिस स्थान पर होगा वहां पर काले झंडे दिखाए जाएंगे। वहीं एएमयू के ही दूसरे छात्र नेता ठा.अजय सिंह ने इस बात पर हर्ष जताया है कि देश के प्रधानमंत्री ऑनलाइन इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। उन्होंने एएमयू कुलपति के इस प्रयास की सराहना की है।
विज्ञापन